वोटरों की नब्ज में तलाश रहे जीत की धड़कन, कांग्रेस के बागी ने किया त्रिको‍णीय मुकाबला

पानीपत म्हारा हरियाणा राजनीति

 

वोटरों की नब्ज में तलाश रहे जीत की धड़कन, कांग्रेस के बागी ने किया त्रिको‍णीय मुकाबला

 

 

अंबाला शहर सीट से किस्मत आजमा रहे प्रत्याशी वोटरों की नब्ज में ही अपनी जीत की धड़कन महसूस कर रहे हैं। किसी को यह धड़कन साफ सुनाई दे रही है, तो कोई कान लगाकर इस धड़कन को सुनने की कोशिशों में लगा है। मतदाता भी अपने पत्ते नहीं खोल रहे, जिससे प्रत्याशियों के लिए भी यह कहना मुश्किल हो रहा है कि कौन कितने वोट हासिल कर लेगा। हालांकि आंकड़ों में अपनी जीत का दावा कर रहे हैं, लेकिन मतदाताओं का क्या पता कौन किसे राजा बना दे। कुछ ऐसा ही माहौल मिला अंबाला शहर सीट का जहां पर जिला भर की चार सीटों में सबसे ज्यादा मतदाता हैं। हर बाजार, मोहल्ला, कालोनी या गांव के मतदाता सस्पेंस को बढ़ा रहे हैं। टटोलने पर हालांकि कौन जीत रहा है, बता तो रहे हैं, लेकिन अधिकतर मतदाता साइलेंट हैं। प्रत्याशियों ने भी प्रचार मैनेजमेंट के तहत इन बाजारों, मोहल्लों, कालोनियों व गांवों में उतार दिए हैं। अब देखना है कि मुकाबला कौन कितने अंतर से जीतेगा।

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कई प्रत्याशियों का फैसला करेगा यह चुनाव

अंबाला शहर सीट पर खड़े उम्मीदवारों के राजनीतिक भविष्य का फैसला भी यह चुनाव कर देगा। प्रमुख राष्ट्रीय दलों के साथ-साथ क्षेत्रीय दल तो चुनाव मैदान में उतरे हैं, जो इस चुनाव को काफी अहम बना रहे हैं। इस सीट पर अब तक सीधा मुकाबला होता रहा है, लेकिन इस बार यह मुकाबला तिकोना दिख रहा है। चिरप्रतिद्वंद्वी पूर्व विधायक जसबीर मलौर और पूर्व मंत्री चौ. निर्मल सिंह एक बार फिर आमने सामने हैं, जबकि भाजपा के सिटिंग एमएलए असीम गोयल भी चुनाव मैदान में हैं। यहीं पर मुकाबला तिकोना है। अब तक हुए बारह चुनावों में सात बार भाजपा तो पांच बार बाजी कांग्रेस के हाथ लगी है। इसी सीट पर भाजपा के मास्टर शिव प्रसाद तीन बार लगातार जीत चुके हैं।

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निर्मल सिंह और जसबीर मलौर नग्गल से रह चुके हैं विधायक

नग्गल हलके में पूर्व राजस्व मंत्री निर्मल सिंह व पूर्व विधायक जसबीर मलौर विधायक रह चुके हैं। सन 2000 में मलौर ने बाजी मारी थी जबकि सन 2005 में दोनों ने इसी हलके से फिर चुनाव लड़ा था। इसमें चौ. निर्मल सिंह जीते थे। इसके बाद परिसीमन के चलते नग्गल हलका तोड़ दिया गया, जिससे जिले की पांच में से एक सीट नग्गल खत्म कर दी गई। इसके करीब सौ से अधिक गांवों को अंबाला शहर के साथ जोड़ दिया गया। साल 2005 के बाद अब कांग्रेस से बागी होकर आजाद उम्मीदवार खड़े निर्मल सिंह व कांग्रेस से जसबीर मलौर फिर आमने सामने हैं। लेकिन बीते 2014 के चुनाव में भारी मतों से जीते भाजपा के असीम गोयल फिर मैदान में हैं।

यह है अंबाला शहर सीट से मतदाताओं की आंकड़ा
अंबाला शहर सीट पर कुल मतदाता 253443
पुरूष मतदाता 132860 व महिला मतदाता 120576 और अन्य 7 (ट्रांसजेंडर) मतदाता
पोलिंग स्टेशन की संख्या 248 है। शहरी क्षेत्र में पोलिंग स्टेशन 53, ग्रामीण में 71, सखी पोलिंग स्टेशन की संख्या 16 है
साक्षरता दर 81.4 प्रतिशत
कुल उम्मीदवार 10
यह प्रत्याशी किस्मत आजमा रहे अंबाला शहर सीट से
असीम गोयल : भाजपा
जसबीर मलौर : कांग्रेस
रविंदर सिंह : बसपा
अंशुल अग्रवाल : आम आदमी पार्टी
शरणपाल सचदेवा : लोकतंत्र सुरक्षा पार्टी
हरपाल सिंह : जननायक जनता पार्टी
निर्मल सिंह : आजाद

 

 

 

चौधरी निर्मल सिंह (पूर्व मंत्री) : आजाद
योगेश कुमार : आजाद
राजेश पाहुजा : आजाद
अंबाला शहर सीट से इस तरह से रहा जीत और हार का आंकड़ा
साल प्रत्याशी/पार्टी/वोट प्रत्याशी/पार्टी/वोट
1967 फकीरचंद/बीजेएस/15887 एजी खान/कांग्रेस/8973
1968 लेखवती जैन/कांग्रेस/14552 फकीरचंद/बीजेएस/9482
1972 लेखवती जैन/कांग्रेस/16932 लक्ष्मी नारायण/बीजेएस 16170
1977 शिव प्रसाद/जेएनपी/28237 लेखवती जैन/कांग्रेस/8279
1982 शिव प्रसाद/भाजपा/21847 सुमेर चंद/कांग्रेस/18646
1987 शिव प्रसाद/भाजपा/25073 रामयश/कांग्रेस/19632
1991 सुमेरचंद/कांग्रेस/20489 फकीरचंद/भाजपा/19388
1996 फकीरचंद/भाजपा/28570 सुमेर चंद/कांग्रेस/24900
2000 वीना छिब्बर/भाजपा/29949 किरण बाला जैन/कांग्रेस/23840
2005 विनोद शर्मा/कांग्रेस/50618 सुरजीत सिंह/इनेलो/15302
2009 विनोद शर्मा/कांग्रेस/69435 चरणजीत कौर/शिअद/33885
2014 असीम गोयल/भाजपा/60216 विनोद शर्मा/एचजेसी/36964

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