हरियाणा के 5 जिलों में बारिश का अलर्ट! 15 अक्टूबर तक मौसम बदला रहेगा
हरियाणा के पांच जिलों में बारिश का अलर्ट जारी हुआ। तापमान 2.3 डिग्री गिरा। 12 से 15 अक्टूबर तक तेज हवाओं, बिजली और बारिश के आसार हैं।
हरियाणा के 5 जिलों में बारिश, पंचकूला में काली घटाओं से दिन में छाया अंधेरा
➤ अधिकतम तापमान में 2.3 डिग्री सेल्सियस की गिरावट, हिसार के बालसमंद में 34.7 डिग्री दर्ज
➤ 12 अक्टूबर से 40-50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चलेंगी हवाएं, 15 अक्टूबर तक बारिश के आसार
हरियाणा में रविवार को मौसम ने फिर करवट ली। सुबह फतेहाबाद और कैथल में काली घटाएं छाईं, जबकि दोपहर बाद अंबाला, करनाल और पंचकूला में तेज बारिश हुई। पंचकूला में काले बादलों के कारण दिन में ही अंधेरा छा गया। कुरुक्षेत्र में भी आसमान में घने बादल छाने से दिन के समय वाहनों की लाइट जलाकर लोगों को गुजरना पड़ा। हिसार और भिवानी में सुबह मौसम साफ रहा, लेकिन बाद में यहां भी घने बादल छा गए और ठंडी हवाएं चलने लगीं।
मौसम विभाग ने रविवार को पंचकूला, अंबाला, यमुनानगर, सिरसा और कुरुक्षेत्र में बारिश का अलर्ट जारी किया। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार, प्रदेश में 15 अक्टूबर तक मौसम में बदलाव बने रहने की संभावना है। हरियाणा और आसपास के इलाकों में ऊपरी हवा में चक्रवाती सिस्टम बना हुआ है, जबकि हिमाचल प्रदेश के ऊपर पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय है। इन मौसमी परिस्थितियों के बीच प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में बादल छाने, बारिश होने और तेज हवाएं चलने के आसार हैं।
पंचकूला और कुरुक्षेत्र में दिन में छाया अंधेरा, कई जिलों में हुई बारिश
रविवार सुबह से ही प्रदेश के कुछ हिस्सों में मौसम का बदला हुआ मिजाज दिखाई देने लगा। फतेहाबाद और कैथल में काली घटाएं छाई रहीं। इसके बाद दोपहर के समय अंबाला, करनाल और पंचकूला में तेज बारिश हुई। पंचकूला में घने काले बादलों ने आसमान को ढक लिया, जिससे दिन में ही अंधेरा जैसा माहौल बन गया।
कुरुक्षेत्र में भी घने बादलों के कारण दृश्यता और रोशनी प्रभावित होती दिखाई दी। यहां दिन में वाहनों की लाइट जलाकर लोग सड़कों से गुजरते नजर आए। हिसार में भी बादल छाने के साथ ठंडी हवा चलने लगी। नारनौल में सुबह काली घटाएं छाई रहीं।
हालांकि, प्रदेश के सभी जिलों में मौसम एक जैसा नहीं रहा। हिसार और भिवानी में सुबह आसमान साफ था, लेकिन बाद में यहां भी बादलों ने डेरा जमा लिया। अलग-अलग इलाकों में मौसम के इस बदलाव से दिन के तापमान और गर्मी के असर पर भी प्रभाव पड़ने की संभावना है।
अधिकतम तापमान में 2.3 डिग्री की गिरावट, बालसमंद सबसे गर्म
मौसम विभाग की रिपोर्ट के अनुसार, हरियाणा में औसत अधिकतम तापमान में पिछले दिन के मुकाबले 2.3 डिग्री सेल्सियस की गिरावट दर्ज की गई। इसके बाद प्रदेश का औसत अधिकतम तापमान सामान्य से 1.6 डिग्री सेल्सियस कम रहा।
प्रदेश में सबसे अधिक अधिकतम तापमान हिसार के बालसमंद में 34.7 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। तापमान में आई गिरावट के चलते दिन के समय गर्मी का असर कम होने के आसार हैं। हालांकि, बादलों की स्थिति और बारिश के आधार पर अलग-अलग जिलों में मौसम का प्रभाव अलग रह सकता है।
कैथल और फतेहाबाद में बारिश के बाद तापमान में गिरावट देखने को मिली। वहीं, हिसार समेत कई इलाकों में घने बादल छाने और ठंडी हवा चलने से मौसम में बदलाव महसूस किया गया।
12 अक्टूबर से गरज-चमक के साथ बिजली गिरने का खतरा
मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक, 12 अक्टूबर से हरियाणा में कहीं-कहीं गरज-चमक के साथ बिजली गिरने की संभावना है। इस दौरान 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं भी चल सकती हैं।
विभाग के अनुसार, 15 अक्टूबर तक प्रदेश के कुछ स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश होने के आसार हैं। ऐसे में अगले चार दिन प्रदेश के कई हिस्सों में मौसम का बदला हुआ रूप देखने को मिल सकता है।
हरियाणा और आसपास के क्षेत्रों में ऊपरी हवा में बने चक्रवाती सिस्टम और हिमाचल प्रदेश के ऊपर सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ के बीच मौसम विभाग के पूर्वानुमान पर नजर रखना जरूरी होगा। बारिश और तेज हवाओं का असर अलग-अलग जिलों में स्थानीय परिस्थितियों के अनुसार देखने को मिल सकता है।
किसानों को फसल सुरक्षित रखने की सलाह, आंधी-बिजली के दौरान बरतें सावधानी
मौसम में बदलाव और बारिश की संभावना को देखते हुए किसानों तथा आमजन को पूर्वानुमान पर नजर रखने की सलाह दी गई है। किसानों को खेतों और मंडियों में रखी फसल को सुरक्षित रखने के लिए जरूरी इंतजाम करने चाहिए, ताकि बारिश से नुकसान की आशंका को कम किया जा सके।
आंधी चलने और बिजली चमकने के दौरान लोगों को खुले स्थानों पर जाने से बचने की सलाह दी गई है। तेज हवाओं और गरज-चमक के समय सावधानी बरतना जरूरी है।
अगले चार दिन हरियाणा में मौसम का मिजाज बदलता रहने की संभावना है। ऐसे में किसानों और आम लोगों को स्थानीय मौसम अपडेट देखते रहना चाहिए, खासकर उन इलाकों में जहां बारिश, बिजली गिरने और तेज हवाएं चलने का पूर्वानुमान है।
Akhil Mahajan