जिला पार्षद को डिटेन करने पहुंची पुलिस, ग्रामीणों ने घेरा, दिल्ली कूच से पहले सख्ती
रोहतक के कबूलपुर गांव में जिला पार्षद को डिटेन करने पहुंची पुलिस का ग्रामीणों ने विरोध किया। दिल्ली प्रदर्शन से पहले कई नेताओं पर कार्रवाई और टोल पर चेकिंग हुई।
रोहतक के गांव कबूलपुर में जिला पार्षद को डिटेन करने पहुंची पुलिस को ग्रामीणों ने घर के अंदर बैठाया, SHO को बंधक बनाने की खबर
➤ दिल्ली में प्रदर्शन से पहले कांग्रेस विधायक समेत कई नेताओं को हाउस अरेस्ट करने की सूचना, टोल पर भी पुलिस की चेकिंग
➤ जिला पार्षद जयदेव डागर के घर सुबह पहुंची पुलिस, ग्रामीणों और पुलिसकर्मियों के बीच हुई नोकझोंक
रोहतक। दिल्ली में 10 अक्टूबर को प्रस्तावित प्रदर्शन से पहले हरियाणा के रोहतक में पुलिस की कार्रवाई और ग्रामीणों के विरोध का मामला सामने आया है। जिला पार्षद जयदेव डागर को डिटेन करने के लिए पुलिस की टीम गांव रिटोली कबूलपुर पहुंची थी। इसकी सूचना मिलने पर बड़ी संख्या में ग्रामीण उनके घर पहुंच गए। इसके बाद ग्रामीणों और पुलिसकर्मियों के बीच नोकझोंक हुई और ग्रामीणों ने पुलिसकर्मियों को घर के अंदर ही बैठा लिया। इस घटनाक्रम के बीच पुलिस को बंधक बनाए जाने की खबर सामने आई है।
मामला दिल्ली में होने वाले प्रदर्शन में शामिल होने जा रहे लोगों को रोकने के लिए की जा रही पुलिस कार्रवाई से जुड़ा है। रिपोर्टों के अनुसार, रोहतक में कई नेताओं को हाउस अरेस्ट किया गया है, जबकि दिल्ली जाने वाले वाहनों की रोहद टोल पर जांच की जा रही है। पुलिस युवाओं को रोककर वापस भेज रही है। इस घटनाक्रम ने जिले में पुलिस और प्रदर्शन में शामिल होने की तैयारी कर रहे लोगों के बीच तनाव की स्थिति पैदा कर दी है।
जिला पार्षद को डिटेन करने पहुंची थी पुलिस
जानकारी के अनुसार, रोहतक पुलिस शनिवार सुबह करीब 6 बजे गांव रिटोली कबूलपुर में जिला पार्षद जयदेव डागर को डिटेन करने पहुंची थी। पुलिस की इस कार्रवाई की सूचना मिलते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण उनके घर पर इकट्ठा हो गए। ग्रामीणों ने पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाए और पुलिसकर्मियों को घर के अंदर बैठा लिया।
इस दौरान ग्रामीणों और पुलिस के बीच तीखी बहस हुई। ग्रामीणों ने पुलिस से पूछा कि उन्हें हिरासत में लेने के लिए किस आधार पर कार्रवाई की जा रही है। एक रिपोर्ट के मुताबिक, ग्रामीणों ने कहा कि जब तक वरिष्ठ अधिकारी मौके पर आकर कार्रवाई का कारण स्पष्ट नहीं करेंगे, तब तक पुलिसकर्मियों को जाने नहीं दिया जाएगा।
दिल्ली में प्रदर्शन से पहले कई नेताओं पर कार्रवाई
दिल्ली में प्रस्तावित प्रदर्शन को देखते हुए रोहतक में पुलिस ने सुरक्षा और निगरानी बढ़ा दी है। रिपोर्ट के अनुसार, गांव सिसरौली में किसान नेत्री मोनिका नैन को सुबह करीब 5:30 बजे पुलिस ने हाउस अरेस्ट किया। वहीं, इंडियन नेशनल लोकदल के पूर्व जिला अध्यक्ष बल्लू प्रधान को भी आईएमटी पुलिस ने हाउस अरेस्ट किया।
इसके अलावा, दिल्ली जाने वाले रास्तों पर पुलिस की निगरानी बढ़ाई गई है। रोहद टोल पर वाहनों को रोककर जांच की जा रही है और प्रदर्शन में शामिल होने के लिए दिल्ली जा रहे युवाओं को वापस भेजा जा रहा है।
पुलिस की कार्रवाई पर ग्रामीणों ने उठाए सवाल
गांव में हुए घटनाक्रम के दौरान ग्रामीणों ने पुलिस से कार्रवाई का आधार स्पष्ट करने की मांग की। सामने आई रिपोर्ट के अनुसार, ग्रामीणों का कहना था कि पुलिस उन्हें दिल्ली में होने वाले प्रदर्शन में शामिल होने से रोकने के लिए हिरासत में लेने पहुंची थी। उन्होंने सवाल उठाया कि आखिर किस नोटिस या आदेश के आधार पर यह कार्रवाई की जा रही है।
इस दौरान पुलिसकर्मियों और ग्रामीणों के बीच बहस होती रही। ग्रामीणों ने वरिष्ठ अधिकारियों के मौके पर पहुंचकर जवाब देने तक पुलिसकर्मियों को रोकने की बात कही। घटना के वीडियो सामने आने के बाद यह मामला चर्चा में आ गया।
रोहद टोल पर भी पुलिस की निगरानी
दिल्ली में प्रदर्शन को देखते हुए रोहतक पुलिस ने रोहद टोल पर भी निगरानी बढ़ाई। यहां दिल्ली जाने वाले वाहनों को रोककर जांच की गई। प्रदर्शन में शामिल होने के लिए जा रहे युवाओं को वापस लौटाया जा रहा था। प्रशासन की ओर से जिले में कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए निगरानी और सुरक्षा व्यवस्था सख्त किए जाने की जानकारी सामने आई है।
किसान नेत्री और इनेलो के पूर्व जिला अध्यक्ष भी हाउस अरेस्ट
रिपोर्टों के मुताबिक, गांव सिसरौली निवासी किसान नेत्री मोनिका नैन को सुबह करीब 5:30 बजे पुलिस ने हाउस अरेस्ट किया। वहीं, इनेलो के पूर्व जिला अध्यक्ष बल्लू प्रधान को आईएमटी पुलिस ने हाउस अरेस्ट किया। दिल्ली में प्रस्तावित प्रदर्शन से पहले अन्य नेताओं और प्रदर्शन से जुड़े लोगों के घरों पर भी पुलिस की गतिविधियां देखी गईं।
नोट: उपलब्ध रिपोर्टों में कांग्रेस विधायक के हाउस अरेस्ट और युवक को बाथरूम से पकड़े जाने के दावे की स्वतंत्र पुष्टि नहीं मिली है। इसलिए इन दोनों बिंदुओं को खबर में पुष्ट तथ्य के रूप में शामिल नहीं किया गया है।
Akhil Mahajan