सरकार के गले की फांस तो नहीं बन जाएगा सीएमओ का तबादला!।। सरकारी और प्राइवेट डाॅक्टर्स लामबंद

पानीपत राजनीति विशेष स्टोरी सामाजिक
पानीपत, 31 जुलाई।

पानीपत के सीएमओ (CMO) संतलाल वर्मा का तबादला हरियाणा सरकार के गले की फांस बन सकता है। तबादले के विरोध में सरकारी के साथ ही प्राइवेट डॉक्टर भी पूरी तरह लामबंद हो गए हैं। उनका कहना है कि लिंग अनुपात बढ़ाने में जुटे डॉक्टरों को राजनीतिक प्रताड़ना का शिकार होना पड़ रहा है। डॉक्टरो ने सरकार को तबादला रदद् करने के लिए बुधवार तक का अल्टीमेटम दिया है। अगर सरकार कल तक इस बारे में कोई कदम नहीं उठाती तो वीरवार से ओपीडी व इमरजेंसी सेवाएं पूरी तरह बंद कर दी जाएंगी। वहीं, सिटी तहलका से बातचीत में झोलाछाप डॉक्टरो के समर्थन में आवाज बुलंद करने वाले समालखा विधानसभा क्षेत्र के विधायक रविन्द्र मच्छरौली ने कहा कि झोलाछाप डाॅक्टर ही गरीबों को संभालते हैं। जबकि बड़े डॉक्टर हाथ देखने के भी मरीजों से कम से कम 500 रुपये ऐंठ लेते हैं। दूसरी ओर सोमवार शाम को सीएमओ के तबादले को लेकर डॉक्टर सड़कों पर उतर गए थे। उन्होंने डीसी सुमेधा कटारिया से मिल अपनी बात रखी थी। डीसी ने इस बारे में सरकार से बात करने का आश्वासन दिया।

 सरकार ने आनन-फानन में सीएमओ का तबादला पानीपत से मेवात कर दिया,
सरकार ने आनन-फानन में सीएमओ का तबादला पानीपत से मेवात कर दिया,

पानीपत के चीफ मेडिकल आफिसर डॉ. संतलाल वर्मा का तबादले के मुद्दे पर सरकार और प्राइवेट डाॅक्टर्स आमने-सामने आ गए हैं। सीएमओ संतलाल वर्मा के तबादले का हरियाणा सिविल मेडिकल सर्विसेज एसोसिएशन तो पहले से ही विरोध कर रही थी, लेकिन इंडियन मेडिकल एसोसिएशन द्वारा भी खुल कर पानीपत सिविल सर्जन संतलाल के समर्थन में आने से सरकार की परेशानी बढ़ गई है। सरकारी व प्राइवेट डॉक्टरों के एक प्रतिनिधिमंडल ने सोमवार शाम जिला उपायुक्त सुमेधा कटारिया से मिलकर इस मामले में कड़ी नाराजगी जताई। उन्होंने डीसी को सरकार के नाम ज्ञापन सौपते हुए कहा कि सीएमओ संतलाल वर्मा इस मामले में अपनी ड्यूटी का फर्ज सही प्रकार से अदा कर रहे थे, लेकिन राजनीतिक दबाव के कारण सरकार गलत लोगों का साथ दे रही है। उनके तबादले से सही काम करने वाले डॉक्टर डीमोरलाइज होंगे। डॉक्टरों का कहना था एक तरफ डॉक्टर पूरी तन्मयता से लिंग-अनुपात बढ़ाने की मुहिम में लगे हैं, वहीं दूसरी ओर सरकार डॉक्टरों का हौसला बढ़ाने की बजाय राजनीतिक दबाव में प्रताड़ित कर रही है। डॉक्टरो ने हरियाणा सरकार को बुधवार तक सीएमओ का ट्रांसफर रद्द करने का अल्टीमेटम दिया है। ऐसा न होने पर वीरवार से सरकारी व प्राइवेट डॉक्टर व इमरजेंसी सेवाएं ठप कर देंगे। सरकारी डॉक्टरों ने तो पोस्टमार्टम तक रोकने की धमकी दी है। अगर सरकार ने समय रहते इस मामले को नही सुलझाया तो स्तिथि गंभीर हो सकती है।

