हरियाणा में बिजली कर्मचरियों की हड़ताल खत्म:CM के साथ मीटिंग में सहमति

हरियाणा में बिजली कर्मचरियों की हड़ताल खत्म:CM के साथ मीटिंग में सहमति; कर्मचारी नेता बोले- निजी कंपनी का लाइसेंस रद्द करने का आश्वासन मिला

हरियाणा में बिजली कर्मचरियों की हड़ताल खत्म:CM के साथ मीटिंग में सहमति

➤ बिजली कर्मचारियों की हड़ताल खत्म करने पर बनी सहमति
➤ निजी कंपनी के लाइसेंस पर कार्रवाई का आश्वासन
➤ 15 जिलों में बिजली संकट के बाद सरकार और यूनियन में बातचीत सफल


हरियाणा में पिछले दो दिनों से चल रही बिजली कर्मचारियों की हड़ताल आखिरकार खत्म हो गई है। पंचकूला के PWD रेस्ट हाउस में मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी, बिजली मंत्री अनिल विज और बिजली कर्मचारी यूनियन के नेताओं के बीच हुई बातचीत के बाद हड़ताल वापस लेने पर सहमति बनी। कर्मचारी नेताओं के मुताबिक, सरकार ने गुरुग्राम और नूंह में निजी कंपनी को दिए गए बिजली आपूर्ति के लाइसेंस को लेकर कार्रवाई का आश्वासन दिया है। इसी आश्वासन के बाद कर्मचारियों ने आंदोलन खत्म करने का फैसला लिया।

बिजली कर्मचारियों की यह हड़ताल गुरुवार से शुरू हुई थी और इसका असर प्रदेश के करीब 15 जिलों में देखने को मिला। कई शहरों और ग्रामीण क्षेत्रों में लंबे समय तक बिजली आपूर्ति बाधित रही। बिजली संकट के कारण आम लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा। कई स्थानों पर लोगों ने सड़क पर उतरकर जाम लगाया और प्रशासन के खिलाफ नाराजगी जताई।

पंचकूला में हुई बैठक से पहले बिजली मंत्री अनिल विज ने यूनियन नेताओं से बातचीत की। सरकार की ओर से बिजली अधिनियम की धारा 108 के तहत कार्रवाई का आश्वासन दिया गया। हालांकि, यूनियन नेताओं ने सरकार से संबंधित कार्रवाई के नोटिफिकेशन की कॉपी उपलब्ध कराने की मांग की। इसके बाद प्रस्ताव पर बातचीत आगे बढ़ी और मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी भी बैठक में शामिल हुए।

यूनियन का मुख्य विरोध गुरुग्राम और नूंह में निजी कंपनी को बिजली आपूर्ति का लाइसेंस दिए जाने को लेकर था। कर्मचारी नेताओं का कहना था कि पहले इस लाइसेंस को रद्द कराया जाए, उसके बाद ही हड़ताल वापस ली जाएगी। बैठक में सरकार की ओर से इस मुद्दे पर कार्रवाई का आश्वासन मिलने के बाद दोनों पक्षों के बीच गतिरोध खत्म हुआ।

हड़ताल के दौरान हिसार, कुरुक्षेत्र, फरीदाबाद, गुरुग्राम, सोनीपत और फतेहाबाद समेत कई इलाकों में बिजली संकट गहराया। हिसार में दुकानदारों ने बिजली कटौती के विरोध में डाबड़ा चौक पर जाम लगाया। कैमरी रोड पर कैबिनेट मंत्री रणबीर गंगवा के आवास के बाहर भी बिजली न आने से लोग सड़क पर उतर आए। कुरुक्षेत्र में अमीन रोड और ब्रह्मा चौक समेत कई स्थानों पर लोगों ने जाम लगाया।

