हरियाणा ने Central budget में रेल, वायुमार्ग के विकास व कृषि उद्योग के लिए मांगा पैकेज

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हरियाणा ने Central budget में रेल, वायुमार्ग के विकास व कृषि उद्योग के लिए मांगा पैकेज

 

हरियाणा सरकार ने वर्ष 2020-21 के लिए केंद्रीय बजट में रेल, वायुमार्ग के ढांचागत विकास सहित कृषि और उद्योगों के विकास के लिए पैकेज की मांग की है। केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के साथ नई दिल्ली के एमडीएमसी कन्वेंशन सेंटर में विभिन्न राज्यों के वित्त मंत्रियों की प्री-बजट बैठक में मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने राज्य की तरफ से तीन अहम प्रस्ताव रखे। इसमें राज्य में औद्योगिक विकास के लिए रेल, वायुमार्ग के ढांचागत निर्माण के लिए केंद्रीय बजट में प्रावधान करने से लेकर किसानों को फसली ऋण के ब्याज व जुर्माने से दी गई राहत का हिस्सा केंद्र सरकार द्वारा भरपाई के रूप में देने का सुझाव भी शामिल हैं।

मुख्यमंत्री ने इस बैठक में प्रदेश की आर्थिक उपलब्धियों का भी जिक्र किया। उन्होंने बताया कि वर्ष 2018-19 में देश की 6.81 फीसद आर्थिक विकास दर के मुकाबले में हरियाणा की आर्थिक विकास 8.19 फीसद रही। प्रतिव्यक्ति आय भी एक लाख 26 हजार 406 के राष्ट्रीय आंकड़े के मुकाबले दो लाख 26 हजार 644 रुपये है। इसके बूते हरियाणा प्रधानमंत्री द्वारा राष्ट्रीय सकल घरेलू उत्पाद पांच टिलियन डॉलर के स्तर तक पहुंचाने के निर्धारित लक्ष्य में अपना सहयोग दे रहा है।

रेल-वायुमार्ग परियोजनाओं को मिले बजट अभिभाषण में स्थान

मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने प्री-बजट बैठक में कहा कि रेल मंत्रालय और हरियाणा सरकार ने मिलकर वर्ष 2017 में 50-50 के समझौते पर हरियाणा रेल इंफ्रास्ट्रर विकास निगम का गठन किया। इसके तहत तीन नई रेल लाइन के प्रस्ताव रेल मंत्रालय को दिए हुए हैं। इनके निर्माण के लिए केंद्रीय बजट में प्रावधान किया जाए। इन तीन रेल परियोजनाओं में करनाल-यमुनानगर, जींद-हांसी, जींद-नरवाना-कैथल रेलवे लिंक विकसित करने और हरियाणा आर्बिटल रेल कॉरिडोर के तहत दिल्ली के सराय कालेखां से राजस्थान के शहजानपुर-नीमराना-बहरोड़ तक हरियाणा से गुजरते रैपिड रेल ट्रांजिट सिस्टम शामिल हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि दिल्ली हवाई अड्डे पर दबाव कम करने के लिए हरियाणा सरकार हिसार में एक एविएशन हब विकसित कर रही है।

 

 

सहकारी बैंकों और समितियों के पुन: पूंजीकरण को मिलें दो हजार करोड़ रुपये

किसानों के फसली ऋण पर एकमुश्त ब्याज व जुर्माना माफ करने की बाबत मुख्यमंत्री ने हरियाणा के लिए केंद्रीय वित्त मंत्री के समक्ष दो हजार करोड़ रुपये की सहायता राशि की मांग रखी। सीएम ने बताया कि राज्य में फिलहाल 31 दिसंबर तक किसानों के कर्ज पर ब्याज व जुर्माना माफी योजना चल रही है। इसके तहत राज्य में आठ लाख 70 हजार बकायादारों के खातों में अटके 6550 करोड़ रुपये का समाधान हो चुका है। इससे 2 लाख 20 हजार किसानों के खाते ठीक हो गए हैं। इन किसानों ने मूलधन के एक हजार करोड़ रुपये वापस किए हैं। बावजूद इसके सहकारी बैंकों और समितियों पर आर्थिक बोझ पड़ रहा है। केंद्र सरकार ने देश के बैंकों के पुन: पूंजीकरण के लिए 70 हजार करोड़ रुपये की राशि की व्यवस्था की है।

सार्वजनिक उपक्रम क्षेत्र की बंद पड़ी इकाईयों के लिए दिया सुझाव

मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने सार्वजनिक उपक्रम क्षेत्र की बंद पड़ी केंद्रीय इकाईयों को राज्य सरकारों को बेचने का प्रस्ताव भी केंद्रीय बजट में लाने संबंधी सुझाव रखा। इस बारे में सीएम ने बताया कि सीमेंट कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया की दादरी में 205 एकड़ भूमि बेकार पड़ी है। इंडियन ड्रग्स एंड फार्मा लिमिटेड की गुरुग्राम में 90 एकड़ भूमि का उपयोग नहीं हो रहा है। इसी तरह की भूमि को राज्य सरकार खरीदने को तैयार है। पिंजौर की बंद पड़ी एचएमटी फैक्ट्री की जमीन खरीदकर हरियाणा सरकार पहले भी एक उदाहरण पेश कर चुकी है। इसलिए केंद्रीय बजट में सार्वजनिक उपक्रम इकाईयों की व्यर्थ जमीन राज्य सरकारों द्वारा खरीदने संबंधी एक नीतिगत निर्णय का जिक्र बजट में होना चाहिए।

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