हरियाणा में बिजली कर्मचारियों की हड़ताल पर बैठक, CM सैनी भी पहुंचे; 4 जिलों में जाम

हरियाणा बिजली कर्मचारियों की हड़ताल के बीच पंचकूला में अनिल विज और यूनियन की बैठक हुई, सरकार ने धारा 108 के तहत कार्रवाई का प्रस्ताव दिया।

हरियाणा में बिजली कर्मचारियों की हड़ताल पर बैठक, CM सैनी भी पहुंचे; 4 जिलों में जाम

➤ अनिल विज और यूनियन नेताओं के बीच हड़ताल खत्म कराने पर बातचीत
➤ सरकार ने धारा 108 के तहत कार्रवाई का दिया प्रस्ताव, यूनियन ने मांगी नोटिफिकेशन की कॉपी
➤ बिजली संकट से 4 जिलों में जाम, पानीपत थर्मल की 2 यूनिट बंद


हरियाणा में बिजली कर्मचारियों की हड़ताल को लेकर पंचकूला के PWD रेस्ट हाउस में अहम बैठक चल रही है। बिजली मंत्री अनिल विज ने पहले यूनियन नेताओं के साथ बातचीत की और हड़ताल खत्म कराने के लिए सरकार की ओर से प्रस्ताव रखा। इसके बाद मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी भी बैठक में पहुंच गए हैं। फिलहाल यूनियन नेता सरकार के प्रस्ताव पर विचार कर रहे हैं, जबकि मुख्यमंत्री नायब सैनी और बिजली मंत्री अनिल विज अलग कमरे में आगे की रणनीति पर चर्चा कर रहे हैं। ऐसे में अब सभी की नजर इस बात पर है कि बातचीत से हड़ताल खत्म कराने को लेकर कोई सहमति बनती है या नहीं।

जानकारी के अनुसार, सरकार ने बिजली कर्मचारियों के मुद्दे पर बिजली अधिनियम की धारा 108 के तहत कार्रवाई करने का आश्वासन दिया है। हालांकि, यूनियन नेताओं ने केवल आश्वासन पर सहमति नहीं जताई और सरकार से इस संबंध में जारी होने वाली नोटिफिकेशन की कॉपी तुरंत देने की मांग की है। फिलहाल यूनियन नेता सरकार के प्रस्ताव पर विचार कर रहे हैं।

बिजली कर्मचारी गुरुग्राम और नूंह में एक निजी कंपनी को बिजली आपूर्ति का लाइसेंस दिए जाने के विरोध में हड़ताल पर हैं। यह हड़ताल गुरुवार से चल रही है और इसका असर प्रदेश के 15 जिलों में बताया गया है। शुक्रवार को भी कई इलाकों में बिजली आपूर्ति प्रभावित रही, जिससे आम लोगों के साथ कारोबारियों को भी परेशानी का सामना करना पड़ा।

हिसार के कई पॉश इलाकों में करीब 24 घंटे से बिजली आपूर्ति बाधित रहने के विरोध में दुकानदारों और स्थानीय लोगों ने सड़क पर जाम लगाया। कुरुक्षेत्र में भी अमीन रोड पर लोगों ने बिजली नहीं आने के विरोध में जाम लगाया। फरीदाबाद और गुरुग्राम में भी बिजली संकट को लेकर लोग सड़कों पर उतरे।

गुरुग्राम और हांसी के कई शहरी तथा ग्रामीण क्षेत्रों में भी लंबे समय तक बिजली आपूर्ति बाधित रहने की जानकारी सामने आई है। बिजली संकट का असर केवल घरेलू उपभोक्ताओं तक सीमित नहीं रहा, बल्कि बाजार और अन्य संस्थानों पर भी इसका प्रभाव पड़ा है। कुरुक्षेत्र और कैथल बार एसोसिएशन ने हड़ताल के चलते वर्क सस्पेंड रखने का फैसला लिया है।

इसी बीच पानीपत थर्मल पावर प्लांट की दो यूनिट बंद होने की भी जानकारी सामने आई है। इससे बिजली आपूर्ति को लेकर चिंता और बढ़ गई है। लगातार दूसरे दिन बिजली संकट के कारण कई जगह लोगों को परेशानी उठानी पड़ रही है।

बिजली कर्मचारी एवं इंजीनियर संयुक्त संघर्ष मोर्चा के उपप्रधान बलजीत बेनीवाल ने स्पष्ट किया है कि कर्मचारियों की मुख्य मांग गुरुग्राम और नूंह में निजी कंपनी को दिए गए बिजली आपूर्ति लाइसेंस को रद्द करवाना है। उनका कहना है कि जब तक लाइसेंस रद्द नहीं होता, तब तक हड़ताल वापस लेने पर सहमति नहीं बनेगी।

इस बीच सरकार और यूनियन के बीच चल रही बातचीत को मौजूदा संकट के समाधान की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। सरकार की ओर से धारा 108 के तहत कार्रवाई का प्रस्ताव दिए जाने के बाद अब यूनियन नेताओं की प्रतिक्रिया और आधिकारिक नोटिफिकेशन पर आगे की स्थिति निर्भर करेगी। फिलहाल हड़ताल खत्म होने की आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है।