टाइगर श्रॉफ फायरिंग केस: सोनीपत के सुमित के परिवार का बड़ा दावा, मां बोली- बेटा बेकसूर, कुणाल बहला-फुसलाकर ले गया

टाइगर श्रॉफ फायरिंग केस में गिरफ्तार सोनीपत के सुमित के परिवार ने उसे बेकसूर बताया। मां ने कुणाल पर बहलाने का आरोप लगाकर बेटे की रिहाई की गुहार लगाई।

टाइगर श्रॉफ फायरिंग केस: सोनीपत के सुमित के परिवार का बड़ा दावा, मां बोली- बेटा बेकसूर, कुणाल बहला-फुसलाकर ले गया

➤ सुमित की मां आशा ने बेटे को मामले में निर्दोष बताते हुए रिहाई की गुहार लगाई
➤ परिवार का दावा- कुणाल उर्फ भोला ने सुमित को बहला-फुसलाकर अपने साथ लिया
➤ ईंट-भट्ठे पर मजदूरी करते हैं पिता, परिवार के पास मुंबई जाने तक के पैसे नहीं


मुंबई में अभिनेता टाइगर श्रॉफ की कार पर हुई फायरिंग के मामले में सोनीपत के खरखौदा निवासी 19 वर्षीय सुमित की गिरफ्तारी के बाद अब उसके परिवार ने सामने आकर गंभीर दावे किए हैं। दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने 20 अक्टूबर को हथियार सप्लाई नेटवर्क से जुड़े होने के आरोप में सुमित और सोनीपत के ही कुणाल को गिरफ्तार किया था। पुलिस की जांच में सुमित पर कथित हथियार सप्लाई नेटवर्क से जुड़े होने का आरोप है, लेकिन परिवार इन आरोपों को खारिज कर रहा है। सुमित की मां आशा का कहना है कि उनका बेटा बेकसूर है और कुणाल उर्फ भोला उसे बहला-फुसलाकर अपने साथ ले गया था। परिवार ने नितिन नाम के एक व्यक्ति पर भी सुमित और कुणाल की मुलाकात कराने का आरोप लगाया है। 

नौवीं तक पढ़ा, तीन साल से कपड़े की दुकान पर कर रहा था काम

परिवार के मुताबिक, सुमित ने नौवीं कक्षा तक पढ़ाई की है और पिछले करीब तीन साल से खरखौदा में एक कपड़े की दुकान पर काम कर रहा था। इसी दुकान पर काम करने के दौरान उसकी मुलाकात कुणाल से हुई थी। परिवार का आरोप है कि कुणाल ने उसे अपने साथ जोड़ लिया और बाद में वह इसी मामले में फंस गया। 

परिवार ने नितिन नाम के एक व्यक्ति का भी जिक्र किया है। उनका कहना है कि नितिन और कुणाल एक ही गांव के रहने वाले हैं और नितिन ने ही सुमित की मुलाकात कुणाल से करवाई थी। परिवार के ये सभी दावे उनकी ओर से लगाए गए हैं और मामले की पुलिस जांच में इनकी स्वतंत्र पुष्टि होना अभी बाकी है।

पुलिस पूछताछ के लिए ले गई, बाद में गिरफ्तारी की जानकारी मिली

सुमित की मां आशा के मुताबिक, दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल उनके घर पहुंची थी और सुमित को यह कहकर अपने साथ ले गई कि उससे पूछताछ करनी है। परिवार का कहना है कि बाद में उन्हें फोन के जरिए बताया गया कि सुमित को गिरफ्तार कर लिया गया है और बेटे की जमानत के लिए मुंबई आने को कहा गया।

आशा का कहना है कि परिवार की आर्थिक स्थिति बेहद कमजोर है और उनके लिए मुंबई तक पहुंचना भी मुश्किल है। परिवार खरखौदा में किराए के मकान में रहता है, जबकि सुमित के पिता ईंट-भट्ठे पर मजदूरी करके परिवार का गुजारा करते हैं। सुमित की मां भी मजदूरी करती हैं। ऐसे में गिरफ्तारी के बाद परिवार के सामने कानूनी मदद और मुंबई तक पहुंचने का खर्च जुटाना बड़ी चुनौती बन गया है।

खाटू श्याम जाने की बात कहकर निकला था सुमित

परिवार के अनुसार, घटना से कुछ दिन पहले सुमित ने घर में खाटू श्याम जाने की बात कही थी। मां आशा का कहना है कि सुमित नितिन के साथ खाटू श्याम गया था और अगले दिन वापस घर लौट आया था। परिवार का दावा है कि उस समय उन्हें इस बात की जानकारी नहीं थी कि सुमित किस तरह की गतिविधियों या लोगों के संपर्क में है।

अब बेटे की गिरफ्तारी के बाद परिवार लगातार उसकी बेगुनाही की बात कह रहा है। मां आशा ने मीडिया के सामने भावुक होकर बेटे को रिहा कराने की गुहार लगाई है। परिवार का कहना है कि उनके पास मुंबई जाकर मामले की पैरवी करने तक के पर्याप्त पैसे नहीं हैं। 

पुलिस जांच में हथियार सप्लाई नेटवर्क का आरोप

दूसरी ओर, पुलिस के मुताबिक टाइगर श्रॉफ की कार पर 18 अक्टूबर को मुंबई के जुहू इलाके में फायरिंग हुई थी। इस घटना में टाइगर श्रॉफ सुरक्षित रहे, जबकि उनके ड्राइवर और एक अन्य व्यक्ति के घायल होने की जानकारी सामने आई थी। इसके बाद राजस्थान के कोटा से तीन कथित शूटर्स को गिरफ्तार किया गया था। पुलिस की जांच में हथियार सप्लाई की कथित कड़ी को खंगालते हुए सुमित, कुणाल और दो महिलाओं समेत चार लोगों की गिरफ्तारी की गई। पुलिस का आरोप है कि कुणाल ने अमृतसर से पिस्तौल और 20 कारतूस हासिल किए थे और इसके बाद हथियार को मुंबई पहुंचाने की व्यवस्था की गई। इस पूरे नेटवर्क और आरोपियों की भूमिका को लेकर जांच जारी है।

सुमित के परिवार के दावे और पुलिस की ओर से लगाए गए आरोप फिलहाल अलग-अलग हैं। सुमित दोषी है या उसे किसी ने इस नेटवर्क में फंसाया, यह जांच और अदालत की प्रक्रिया के बाद ही स्पष्ट होगा। फिलहाल परिवार बेटे की बेगुनाही का दावा करते हुए उसकी रिहाई और न्याय की मांग कर रहा है।