जेल में हुआ प्यार, लेडी अफसर ने उम्रकैद काट चुके युवक से रचाई शादी

सतना सेंट्रल जेल की सहायक अधीक्षक फिरोजा खातून ने हत्या के मामले में उम्रकैद काट चुके युवक धर्मेंद्र उर्फ अभिलाष से हिंदू रीति-रिवाज से शादी कर ली।

जेल में हुआ प्यार, लेडी अफसर ने उम्रकैद काट चुके युवक से रचाई शादी

➤ सतना जेल की सहायक अधीक्षक ने पूर्व कैदी संग लिए सात फेरे
➤ हत्या के मामले में उम्रकैद की सजा काट चुका है युवक
➤ परिवार की नाराजगी के बीच हिंदू रीति-रिवाज से हुआ विवाह


Satna। मध्य प्रदेश के सतना में एक अनोखी प्रेम कहानी इन दिनों चर्चा का विषय बनी हुई है। सतना सेंट्रल जेल की सहायक अधीक्षक Firoza Khatun ने हत्या के मामले में उम्रकैद की सजा काट चुके युवक धर्मेंद्र उर्फ अभिलाष से हिंदू रीति-रिवाज से शादी कर ली। यह विवाह 5 मई को Lavkush Nagar में वैदिक मंत्रोच्चार के बीच संपन्न हुआ। शादी के बाद यह मामला पूरे इलाके में चर्चा का केंद्र बन गया है।

सतना सेंट्रल जेल की सहायक अधीक्षक फिरोजा खातून ने की शादी।

जेल में शुरू हुई थी प्रेम कहानी

जानकारी के अनुसार, फिरोजा खातून सतना सेंट्रल जेल में वारंट इंचार्ज के तौर पर कार्यरत थीं। इसी दौरान धर्मेंद्र उर्फ अभिलाष जेल में सजा काट रहा था और वारंट से जुड़े काम में सहयोग करता था। धीरे-धीरे दोनों के बीच बातचीत शुरू हुई, जो समय के साथ दोस्ती और फिर प्रेम संबंध में बदल गई। करीब 14 साल जेल में रहने के बाद अच्छे आचरण के आधार पर अभिलाष को रिहा किया गया था। जेल से बाहर आने के बाद दोनों ने शादी करने का फैसला लिया।

हत्या के केस में उम्रकैद की सजा काट चुके युवक संग रचाई शादी।

परिवार ने बनाई दूरी

बताया जा रहा है कि फिरोजा खातून के मुस्लिम परिवार ने इस रिश्ते का विरोध किया और शादी समारोह में शामिल नहीं हुआ। ऐसे में Vishwa Hindu Parishad के जिला उपाध्यक्ष राजबहादुर मिश्रा और उनकी पत्नी ने माता-पिता की भूमिका निभाते हुए कन्यादान किया। शादी समारोह में बजरंग दल से जुड़े कई लोग भी मौजूद रहे। विवाह पूरी तरह हिंदू रीति-रिवाज और वैदिक मंत्रोच्चार के साथ संपन्न कराया गया।

शादी के जोड़े में वरमाला के लिए मंच की ओर जाते दूल्हा-दुल्हन।

2007 के चर्चित हत्याकांड में हुई थी सजा

धर्मेंद्र उर्फ अभिलाष Chandla का रहने वाला है। वर्ष 2007 में चंदला नगर परिषद के तत्कालीन उपाध्यक्ष कृष्णदत्त दीक्षित की हत्या और शव को जमीन में दफनाने के चर्चित मामले में उसे उम्रकैद की सजा सुनाई गई थी। करीब 14 साल जेल में बिताने के बाद उसके अच्छे व्यवहार को देखते हुए रिहाई दी गई थी।

सतना विश्व हिंदू परिषद के जिला उपाध्यक्ष राजबहादुर मिश्रा (भगवा कुर्ते में) ने कन्यादान किया है।

शादी बनी चर्चा का विषय

इस विवाह के बाद सतना जेल के कर्मचारियों, अधिकारियों और कई कैदियों ने भी नवविवाहित जोड़े को शुभकामनाएं दीं। यह शादी प्रेम, सामाजिक बंधनों और धर्म से ऊपर उठकर लिए गए फैसले को लेकर चर्चा में बनी हुई है।