यूपी हरियाणा से जुड़े 17.29 करोड़ के नकली नोट मामले का मास्‍टर माइंड मनाली से गिरफ्तार, जी रहा था मजे की जिंदगी

बैंक की करेंसी चेस्ट तक नकली नोट पहुंचाने का नेटवर्क कितना बड़ा? हरियाणा की कड़ी ने बढ़ाई हलचल

यूपी हरियाणा से जुड़े 17.29 करोड़ के नकली नोट मामले का  मास्‍टर माइंड मनाली से गिरफ्तार, जी रहा था मजे की जिंदगी

➤ सहारनपुर की PNB करेंसी चेस्ट में मिले 17.29 करोड़ के नकली नोटों के मामले में बड़ी गिरफ्तारी
➤ अंबाला से गिरफ्तार अजय कुमार और पहले पकड़े गए आदेश चौधरी से हरीश रॉटा के संबंध सामने आने का दावा
➤ मनाली से गिरफ्तारी के बाद NIA अब नकली नोटों की सप्लाई और बैंक चेस्ट तक पहुंचाने वाले पूरे नेटवर्क की कड़ियां जोड़ रही


सहारनपुर स्थित पंजाब नेशनल बैंक की करेंसी चेस्ट में मिले 17.29 करोड़ रुपये के नकली नोटों के मामले में राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने बड़ी कार्रवाई की है। एजेंसी ने इस पूरे प्रकरण के मास्टरमाइंड हरीश रॉटा को हिमाचल प्रदेश के मनाली से गिरफ्तार किया है। जांच एजेंसी के अनुसार, आरोपी बड़े पैमाने पर नकली भारतीय मुद्रा की छपाई और अंतरराज्यीय सप्लाई नेटवर्क के संचालन में शामिल था।

एनआईए की जांच के अनुसार, 22 अक्तूबर को गिरफ्तार हरीश इस पूरे षड्यंत्र के मुख्य चेहरों में शामिल है। उस पर बड़े पैमाने पर नकली नोट छापने और उनकी आपूर्ति करने का आरोप है। ये नकली नोट विभिन्न संपर्कों के जरिए सहारनपुर स्थित बैंक की करेंसी चेस्ट तक पहुंचाए गए थे।

मामले में पहले पकड़े गए आरोपी आदेश चौधरी और हाल ही में अंबाला से गिरफ्तार अजय कुमार से भी हरीश के संबंध सामने आए हैं। इससे साफ है कि नकली नोटों का यह कारोबार कई राज्यों में फैले एक संगठित नेटवर्क के जरिए चलाया जा रहा था।

एनआईए अब आरोपी से पूछताछ कर बैंक चेस्ट तक नोट पहुंचाने वाले पूरे सिंडिकेट और उसके स्थानीय संपर्कों की कड़ियां जोड़ने में जुटी है। एजेंसी यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि नकली नोट किन-किन रास्तों से होकर बैंक की तिजोरी तक पहुंचे और इस साजिश में और कौन-कौन शामिल है।

गौरतलब है कि यह मामला 29 अगस्त को सहारनपुर के सदर बाजार थाने में सामने आया था। इसके बाद 3 सितंबर को एनआईए ने जांच अपने हाथ में ले ली थी। तब से एजेंसी लगातार इस नेटवर्क से जुड़े आरोपियों की धरपकड़ में लगी हुई है।