विधायक मच्छरौली ने डिप्टी सिविल सर्जन को धमका फाड़ दिए थे सरकारी कागज 

गौरतलब है कि सीएम विंडो पर दी गई शिकायत के आधार पर समालखा के देहरा गांव में डिप्टी सिविल सर्जन डॉ. मनीष गोयल के नेतृत्व में एक झोलाछाप डॉक्टर पर छापेमारी की गई थी। ये छापेमारी करना ही सीविल सर्जन संतलाल वर्मा को भारी पड़ गया। डॉक्टरों का आरोप है कि समालखा के विधायक रविंद्र मच्छरौली ने मौके पर ही डिप्टी सिविल सर्जन मुनीष गोयल को धमकाते हुए सरकारी कागज फाड़ दिए थे और मोबाइल से फोटो डिलीट कर दिए थे। उसके बाद विधायक के नेतृत्व में सैंकड़ो झोलाछाप डॉक्टरों ने लघुसचिवालय के सामने  शक्ति-प्रदर्शन किया था। पानीपत ग्रामीण विधायक महिपाल ढांडा ने भी झोला छाप डॉक्टरों का समर्थन किया था। विधायकों के दबाव में आई सरकार ने आनन-फानन में सीएमओ का तबादला पानीपत से मेवात कर दिया, जिससे डॉक्टर भड़क गए। सोमवार को जहां सिविल अस्पताल में हरियाणा सिविल सर्विसेज एसोसिएशन की मीटिंग में सरकार से फैसला वापस लेने की मांग की गई, वंही आईएमए ने भी बैठक कर सरकार के फैसले की आलोचना की है।

-: सिटी तहलका ने विधायक रविंदर मछरौली से की बातचीत, आइए जानें क्या कहा विधायक ने :-
  • सवाल: शिकायत मिलने पर अगर स्वास्थ्य विभाग ने देहरा गांव में कार्रवाई की तो क्या वह कोई जुर्म था?
  • मच्छरौली: जुर्म तो नहीं है, लेकिन लोगों को कोई परेशान करेगा तो वह जुर्म ही कहलाएगा। विधायक ने कहा कि डॉक्टर संतलाल वर्मा भ्रष्ट आदमी है, इसलिए वह आरएमपी डॉक्टर को परेशान कर रहा है।
  • सवाल: सीएमओ के तबादले के विरोध में प्राइवेट और सरकारी डॉक्टर मिलकर हड़ताल पर जाने वाले हैं, इस बारे में क्या कहेंगे?
  • मच्छरौली: प्राइवेट और सरकारी डॉक्टर हड़ताल पर जाने वाले हैं, इससे यह साबित होता है कि सरकारी और प्राइवेट डॉक्टर मिले हुए हैं। शहर के बड़े-बड़े अस्पतालों में गर्भपात जैसे गैरकानूनी काम हो रहे हैं।
  • सवाल: चुनाव नजदीक हैं, कहीं यह आपका चुनावी स्टंट तो नहीं ?
  • मच्छरौली: इस बात का चुनाव से कोई लेना देना नहीं है। वे शुरू से ही लोगों की सेवा करते आए हैं, इसलिए वह अपने हलके में कोई भी गलत कार्य नहीं होने देंगे।
सवाल: अब आपके कहने से सीएमओ का तबादला हो गया है, क्या अब भी आपका कुछ कहना है ?

मच्छरौली: उन्हें सरकार की भ्रष्टाचार जीरो टॉलरेंस की निति बेहद पसंद है। पानीपत सीएमओ संतलाल वर्मा एक भ्रष्ट अफसर हैं। वे प्राइवेट अस्पताल संचालकों के साथ मिले हुए थे। जबकि ग्रामीणों के लिए जीवनदाता के समान आरएमपी डॉक्टरों पर धन उगाही के लिए कार्रवाई करता था। अभी तो तबादला ही हुआ है, ऐसे भ्रष्ट अफसर के खिलाफ तो सीएम से शिकायत कर कानूनी कार्रवाई की मांग भी की जाएगी।

सवाल: जिले में लिंगानुपात गिरने का आप मुख्य रूप से किसको दोषी मानेंगे ?

मच्छरौली: सीएमओ की निजी हॉस्पिटल संचालकों की मिलीभगत के कारण पानीपत लिंगानुपात में लगातार गिरावट आई है। पानीपत जिला लिंगानुपात के मामले में पहले 1 नंबर था, वहीं अब पिछड़कर 14वें नंबर पर पहुंच गया है। उनका कहना है कि निजी संचालक चोरी-छिपे गैरकानूनी तरीके से लिंग जांच का काम करते हैं। ग्रामीण क्षेत्र में गरीब जनता के लिए आरएमपी डॉक्टर आधी रात को भी काम आता है। उन्होंने कहा कि निजी हॉस्पिटल संचालकों का सीएमओ के समर्थन में आना, उनके मिलीभगत के रिश्ते को दर्शाता है।


by

प्रदीप रेढ़ू
सिटी तहलका 

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