सुप्रीम कोर्ट में ‘पुरुष रेप‘ संबंधी याचिका खारिज।। कहा-कानून बनाना संसद का काम

देश पानीपत विशेष स्टोरी

सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को पुरुषों से ‘रेप‘ संबंधी याचिका को खारिज कर दिया है। यह याचिका एडवोकेट ऋषि मल्होत्रा द्वारा दायर की गई थी। याचिका में मांग की गई थी कि महिलाओं को भी पुरुषों की तरह रेप और यौन उत्पीड़न जैसे मामलों में दंडित किया जाए, क्योंकि पुरूष भी रेप के पीड़ित हो सकते हैं। इस याचिका को खारिज करते हुए मुख्य न्यायाधीश दीपक मिश्रा ने कहा कि ये संसद का काम है और वही इस पर फैसला ले सकती है। कोर्ट ने कहा कि ऐसे कानून महिलाओं के सरंक्षण के लिए बनाए गए हैं।

  • मुख्य न्यायाधीश दीपक मिश्रा
    मुख्य न्यायाधीश दीपक मिश्रा

आपको बता दें कि इस याचिका में ‘रेप‘ जैसे अपराध को जेंडर मुक्त करने की सिफारिश की गई थी। याचिका में दलील दी गई थी कि यौन अपराध को लिंग के आधार पर तय नहीं किया जाना चाहिए। ये पुरुषों के मूल अधिकारों का हनन भी है। आपको बता दें कि वर्तमान कानून के मुताबिक अगर पुरुष अपने ‘रेप‘ संबंधी शिकायत करता है तो आरोपी को धारा 377 के तहत सजा दी जाती है। पुरुषों से जुड़े ऐसे अपराधों को ‘रेप‘ नहीं बल्कि अननेचुरल सेक्स (अप्राकृतिक यौनाचारा ) की कैटेगरी में रखा जाता है।


by
सिटी तहलका डेस्क

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *