शर्म करो अधिकारियों’ मंत्री अनिल विज कहीं फिर न दोहरा दें ये शब्द।। पहली बार कोई विधायक रखेगा कष्ट निवारण की बैठक में शिकायत

पानीपत राजनीति विशेष स्टोरी

शुक्रवार यानी 29 जून को पानीपत में कष्ट निवारण समिति की बैठक प्रस्तावित है। अध्यक्षता फिर कड़क स्वभावी स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज को ही करनी है। पिछली बैठक में उस समय हास्यापद स्थिति पैदा हो गई थी, जब शहर के पाषर्द हरीश शर्मा ने बैठक में विज के समक्ष अपने वार्ड की एक शिकायत रख अधिकारियों पर अनदेखी का आरोप लगा दिया था। जिस पर अनिल विज ने माथा पीटते हुए कहा था कि शर्म करो अधिकारियों। इससे ज्यादा और क्या हो सकता है कि एक पार्षद को अपनी शिकायत लेकर यहां तक आना पड़ा। तब तो बात एक पार्षद की थी, लेकिन इस बार तो शहर विधायक रोहिता रेवड़ी ही बैठक में 1 नहीं बल्कि अपनी 2-2 शिकायत लेकर पहुंचेंगी। वहीं, इस बार पुलिस अधीक्षक संगीता कालिया का भी लोगों को बैठक में पहुंचने का बेसब्री से इंजतार है। बता दें कि पानीपत में ज्वाइनिंग के बाद कालिया अभी तक पानीपत की कष्ट निवारण समिति की बैठक में एक बार भी नहीं पहुंच पाई हैं। फतेहाबाद में एसपी रहते हुए कष्ट निवारण समिति की एक बैठक में मंत्री अनिल विज से एक शिकायत पर संगीता कालिया की अच्छी खासी भिड़त हो गई थी। इसके बाद अभी तक दोनों का किसी कार्यक्रम में आमना-सामना नहीं हो पाया है। जबकि पिछली बैठक में भी मंत्री अनिल विज ने पुलिस विभाग के एक कर्मचारी से एसपी संगीता कालिया पर सीधा तंज कस दिया था कि आपकी एसपी साहिबा तो बैठक में आई ही नहीं।

बता दें कि पिछली बैठक में पाषर्द हरीश शर्मा ने अपने वार्ड के एक क्षेत्र में लंबित समस्या का समाधान न होने पर यह मुद्दा जिला कष्ट निवारण समिति की बैठक में मंत्री अनिल विज के समक्ष रख दिया था। उन्होंने समस्या का समाधान न होने का आरोप सीधे तौर पर संबंधित अधिकारियों पर जड़ दिया था। इस पर खिन्न होकर अनिल विज ने अधिकारियों को सीधे तौर से कहा था कि शर्म करो अधिकारियों एक पार्षद को अपनी शिकायत लेकर यहां तक आना पड़ा। इसका क्या मतलब निकाला जाए, यही कि अधिकारी पार्षदों की भी नहीं सुनते। इस दौरान बैठक में कुछ देर तक उपस्थित लोगों में अधिकारियों के प्रति हास्यापद स्थिति पैदा हो गई थी। जबकि इस बार तो शहर की विधायक रोहिता रेवड़ी ही बैठक में अपनी शिकायत लेकर पहुंच रही हैं। इससे साफ लग रहा है कि इस बार भी मंत्री अनिल विज चुप बैठने वालों में नहीं हैं। यह तो 29 तारीख की बैठक ही बताएगी कि उनकी शिकायत के बाद किस अधिकारी पर गाज गिरने वाली है। बहरहाल इस बार बैठक में पटल पर कुल 17 शिकायतें रखी जानी हैं, जिनमें 2 विधायक रोहिता रेवड़ी की हैं।

बैठक में विधायक के शिकायत रखने की बात पर पक्ष और विपक्ष के नेता उड़ा रहे हैं खिल्ली 

ज्ञात रहे कि शहर विधायक होने के बाद भी रोहिता रेवड़ी ने इस बार अपनी शिकायतें आम जनता के लिए बनी कष्ट निवारण समिति की बैठक में रखने का निर्णय लिया है। वो भी तब, जब वे खुद समिति की सदस्य हैं। शिकायत भी 1 नहीं बल्कि दो-दो। पहली बार कोई विधायक कष्ट निवारण समिति की बैठक में अपनी शिकायत लेकर पहुंचेगा। इससे जहां शहर के लोगों को दबी जुबान से कहते सुना गया है कि जनता ने जिसको अपना प्रतिनिधि चुना है जब वो ही शिकायत लेकर कष्ट निवारण समिति की बैठक में जा रहा है तो वो विधायक जनता की समस्या का हल कैसे करा सकता है। जनता को छोड़िए, विधायक के इस कदम पर उनकी अपनी ही पार्टी के जिला अध्यक्ष प्रमोद विज और भाजयुमो के प्रदेश उपाध्यक्ष लोकेश नागरू तक ने इसे पाटी की तौहीन करार दिया है। साथ ही ये भी कहा है कि जब अधिकारी विधायक ही नहीं सुन रहे हैं तो और किसकी सुनेंगे। उन्हें कोई समस्या है तो उसे भाजपा की कोर कमेटी में रख सकती थीं। लेकिन कष्ट निवारण समिति की बैठक के मंच पर शिकायत करना एक विधायक के लिए कोई समझदारी वाली बात नहीं है। भाजपा नेताओं ने उनके इस कदम को अपनी सोच से परे बताया है। वहीं शहर में कांग्रेस के कद्दावर नेता वीरेंद्र शाह ने तो इस कदम के बाद विधायक से अपने पद से इस्तीफे तक की पेशकश कर डाली है।

ये शिकायतें रखेंगी विधायक रोहिता रेवड़ी बैठक में 

शिकायत 1: बैठक में विधायक रोहिता रेवड़ी की पहली शिकायत है कि तहसील कैंप के अशोक नगर में भूमाफियाओं दो भाईयों पुष्पेंद्र शर्मा और उपेंद्र शर्मा के द्वारा पार्क की करीब 600 वर्ग गज जमीन का नक्शा पास करवाकर वहां अवैध रूप से दुकानें बनवाई जा रही हैं। इस बारे में अधिकारियों से कहने के बाद भी उस पर कोई ध्यान नहीं दिया गया। विधायक की मानें तो वे इसकी शिकायत लगभग 4 माह पहले ही मंत्री अनिल विज से भी कर चुकी हैं।

शिकायत 2: विधायक की दूसरी शिकायत ये होगी कि वार्ड 20 की महावीर कालोनी स्थित हैंड फैब लिविंग कंपनी के मालिक संदीप जैन ने अपनी मनमर्जी से गली के बीच में कब्जा कर रखा है। इससे आसपास के लोगो को दिक्कत का समाना करना पड़ता है। जबकि यह रास्ता नजदीक में ही मौजूद श्मशान घाट को जाता है। उन्होंने इसमें कंपनी मालिक के साथ अधिकारियों की मिलीभगत का भी आरोप लगाया है।

  • पुलिस अधीक्षक संगीता कालिया का भी लोगों को बैठक में पहुंचने का बेसब्री से इंजतार है। बता दें कि पानीपत में ज्वाइनिंग के बाद कालिया अभी तक पानीपत की कष्ट निवारण समिति की बैठक में एक बार भी नहीं पहुंच पाई हैं।
संदीप जैन और शर्मा भाईयों ने रेवड़ी के आरोपों को बताया था निराधार   

हैंड फैब लिविंग के मालिक संदीप जैन ने रेवड़ी के आरोपों को निराधार बताते हुए जवाब दिया है कि समाज की चिंता सिर्फ विधायक ही नहीं कर सकतीं। बल्कि उनमें भी भगवान ने जनता के दुख-दर्द को समझने की शक्ति दी है। उन पर कब्जा जैसा आरोप लगाकर रेवड़ी सिर्फ अपनी राजनीतिक रोटियां सेंक रही हैं। जिस स्थान पर 36 साल से उनकी फर्म मौजूद है, वहां कब्जा जैसे आरोप लगाना एक विधायक के लिए शोभा नहीं देता। वहीं दूसरी ओर पुष्पेंद्र शर्मा और उपेंद्र शर्मा ने रेवड़ी के आरोपों को बेबुनियाद करार दिया है। उनका कहना है कि यह जमीन उनके पिता बलदेव राज शर्मा की थी। इस जमीन पर उन्होंने दावा जताया था, जिस पर 1999 से 2017 तक न्यायालयों में केस भी चला था। जहां से सुबूतों के आधार पर यह मलकीयत असल में उनके पिता की ही मानते हुए निर्णय उनके पक्ष में सुनाया था।

इन शिकायतों पर मंत्रीजी क्या निर्णय सुनाते हैं यह तो 29 की बैठक में ही पता लगेगा 

विधायक रेवड़ी पहली बार कष्ट निवारण समिति की बैठक में जिन दो शिकायतों को रखेंगी इनको मंत्री अनिल विज किस स्तर पर लेते हैं, या इन पर क्या निर्णय लेंगे यह तो 29 को होने वाली कष्ट निवारण समिति की बैठक में ही पता लग पाएगा। हालांकि शहर में यह चर्चा जरूर है कि देखते हैं बैठक में एक विधायक की शिकायत पर मंत्री जी कितना ध्यान देते हैं

 


by
अजय राजपूत 
सिटी तहलका

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