कॉकरोच पोस्ट, लाठीचार्ज और ट्रोलिंग, कौन हैं हरियाणा की बोल्ड एंड ब्यूटिफुल CRPF अफसर सोनिया सहरावत
जंतर-मंतर लाठीचार्ज और कॉकरोच पोस्ट विवाद के बाद चर्चा में आईं झज्जर की CRPF अधिकारी सोनिया सहरावत की संघर्ष, करियर, UPSC और सोशल मीडिया की पूरी कहानी।
➤ कॉकरोच वाली सोशल मीडिया पोस्ट के बाद CRPF असिस्टेंट कमांडेंट सोनिया सहरावत ट्रोलिंग के घेरे में आईं
➤ झज्जर की रहने वाली सोनिया का सपना IPS बनना था, दो बार UPSC दी और एक बार इंटरव्यू तक पहुंचीं
➤ जंतर-मंतर लाठीचार्ज पर बोलीं- जवानों पर पथराव, धक्का-मुक्की और बैरिकेडिंग तोड़ने के बाद करनी पड़ी कार्रवाई
हरियाणा के झज्जर जिले के सौलधा गांव की रहने वाली CRPF असिस्टेंट कमांडेंट सोनिया सहरावत इन दिनों दो वजहों से सुर्खियों में हैं। पहली वजह दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रदर्शन के दौरान हुए लाठीचार्ज को लेकर उनका नाम चर्चा में आना है, जबकि दूसरी वजह सोशल मीडिया पर साझा की गई कॉकरोच वाली पोस्ट है, जिसके बाद उन्हें ट्रोलिंग का सामना करना पड़ा। इस पूरे विवाद के बीच उनकी निजी जिंदगी, करियर और संघर्ष की कहानी भी सामने आई है।
सोशल मीडिया पर वायरल हुई पोस्ट में सोनिया सहरावत ने अपने इंस्टाग्राम अकाउंट से जमीन पर छटपटाते एक कॉकरोच की वीडियो के साथ टिप्पणी साझा की थी। पोस्ट में लिखा था, "जो लोग खुद को नहीं सुधार सकते, वे देश को सुधारने की बात करते हैं।" पोस्ट वायरल होने के बाद विवाद बढ़ा तो इसे हटा दिया गया, लेकिन तब तक सोशल मीडिया पर इसे लेकर तीखी प्रतिक्रियाएं शुरू हो चुकी थीं।
सोनिया सहरावत झज्जर के गांव सौलधा की रहने वाली हैं। उनके पिता ज्ञानप्रकाश सहरावत दिल्ली पुलिस में इंस्पेक्टर रह चुके हैं। सेवानिवृत्ति के बाद वह बहादुरगढ़ में एक स्कूल का संचालन कर रहे हैं, जबकि उनकी मां निर्मला सहरावत रेस्टोरेंट चलाती हैं। तीन भाई-बहनों में सोनिया सबसे बड़ी हैं। उनके एक भाई मोहित फाइटर पायलट हैं, जबकि दूसरे भाई विकास सहरावत कनाडा में रहते हैं।
सोनिया ने अपनी स्कूली शिक्षा राई स्पोर्ट्स स्कूल, सोनीपत से पूरी की। इसके बाद उन्होंने दिल्ली यूनिवर्सिटी से बॉटनी ऑनर्स में स्नातक किया। छात्र जीवन के दौरान उन्होंने दिल्ली यूनिवर्सिटी स्टूडेंट्स यूनियन (DUSU) का चुनाव भी लड़ा और छात्र राजनीति में सक्रिय भूमिका निभाई।
परिवार के अनुसार बचपन से ही देश की पहली महिला IPS अधिकारी किरण बेदी उनकी प्रेरणा रहीं। इसी वजह से उन्होंने UPSC की तैयारी की और दो बार परीक्षा दी। एक बार वह मुख्य परीक्षा (Mains) पास कर इंटरव्यू तक भी पहुंचीं, लेकिन अंतिम चयन नहीं हो सका। हालांकि उनका वर्दी पहनने का सपना तब पूरा हुआ जब उनका चयन केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) में असिस्टेंट कमांडेंट के पद पर हुआ।
वर्तमान में उनकी पोस्टिंग जयपुर में है। हाल ही में दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रदर्शन के दौरान उन्हें रैपिड एक्शन फोर्स (RAF) के साथ ड्यूटी पर लगाया गया था। इससे पहले उनकी तैनाती श्रीनगर में भी रह चुकी है।
सोनिया के पति मोहित बालयान भी CRPF में तैनात हैं और उनका संबंध मुजफ्फरनगर क्षेत्र से है। दोनों के एक बेटा और एक बेटी हैं।
सोशल मीडिया पर भी सोनिया काफी सक्रिय रहती हैं। उनके सार्वजनिक इंस्टाग्राम अकाउंट पर 6.35 लाख से अधिक फॉलोअर्स हैं, जबकि फेसबुक पर करीब 1.71 लाख लोग उन्हें फॉलो करते हैं। वह अक्सर डांस, यात्रा, पारिवारिक पलों और धार्मिक गतिविधियों से जुड़े वीडियो और तस्वीरें साझा करती रही हैं।
जंतर-मंतर पर हुए घटनाक्रम को लेकर एक चैनल को दिए इंटरव्यू में सोनिया सहरावत ने अपना पक्ष भी रखा। उन्होंने कहा कि उनकी टीम RAF के साथ वहां कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए तैनात थी। उनके अनुसार प्रदर्शन में छात्र शामिल थे, लेकिन कुछ लोग माहौल खराब करने की कोशिश कर रहे थे। कई बार समझाने और चेतावनी देने के बावजूद कुछ प्रदर्शनकारियों ने बैरिकेडिंग तोड़ने, जवानों से धक्का-मुक्की करने और उन्हें उकसाने की कोशिश की।
उन्होंने कहा कि कुछ लोगों ने जवानों के हेलमेट उतारने की कोशिश की और हालात ऐसे बने कि कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए कार्रवाई करनी पड़ी। उनके अनुसार जवानों पर पथराव और जूते फेंके गए, जिसे नजरअंदाज नहीं किया जा सकता था।
महिलाओं के कपड़े फाड़ने के आरोपों को लेकर सोनिया ने कहा कि उनके जवान ऐसा नहीं कर सकते, क्योंकि वह स्वयं एक महिला अधिकारी हैं। उन्होंने दावा किया कि भीड़ में कुछ लोग जवानों के साथ अभद्र व्यवहार कर रहे थे, गालियां दे रहे थे और वर्दी का अपमान करने की कोशिश कर रहे थे।
सोनिया ने यह भी बताया कि पूरे घटनाक्रम में उन्हें स्वयं भी चोट लगी। उनके हाथ में फ्रैक्चर हुआ, जबकि कई अन्य जवान भी घायल हुए। उन्होंने कहा कि भगदड़ जैसी स्थिति में वह लोगों को सुरक्षित निकालने की कोशिश कर रही थीं और पूरी कार्रवाई केवल कानून-व्यवस्था बनाए रखने के उद्देश्य से की गई।
Akhil Mahajan