खरखौदा कोर्ट शूटआउट में हिस्ट्रीशीटर कातिया हत्याकांड का आरोपी पुलिस ने दबोचा
सोनीपत के खरखौदा कोर्ट के बाहर हिस्ट्रीशीटर नीरज उर्फ कातिया की हत्या मामले में पुलिस ने एक आरोपी को गिरफ्तार कर 5 दिन के रिमांड पर लिया है।
➤ खरखौदा कोर्ट के बाहर हिस्ट्रीशीटर नीरज उर्फ कातिया की हत्या मामले में एक आरोपी गिरफ्तार
➤ झज्जर निवासी सन्नी पर हमलावरों को कार उपलब्ध कराने का आरोप
➤ पुलिस ने आरोपी को 5 दिन के रिमांड पर लेकर फरार आरोपियों की तलाश तेज की
हरियाणा के सोनीपत जिले के खरखौदा कोर्ट के बाहर हुए चर्चित हिस्ट्रीशीटर नीरज उर्फ कातिया हत्याकांड में पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। वारदात के दो दिन बाद पुलिस की स्पेशल यूनिट एंटी गैंग्स्टर टीम ने हत्या की साजिश में शामिल एक आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस के अनुसार आरोपी ने हमलावरों को वारदात के लिए वाहन उपलब्ध कराने में मदद की थी।
गिरफ्तार आरोपी की पहचान झज्जर जिले के गांव दुबलधन माजरा निवासी सन्नी के रूप में हुई है। पुलिस ने आरोपी को अदालत में पेश किया, जहां से उसे 5 दिन के पुलिस रिमांड पर भेज दिया गया। अब पुलिस उससे हत्या में इस्तेमाल हथियारों, वाहन और फरार आरोपियों के ठिकानों को लेकर पूछताछ कर रही है।
जानकारी के अनुसार, झज्जर के गांव दुबलधन निवासी और वर्तमान में गुरुग्राम में रह रहे नीरज उर्फ कातिया शनिवार को अपनी पत्नी द्वारा दर्ज दहेज उत्पीड़न केस में पेशी के लिए खरखौदा कोर्ट पहुंचे थे। पेशी खत्म होने के बाद जैसे ही वह कोर्ट परिसर से बाहर निकले, पहले से घात लगाए बैठे हमलावरों ने उन पर हमला कर दिया।
बताया गया है कि ब्रेजा कार में आए बदमाशों ने पहले नीरज को टक्कर मारी। सड़क पर गिरते ही हमलावरों ने उस पर ताबड़तोड़ गोलियां बरसा दीं। गोली लगने से नीरज की मौके पर ही मौत हो गई थी। इस वारदात के बाद कोर्ट परिसर और आसपास के इलाके में दहशत फैल गई थी।
मृतक के भाई सत्यवान की शिकायत पर पुलिस ने गांव के अमन, साहिल और आर्यन, नीरज की पत्नी, उसके भाई और अमित व विकास नामक अन्य लोगों के खिलाफ हत्या, आपराधिक साजिश और अन्य धाराओं के तहत केस दर्ज किया था। शिकायत में पुरानी रंजिश और पारिवारिक विवाद को हत्या की मुख्य वजह बताया गया है।
मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच एंटी गैंग्स्टर टीम को सौंपी गई थी। पुलिस ने तकनीकी जांच, सीसीटीवी फुटेज और अन्य सुरागों के आधार पर कार्रवाई करते हुए आरोपी सन्नी को गिरफ्तार किया। पुलिस का कहना है कि शुरुआती जांच में यह साफ हुआ है कि आरोपी ने हमलावरों को वाहन उपलब्ध कराया था।
अब पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि हत्या की पूरी साजिश कहां और कब रची गई तथा इसमें और कौन-कौन लोग शामिल थे। पुलिस अधिकारियों के अनुसार बाकी आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार दबिश दी जा रही है और जल्द ही पूरे मामले का खुलासा किया जाएगा।
Akhil Mahajan