गांवों में दुकानों के लिए पंचायतें लीज पर देंगी 20-20 जमीन, हरियाणा सरकार का बड़ा तोहफा
हरियाणा के गांवों में हरहित स्टोर खोलने की तैयारी है। पंचायतें 20-20 गज जमीन लीज पर देंगी। ग्राम सभा और DC की मंजूरी के बाद प्रक्रिया आगे बढ़ेगी।
➤ गांवों में हरहित स्टोर के लिए 20-20 गज जमीन देने की तैयारी
➤ ग्राम सभा की मंजूरी और DC की स्वीकृति के बाद होगी प्रक्रिया
➤ पंचायतें किराया तय कर सकेंगी, ग्रामीणों को मिलेंगे रोजमर्रा के उत्पाद
हरियाणा के ग्रामीण क्षेत्रों में अब रोजमर्रा की जरूरतों के सामान की सुविधा गांवों के भीतर ही बढ़ाने की तैयारी है। राज्य सरकार हरहित स्टोर का नेटवर्क गांवों तक विस्तार देने की दिशा में काम कर रही है। योजना के तहत ग्राम पंचायतों की 20-20 गज जमीन लीज पर उपलब्ध कराकर वहां हरहित स्टोर खोलने का प्रस्ताव है। जमीन देने से पहले ग्राम सभा की मंजूरी जरूरी होगी और इसके बाद संबंधित जिला उपायुक्त यानी DC की स्वीकृति लेकर आगे की प्रक्रिया पूरी की जाएगी। इस पहल का उद्देश्य ग्रामीणों को स्थानीय स्तर पर आवश्यक उत्पाद उपलब्ध कराने के साथ-साथ ग्राम पंचायतों के लिए आय का एक नया स्रोत तैयार करना है।
ग्राम सभा की मंजूरी के बाद मिलेगी जमीन
योजना के अनुसार, जिस ग्राम पंचायत में हरहित स्टोर के लिए जमीन उपलब्ध कराई जानी है, वहां पहले ग्राम सभा की बैठक में प्रस्ताव पारित किया जाएगा। प्रस्ताव में जमीन उपलब्ध कराने के साथ उसके मूल्य निर्धारण और लीज से जुड़ी अन्य आवश्यक शर्तों को शामिल किया जाएगा।
ग्राम सभा से प्रस्ताव पारित होने के बाद इसे संबंधित जिला उपायुक्त की स्वीकृति के लिए भेजा जाएगा। आवश्यक मंजूरी मिलने के बाद ही जमीन को हरहित स्टोर के लिए लीज पर देने की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी।
इस पूरी व्यवस्था में ग्राम पंचायतों की भूमिका महत्वपूर्ण रहेगी, क्योंकि स्थानीय स्तर पर जमीन की उपलब्धता, लीज से जुड़ी शर्तों और किराये से संबंधित प्रस्ताव तैयार किए जाएंगे।
पंचायतें तय करेंगी जमीन का किराया
हरहित स्टोर के लिए पंचायत की जमीन लीज पर देने से ग्राम पंचायतों को नियमित आय मिलने की संभावना है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, जमीन का किराया पंचायतें स्वयं तय करेंगी।
इससे पंचायतों के पास स्थानीय जरूरतों के अनुसार आय का अतिरिक्त स्रोत विकसित हो सकता है। किराये से मिलने वाली राशि का इस्तेमाल पंचायतें अपने क्षेत्र की आवश्यकताओं और नियमानुसार विकास कार्यों में कर सकेंगी।
हालांकि, हर गांव में स्टोर खोलने का निर्णय जमीन की उपलब्धता, ग्राम सभा के प्रस्ताव और जरूरी प्रशासनिक मंजूरियों की प्रक्रिया पूरी होने पर निर्भर करेगा।
गांव में ही मिल सकेंगे रोजमर्रा के सामान
हरहित स्टोरों का उद्देश्य ग्रामीण इलाकों में लोगों को रोजमर्रा की जरूरत के उत्पाद स्थानीय स्तर पर उपलब्ध कराना है। गांवों में इन स्टोरों का विस्तार होने से ग्रामीणों को आवश्यक सामान के लिए दूर के बाजारों पर निर्भरता कम करने में सुविधा मिल सकती है।
इन स्टोरों का संचालन हरियाणा एग्रो इंडस्ट्रीज कॉर्पोरेशन लिमिटेड (HAICL) की ओर से किया जाएगा। सरकार की योजना ग्रामीण क्षेत्रों में खुदरा सुविधाओं को मजबूत करने के साथ ग्रामीण अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देने की दिशा में इसे एक कदम के रूप में आगे बढ़ाने की है।
बजट 2026-27 में हुई थी घोषणा
हरियाणा सरकार ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के बजट में हरहित स्टोरों के विस्तार की घोषणा की थी। इसके बाद गांवों में पंचायतों की जमीन का इस्तेमाल कर इन स्टोरों का नेटवर्क बढ़ाने की प्रक्रिया पर काम किया जा रहा है।
हरियाणा विकास एवं पंचायती राज विभाग के निदेशक सुशील सारवान के अनुसार, इस संबंध में आवश्यक दिशा-निर्देश जल्द आधिकारिक तौर पर जारी किए जाएंगे। इन दिशा-निर्देशों के बाद पंचायतों की जमीन उपलब्ध कराने, ग्राम सभा से प्रस्ताव पारित कराने और प्रशासनिक मंजूरी लेने की प्रक्रिया को लेकर स्थिति और स्पष्ट होगी।
सरकार की इस पहल से एक ओर जहां गांवों में स्थानीय खरीदारी की सुविधा बढ़ने की उम्मीद है, वहीं दूसरी ओर पंचायतों को अपनी जमीन से नियमित आय प्राप्त करने का अवसर मिल सकता है। योजना का वास्तविक स्वरूप और प्रत्येक पंचायत में स्टोर खोलने की स्थिति आगामी दिशा-निर्देशों और मंजूरियों के बाद स्पष्ट होगी।
Akhil Mahajan