रोहतक के गुरूकुल में एक दर्जन बच्चों के साथ कुकर्म की शर्मनाक घटना || बच्चें अपने परिजनों को देख फबक-फबक रोने लगे |

देश रोहतक विशेष स्टोरी

 

27 अगस्त , रोहतक।

रोहतक के निकट गाव भैयापुर लाढ़ोत में स्थित एक गुरूकुल में एक दर्जन मासूम बच्चों के साथ पिछले कई दिनों से कुकर्म किये जाने की शर्मनाक घटना सामने आई है । यह घटना गुरूकुल की चारदीवारी के भीतर गुरूओं और होस्टल वार्डनों के पहरे के बावजूद होती रही है ।

 लोगों में पुलिस के ढ़ुलमुल रवैये को लेकर भारी रोष  

सबसे शर्मनाक तथ्य यह पता चला है कि मासूम बच्चों के साथ जबरन कुकर्म की वारदातें होने के बारे में गुरूकुल के प्रबंधकों को पिछले कई दिनों से जानकारी थी , लेकिन प्रबंधकों और गुरूओं ने घटना की शिकायत पुलिस को करने की बजाए मामले को दबाने की कोशिश की । बच्चों के साथ जो जुल्म हुआ सो हुआ , उन्हें प्रबंधकों और आरोपी लड़को ने बुरी तरह मारा पीटा भी और उन्हें बुरी तरह डराया धमकाया भी । पीड़ित बच्चों को कहा गया कि यदि उन्होंने किसी को घटना के बारे में कुछ भी बताया तो उनकी फिर से दुर्दशा होगी।

प्राप्त जानकारी के अनुसार….

कुकर्म के शिकार हुए ज्यादातर बच्चे पांचवीं ,छटी और सातवीं कक्षा के है। शिकार हुए सभी बच्चे सुंदर चेहरे मोहरे वाले हैं । इन्हें शिकार बनाने वाले लड़कों की तादाद भी लगभग दो दर्जन है। आरोपी लड़के 10वीं व 12वीं कक्षाओं के छात्र हैं । पीड़ित बच्चों का आरोप है कि बड़ी कक्षाओं के मुस्टंडे टाइप छात्र रात को उन्हें उठा कर छत पर ले गये और उनके साथ कुकर्म किया । कुछ लड़कों ने बाथरूमों में भी उन्हें शिकार बनाया । जब वे विरोध करते तो उनकी पिटाई की जाती थी तथा चाकू निकाल कर भी डराया जाता था ।

शिकार हुए बच्चों में गन्नौर का रहने वाला सातवीं कक्षा का मासूम भी है। पहचान छिपाने के लिए नाम व पता यहां नहीं दिया जा रहा ।इस बच्चे के सगे मामा ने सदर थाने में बाकायदा शिकायत दी है कि पिछले एक साल से एक दर्जन लड़के उसके भानजे का यौन शोषण कर रहे हैं । रोहतक के डबल फाटक के नजदीक रहने वाली एक महिला ने इस प्रतिनिधि को बताया कि सातवीं कलास में पढ़ने वाले उसके भतीजे को तीन दिन पहले कई लड़कों ने हवश का शिकार बनाया और गुरूकुल के प्रबंधक कोई कार्रवाई करने की बजाए सारे मामले पर लीपापोती करने में लगे हैं । उन्होंने मांग की कि गुरूकुल के तमाम प्रबंधकों व होस्टल वार्डन सचिन व यशवीर को फौरन गिरफ्तार किया जाए ।

शिकार हुए बच्चों में छटी व सातवीं कक्षा के बच्चे , कुकर्मी बच्चे दसवीं के ..

एक पीड़ित बच्चे की मां , जिसका बच्चा छटी क्लास में पढ़ता है , ने कहा कि उन्हें घटना के बारे में पता ही नहीं चल पाता ,अगर वे रक्षा बंधन के मौके पर बच्चों को राखी बंधवाने के लिए गुरूकुल नहीं जाते। महिला ने कहा कि उनके बच्चे उन्हें देखते ही फफक कर रोने लगे और बहुत पूछने के बाद उन्होंने बताया कि उनके साथ क्या हुआ है । यौन शोषण के शिकार हुए एक बच्चे के दुखी पिता का कहना था कि उसके बच्चे के साथ हुई वारदात के बारे में जानकर उसका कलेजा फटा जा रहा है । उसके बच्चे ने जो आपबीती बताई है , उससे उसके रौंगटे खड़े हो गये हैं ।एक अन्य अभिभावक का कहना था कि वे गुरूकुल में अपने बच्चों को अच्छे संस्कार मिलने की उम्मीद में प्रबंधकों के भरोसे छोड़ कर आये थे , लेकिन क्या मिला हमारे बच्चों को – जीवन भर की जिल्लत और मानसिक तनाव ? क्या ये बच्चे अब कभी सामान्य जीवन जी पाएंगे ?

अभिभावकों से मिलते ही फफक-फफक कर रोने लगे सभी बच्चे  …

जब यह संवाददाता जानकारी मिलने के बाद गुरूकुल मे पहुंचा तो दर्जन भर अभिभावक अपने मासूम बच्चों को गोद में लिए बैठे थे और बच्चों के मुंह से आपबीती सुनकर सुबक रहे थे। उनमें ज्यादातर महिलाएं ही थीं । वे सभी लोग गुरूकुल के प्राचार्य के पास गये , लेकिन प्राचार्य ने उनकी कुछ सुनने की बजाए उलटे अपनी अलग ही कहानी सुनानी कर दी । प्राचार्य के व्यवहार से असंतुष्ट हो कर सभी अभिभावक इकट्ठे हो कर रोहतक के सुखपुरा चौक स्थित सदर पुलिस स्टेशन पंहुचे और पुलिस को अपनी शिकायत दी।लेकिन पुलिस का व्यवहार भी टरकाऊ ही रहा ।

गुरूकुल के प्रबंधकों का कहना है कि

ये बच्चे गुरूकुल से भागना चाहते थे ,लेकिन ये भागने से पहले ही पकड़े गये और इस कारण गुरूजनों द्वारा इनकी पिटाई की गई थी। पिटाई के कारण ही अब ये बच्चे कुकर्म होने जैसा आरोप लगा रहे हैं , लेकिन प्रबंधकों व प्राचार्य के पास इस बात का कोई जवाब नहीं कि यदि पिटाई की वजह से बच्चे यौन शोषण का आरोप लगा रहे हैं तो उन्हें यह आरोप दूसरे बच्चों के खिलाफ लगाने की बजाए प्रबंधकों व गुरूकुल के शिक्षकों के विरूद्ध लगाना चाहिये था ।

इस बीच पता चला है कि पुलिस ने एक पीड़ित बच्चे की मां मोनिका नाम की एक महिला की शिकायत पर तीन लड़कों के खिलाफ सदर थाना में भारतीय दंड संहिता की धारा 323 , 202 , 34 , 377 व 506 तथा पॉक्सो एक्ट की धारा 4 के तहत मुकदमा दर्ज किया है । जब इस संबंध में सदर थाना पुलिस से संपर्क किया गया तो बताया गया कि फिलहाल उनके पास सिर्फ एक ही शिकायत आई है , जिस पर अभियुक्तों के विरूद्ध मारपीट , कुकर्म और जान से मारने की धमकी देने का मामला दर्ज किया गया है ।अगर और शिकायतें आयेंगी तो मुकदमा दर्ज कर लिया जाएगा।


by
सिटी तहलका डेस्क

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