कई वाहनों के रजिस्ट्रेशन केंसिल।। गौ व अन्य प्रतिबंधित पशु तस्करों के खिलाफ सरकार का बड़ा फैसला

म्हारा हरियाणा विशेष स्टोरी

सरकार ने गौ व अन्य प्रतिबंधित पशुओं पर अत्याचार करने वालों के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। सरकार ने विभागीय अधिकारियों को पशुओं पर अत्याचार करने के लिए प्रयोग में लाए गए वाहनों का रजिस्टेशन ही कैंसिल करने का फैसला ले लिया है। इसका प्रमाण रीजनल ट्रांसपोर्ट  कार्यालय गुरुग्राम द्वारा 2 जून को दो अलग-अलग जगहों से पकड़े गए वाहनों के रजिस्ट्रेशन  कैंसिल किया जाना है। बता दें कि रीजनल ट्रांसपोर्ट कार्यालय गुरुग्राम ने पशुओं पर अत्याचार करने वाले दो लोगों को कार्यालय की ओर से भेजे गए नोटिस का नियमानुसार 15 दिन के भीतर कोई जवाब न दिए जाने पररजिस्ट्रेशन रद्द कर दिया है। इस मामले में विभाग ने 7 और 8 जून को दोनों लोगों को नोटिस भेजकर जवाब देने के लिए कहा था। लेकिन इस अवधि में वाहन मालिकों में से एक का भी विभाग को कोई जवाब प्राप्त नहीं हुआ। इसके बाद ही विभाग ने कार्रवाई की।

  • naresh kadyan
    आयुक्त नरेश कादियान द्वारा पशुओं पर अत्याचार करने वाले इन दोनों लोगों के बारे में 6 जून को रीजनल ट्रांसपोर्ट कार्यालय गुरुग्राम पत्र भेजकर अवगत करया था

बता दें भारत स्काउट एवं गाइड हरियाणा के आयुक्त नरेश कादियान द्वारा पशुओं पर अत्याचार करने वाले इन दोनों लोगों के बारे में 6 जून को रीजनल ट्रांसपोर्ट कार्यालय गुरुग्राम पत्र भेजकर अवगत करया था कि वाहन संख्या एचआर 55पी-6473 के खिलाफ दिल्ली के वसंत विहार, राजस्थान के हनुमानगढ़ जिले के नौहर, हरियाणा के जिला भिवानी के लोहारू, यूपी के इटावा जिले के बाकेवर और दिल्ली के सनलाइट स्थित पुलिस स्टेशनों में एफआईआर दर्ज है। इसी तरह वाहन संख्या एचआर 55 डब्ल्यू-4426 के खिलाफ हरियाणा के जिला भिवानी के दादरी सदर पुलिस थाना और नूहं-मेवात जिले के फिरोजपुर झिरका पुलिस थाने में एफआईआर दर्ज है। कहा गया था कि इन वाहनों में पशुओं पर अत्याचार कर इन लोगों वाहन पंजीकरण के नियमों का उल्लंघन किया है। इनके खिलाफ कार्रवाई की जाए।

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New Doc 2018-07-03 (PDF)
आरटीओ ने  भेजा था वाहन मालिकों को नोटिस 

ट्रांसपोर्ट  कार्यालय गुरुग्राम के अधिकारियों की मानें तो भारत स्काउट एवं गाइड हरियाणा के आयुक्त नरेश कादियान के पत्र मिलने के बाद तत्काल प्रभाव से विभाग ने वाहन वाहन संख्या एचआर 55पी-6473 के मालिक आस मोहम्मद पुत्र मोहम्मद अनीस, निवासी मकान नंबर 185, मोनसर, गुरुग्राम और वाहन संख्या एचआर 55 डब्ल्यू-4426 के मालिक मोहम्मद अक्की पुत्र जमालुद्दीन निवासी गांव बडलकी, नूहं-मेवात को कारण बताओं नोटिस भेजकर उनसे नियमानुसार 15 दिन के भीतर जवाब मांगा था। नोटिस में साफ कहा गया था कि अगर 15 दिनों के भीतर गाड़ी मालिक ने पूर्ण तथ्यों के साथ जवाब नहीं दिया तो हरियाणा मोहर वाहन नियम 1993 की धारा 94 की उल्लंघना करने पर मोटर वाहन अधिनियम 1988 की धारा 55-3 के तहत वाहन का रजिस्ट्रेशन  रद्द कर दिया जाएगा। लेकिन दोनों गाड़ियों के मालिकों ने 15 दिन बीत जाने के बाद भी कोई जवाब नहीं दिया है। इस दशा में विभाग ने नियमानुसार दोनों गाड़ियों के रजिस्ट्रेशन  रद्द कर दिए।


by
सिटी तहलका, डेस्क 

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