ITBP डीजी का बड़ा खुलासा: भारत-चीन के बीच अरुणाचल प्रदेश बॉर्डर पर टकराव

ITBP DG शत्रुजीत कपूर ने अरुणाचल सीमा पर चीन के साथ जारी फेसऑफ की जानकारी दी। कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने केंद्र सरकार पर निशाना साधा।

ITBP डीजी का बड़ा खुलासा: भारत-चीन के बीच अरुणाचल प्रदेश बॉर्डर पर टकराव

➤ ITBP DG शत्रुजीत सिंह कपूर ने अरुणाचल में चीन के साथ जारी फेसऑफ की बात कही
➤ शौर्य कमांडो टीमों के प्रदर्शन की तारीफ, हाई-ऑल्टिट्यूड फोर्स पर जोर
➤ जयराम रमेश ने केंद्र पर निशाना साधते हुए पीएम की चुप्पी पर सवाल उठाया


भारत-चीन सीमा पर तनाव को लेकर ITBP के महानिदेशक शत्रुजीत सिंह कपूर के बयान ने नई चर्चा छेड़ दी है। कपूर ने कहा है कि अरुणाचल प्रदेश के अंदर कई बार ऐसी परिस्थितियां बनी हैं, जहां भारतीय और चीनी सैनिकों के बीच फेसऑफ हुआ है और यह सिलसिला अभी भी जारी है। उन्होंने सीमा पर तैनात ITBP की शौर्य कमांडो टीमों के काम की तारीफ करते हुए कहा कि इन जवानों ने ऐसे हालात में अच्छा प्रदर्शन किया है।

कपूर ने एक कार्यक्रम में ITBP की बदलती भूमिका और चीन से लगी सीमा पर सुरक्षा व्यवस्था को लेकर विस्तार से बात की। उन्होंने कहा कि ITBP की शुरुआत एक माउंटेन गुरिल्ला फोर्स के तौर पर हुई थी, लेकिन समय के साथ बल ने चीन सीमा पर एक पारंपरिक सुरक्षा बल की भूमिका निभाई। अब बदलती परिस्थितियों को देखते हुए ITBP को एक मजबूत हाई-ऑल्टिट्यूड फोर्स के रूप में अपनी पहचान और क्षमता विकसित करनी होगी।

अरुणाचल में शौर्य कमांडो टीमों की तैनाती

ITBP DG ने बताया कि अरुणाचल प्रदेश में चीन के साथ कई स्थानों पर फेसऑफ की परिस्थितियों के दौरान शौर्य कमांडो टीमों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। इन टीमों को विशेष रूप से कठिन और ऊंचाई वाले इलाकों में चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों से निपटने के लिए तैयार किया जा रहा है। 

कपूर के मुताबिक, सीमा पर बदलती सुरक्षा चुनौतियों के बीच केवल पारंपरिक तरीके से काम करना पर्याप्त नहीं है। ITBP अपनी ट्रेनिंग, तकनीक और परिचालन क्षमता को आधुनिक बनाने पर जोर दे रही है, ताकि ऊंचाई वाले क्षेत्रों में किसी भी चुनौती का प्रभावी ढंग से सामना किया जा सके।

चीन सीमा पर सुरक्षा क्षमता बढ़ाने पर जोर

ITBP की ओर से सीमा क्षेत्रों में आधुनिक तकनीक और नई परिचालन क्षमताओं पर भी काम किया जा रहा है। हालिया जानकारी के मुताबिक बल ने ड्रोन प्लाटून, नए प्रशिक्षण कार्यक्रम और सीमा क्षेत्रों में भूमिगत ढांचों जैसी क्षमताओं को बढ़ाने की दिशा में कदम उठाए हैं। इसका उद्देश्य कठिन पर्वतीय इलाकों में जवानों की सुरक्षा और ऑपरेशनल तैयारी को मजबूत करना है। 

कपूर ने चीन को भारत का एक महत्वपूर्ण और शक्तिशाली पड़ोसी बताते हुए कहा कि सीमा पर सुरक्षा व्यवस्था को बदलती युद्ध तकनीक और परिस्थितियों के अनुरूप तैयार करना जरूरी है। उन्होंने ITBP को एक विशेष हाई-ऑल्टिट्यूड माउंटेन फाइटिंग फोर्स के रूप में विकसित करने की दिशा में काम करने की बात कही है।

जयराम रमेश ने केंद्र सरकार पर साधा निशाना

ITBP DG के बयान के बाद कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने केंद्र सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए सवाल उठाया कि जब ITBP के महानिदेशक अरुणाचल प्रदेश में चीन के साथ हुए फेसऑफ और भारतीय जवानों के प्रदर्शन की बात कर रहे हैं, तो इस पूरे मामले पर प्रधानमंत्री की ओर से सार्वजनिक रूप से कोई प्रतिक्रिया क्यों नहीं आई।

रमेश ने केंद्र सरकार की चीन नीति पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि सरकार चीन को लेकर नरम रुख अपना रही है। उन्होंने ITBP जवानों के प्रदर्शन की तारीफ करते हुए कहा कि सीमा पर सुरक्षा बलों की भूमिका महत्वपूर्ण है, लेकिन सरकार को भी इस विषय पर अपनी स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए। 

डोकलाम के बाद फिर चर्चा में भारत-चीन सीमा तनाव

भारत और चीन के बीच सीमा तनाव का मुद्दा नया नहीं है। 2017 में डोकलाम क्षेत्र में दोनों देशों की सेनाओं के बीच लंबे समय तक गतिरोध की स्थिति बनी थी। इसके बाद भी वास्तविक नियंत्रण रेखा यानी LAC पर दोनों देशों के बीच तनाव अलग-अलग समय पर सामने आता रहा है।

अब ITBP DG के अरुणाचल प्रदेश में जारी फेसऑफ के बयान के बाद भारत-चीन सीमा पर मौजूदा स्थिति एक बार फिर राजनीतिक और रणनीतिक चर्चा के केंद्र में आ गई है। हालांकि, कपूर के बयान में मुख्य रूप से फेसऑफ की परिस्थितियों और ITBP की परिचालन तैयारियों का उल्लेख है। इसे सीधे तौर पर किसी नए बड़े सैन्य संघर्ष के रूप में पेश करना उचित नहीं होगा।