फतेहाबाद में बिजली संकट के चलते शहर के कई हिस्सों में ब्लैकआउट जैसी स्थिति बनी रही। भिरड़ाना गांव के ग्रामीण बिजली आपूर्ति बाधित होने के विरोध में DC कार्यालय के बाहर धरने पर बैठ गए। गुरुग्राम और हांसी के कई शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में भी लंबे समय तक बिजली आपूर्ति बाधित रही।

हड़ताल का असर बिजली उत्पादन और अन्य सेवाओं पर भी पड़ा। पानीपत थर्मल पावर प्लांट की दो यूनिट बंद होने की जानकारी सामने आई। वहीं, कुरुक्षेत्र और कैथल बार एसोसिएशन ने भी बिजली संकट के चलते वर्क सस्पेंड रखने का फैसला लिया था।

कुरुक्षेत्र में लोगों ने बिजली के साथ-साथ पानी की समस्या भी उठाई। लोगों का कहना था कि बिजली आपूर्ति बाधित होने के कारण घरों में पानी की सप्लाई भी प्रभावित हुई। कई इलाकों में लोगों को मोबाइल चार्ज करने तक के लिए परेशानी उठानी पड़ी।

सरकार और कर्मचारियों के बीच समझौते के बाद अब सबसे बड़ी चुनौती बिजली व्यवस्था को सामान्य करना है। हड़ताल समाप्त होने के बाद बिजली कर्मचारी ड्यूटी पर लौटेंगे और प्रभावित इलाकों में आपूर्ति बहाल करने की प्रक्रिया तेज होने की उम्मीद है। वहीं, निजी कंपनी को दिए गए लाइसेंस के मुद्दे पर सरकार की ओर से आगे क्या कानूनी और प्रशासनिक कदम उठाए जाते हैं, इस पर कर्मचारियों और उपभोक्ताओं की नजर रहेगी।

➤ हिसार में मंत्री रणबीर गंगवा के घर के बाहर बिजली को लेकर जाम
➤ फतेहाबाद में ब्लैकआउट, DC ऑफिस के बाहर ग्रामीणों का धरना
➤ पंचकूला में CM नायब सैनी की यूनियन नेताओं से दूसरे दौर की बातचीत


हरियाणा में बिजली कर्मचारियों की हड़ताल के बीच बिजली संकट और लोगों का गुस्सा लगातार बढ़ता जा रहा है। शुक्रवार शाम हिसार में कैबिनेट मंत्री रणबीर गंगवा के कैमरी रोड स्थित आवास के बाहर लोगों ने बिजली आपूर्ति बहाल करने की मांग को लेकर सड़क पर जाम लगा दिया। सूचना मिलने के बाद पुलिस की टीमें मौके पर पहुंचीं और प्रदर्शन कर रहे लोगों को समझाने का प्रयास किया। इसी बीच फतेहाबाद में भी बिजली संकट गंभीर हो गया है, जहां पूरे शहर में ब्लैकआउट जैसी स्थिति बनने और भिरड़ाना गांव के ग्रामीणों के DC ऑफिस के बाहर धरने पर बैठने की सूचना सामने आई है।

कुरुक्षेत्र में भी बिजली संकट का असर लोगों के रोजमर्रा के जीवन पर पड़ रहा है। झांसा रोड पर लोगों ने सड़क पर उतरकर अपनी परेशानी जताई। महिलाओं का कहना है कि बिजली नहीं होने के कारण पानी की सप्लाई भी प्रभावित हो रही है। उनका कहना था कि घरों में बच्चों के लिए भी पर्याप्त पानी उपलब्ध नहीं है और उनकी मांग सिर्फ बिजली-पानी की आपूर्ति बहाल करने की है।

कुरुक्षेत्र के ब्रह्मा चौक पर भी कंग कॉलोनी के लोगों ने बिजली न आने के विरोध में जाम लगा दिया। इसके कारण सुंदरपुर पुल की एक तरफ वाहनों की आवाजाही प्रभावित हुई। सूचना के बाद पुलिस मौके पर पहुंची और लोगों को समझाने का प्रयास किया।

