निर्माणाधीन नाले की दीवार गिरी, 2 मजदूर दबे।। निगम कर्मियों पर मिलीभगत का आरोप

पानीपत राजनीति विशेष स्टोरी
पानीपत, 30 जुलाई।

पानीपत की बत्रा कलोनी में सोमवार को निर्माणाधीन नाला धसने से दो मजदूरों के दब जाने का मामला सामने आया है। बताया जाता है कि  बरसात के बाद मिट्टी के कटाव होने के बाद काम करने आए थे। जैसे ही उन्होंने काम शुरू किया, तभी नाले की दीवार गिर ढह गई। दबे हुए दोनों मजदूरों को आसपास मौजूद लोगों की मदद से प्रशासन ने बाहर निकला तो निकाल लिया, लेकिन उनकी हालत काफी गंभीर बताई जाती है। दोनों को गंभीर हालत में शहर के एक निजी हास्पिटल में भर्ती कराया गया है। स्थानीय लोगों ने हादसे का जिम्मेदार निगम को ठहराया है।

ऐसे हुआ हादसा 
दोनों मजदूरों को आसपास मौजूद लोगों की मदद से प्रयाासन ने बाहर निकला तो निकाल लिया,
दोनों मजदूरों को आसपास मौजूद लोगों की मदद से प्रशासन ने बाहर निकला तो निकाल लिया,

बत्रा कालोनी के लोगों ने बताया कि इस वार्ड का पाषर्द प्रवेश नैन थे। उनका आरोप है कि जब उसने ठेकेदार से नाले का निर्माण शुरू कराया था तो उसमें घटिया सामग्री का इस्तेमाल किया गया था। इसकी शिकायत निगम में की भी गई थी। लेकिन निगम अधिकारियों ने इस ओर कोई ध्यान नहीं दिया था। उनका आरोप है कि निवर्तमान पार्षद प्रवेश नैन पर पहले भी गबन का आरोप लग चुका है, जिसके तहत थाना माॅडल टाउन में उसके खिलाफ धारा 420 के अंतर्गत मामला भी दर्ज है। उन्होंने बताया कि सोमवार सुबह नाले पर 6 मजदूर जिनमें दो महिलाएं भी थी, निर्माणाधीन नाले पर काम करने पहुंचे। जैसे ही उन्होंने काम करना शुरू किया तो नाले की दीवार ढह गई। दीवार गिरते समय वहां काम कर रहे 4 मजदूर तो बाहर होने की वजह से बाल-बाल बच गए, जबकि अंदर काम कर रहे सजला और हरिराम नाम के 2 मजदूर बहार नहीं निकल पाए और वे नाले की दीवार के मलबे में दब गए। शोर मचते ही आसपास के लोग घटना स्थल परर पहुंचे। सूचना मिलते ही वहीं प्रशासनिक अधिकारी भी पहुंच गए। उन्होंने लोगों की मदद से दीवार के मलबे में दबे दोनों मजदूरों को काफी मशक्कत के बाद निकाला। अधिकारियों ने दोनों को गंभीर हालत में शहर के संजय चैक स्थित एक निजी हास्पिटल में भर्ती कराया।

निगम की अनदेखी का खामियाजा मजदूरों ने भुगता 

स्थानीय लोगों को आरोप है कि इस नाले के निर्माण में वार्ड के निवर्तमान पार्षद व ठेकेदार द्वारा मिलीभगत कर घटिया सामग्री का प्रयोग किया गया था। उन्होंने इसकी शिकायत निगम अधिकारियों से की भी थी, लेकिन उन्होंने शिकायत पर आज तक कोई ध्यान नहीं दिया।आखिकारो निगम अधिकारियों ने इस ओर ध्यान क्यों नही दिया। क्या इसमें अधिकारियों की भी मिलीभगत थी। या फिर अधिकारी किसी बड़े हादसे का इंतजार कर रहे थे। कालोनी के लोगों को कहना है कि सरकार को इस हादसे बाद शहर में निर्माणाधीन सभी नालों की जांच करानी चाहिए, जिससे निगम अधिकारियों, निवर्तमान पार्षदों और ठेकेदारों का भ्रष्टाचार जगजाहिर हो सके।


by

प्रदीप रेढ़ू
सिटी तहलका 

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