उधर सोनीपत में भी बिजली संकट को लेकर लोगों का गुस्सा सड़क पर दिखाई दिया। सुभाष चौक पर दुकानदारों ने जाम लगाया। पुलिस मौके पर पहुंची और कुछ देर बाद बिजली आपूर्ति शुरू होने पर दुकानदारों ने जाम खोल दिया। सोनीपत के दिल्ली रोड पर भी लोगों के सड़क पर उतरने की सूचना सामने आई।

इस बीच गोहाना तहसील के रुखी गांव में बिजली आपूर्ति बहाल कराने के लिए पुलिस ने दिल्ली के एक रिटायर्ड बिजली कर्मचारी की मदद ली। गांव के सरपंच प्रतिनिधि ने बिजली सप्लाई सुचारू करवाने के लिए सोनीपत पुलिस का आभार जताया।

फतेहाबाद में ब्लैकआउट जैसी स्थिति

फतेहाबाद में बिजली संकट के चलते शहर के कई हिस्सों में अंधेरा छा गया। भिरड़ाना गांव में पिछले दिन से बिजली आपूर्ति बाधित होने से नाराज ग्रामीण DC ऑफिस के बाहर धरने पर बैठ गए। ग्रामीणों की मांग है कि बिजली आपूर्ति जल्द बहाल की जाए।

हिसार में मंत्री के घर के बाहर जाम

हिसार के कैमरी रोड पर कैबिनेट मंत्री रणबीर गंगवा के आवास के बाहर बिजली की समस्या को लेकर लोगों ने सड़क पर जाम लगा दिया। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर स्थिति संभालने और लोगों को समझाने की कोशिश की।

हिसार में इससे पहले डाबड़ा चौक पर दुकानदारों ने भी बिजली संकट को लेकर जाम लगाया था। दुकानदारों का कहना था कि 21 अक्टूबर की रात बिजली कटने के बाद से उनके इलाके में आपूर्ति बहाल नहीं हुई थी।

पंचकूला में CM सैनी की दूसरे दौर की बातचीत

बिजली कर्मचारियों की हड़ताल खत्म कराने के लिए पंचकूला के PWD रेस्ट हाउस में सरकार और कर्मचारी संगठनों के बीच बातचीत जारी है। मुख्यमंत्री नायब सैनी दूसरे दौर की बातचीत के लिए कॉन्फ्रेंस हॉल में पहुंचे। इससे पहले बिजली मंत्री अनिल विज ने यूनियन नेताओं से बातचीत की थी।

सरकार की ओर से बिजली अधिनियम की धारा 108 के तहत कार्रवाई का आश्वासन दिए जाने की बात सामने आई है। हालांकि, यूनियन नेताओं ने इसके लिए तत्काल नोटिफिकेशन की कॉपी मांगी है। फिलहाल यूनियन नेता सरकार के प्रस्ताव पर विचार कर रहे हैं।

बिजली कर्मचारी गुरुग्राम और नूंह में निजी कंपनी को बिजली आपूर्ति का लाइसेंस दिए जाने के विरोध में हड़ताल पर हैं। कर्मचारियों का कहना है कि संबंधित लाइसेंस का फैसला वापस लिए जाने के बाद ही हड़ताल खत्म करने पर निर्णय लिया जाएगा।

हड़ताल के कारण प्रदेश के कई जिलों में बिजली आपूर्ति प्रभावित होने से आम लोगों, दुकानदारों और ग्रामीणों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। बिजली के साथ पानी की आपूर्ति भी प्रभावित होने से कई जगह लोगों ने सड़कों पर उतरकर विरोध जताया है। अब सभी की नजर पंचकूला में सरकार और बिजली कर्मचारी संगठनों के बीच चल रही बातचीत के नतीजे पर है।