रात की बची हुई बासी रोटी खाकर बॉक्सिंग सिखने वाली रजनी ने रूस में जीता गोल्ड मैडल || रूस के सर्बिया में हुई थी इंटरनेशनल बॉक्सिंग टुर्नामेंट 2018।

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22 अगस्त, इसराना, पानीपत l

सर्बिया रूस में आयोजित इंटरनेशनल बॉक्सिंग चैम्पियन शिप 2018 के दूसरे जूनियर नैशनल कप में पीएस स्पोर्ट्स क्लब बुआना लाखु की खिलाड़ी ने गोल्ड मैडल व बेस्ट बोक्सर का खिताब जीत कर देश व प्रदेश का नाम रोशन किया। विजेता खिलाड़ी का बुआना लाखु पहुंचने पर डलसा कमेटी व पुरे गांव ने जोरदार स्वागत किया। गांव व परिजनों में जश्न का माहौल है। पीएस स्पोर्ट्स क्लब की खिलाड़ी राजनी पुत्री जसमेर ने 46 किलोग्राम भार वर्ग में 16 से 19 अगस्त सर्बिया रूस में आयोजित इंटरनेशनल बॉक्सिंग टूर्नामेंट में भाग लिया था। राजनी ने अपने अच्छे खेल की बदौलत फाईनल मुकाबले में रूस की खिलाड़ी को हरा कर गोल्ड मैडल हासिल किया। इतना नही राजनी को टूर्नामैंट का बेस्ट बॉक्सर भी चुना गया। सर्बिया जाने के लिए जिस खिलाड़ी के पास पैसे तक नही थे।

राजनी के पिता ने बताया

आज उस खिलाड़ी ने वो कर दिखाया जिसकी गांव वाले कभी कल्पना भी नही कर सकते थे। पुरे गांव को इस बेटी पर गर्व है। ग्रामीणों ने विजय झलुस निकाल कर विजेता खिलाडी को सर आँखों पर बिठाया। गांव की दादा लाखु स्पोर्ट्स एंव सोशल वेलफेयर एसोसिएशन की तरफ से वेद वशिष्ठ व राज कपूर पहलवान ने विजेता खिलाड़ी को 51 सौ रुपए देकर सम्मानित किया। विजेता खिलाड़ी रजनी के पिता जसमेर मेहनत मजदूरी करके परिवार का गुजर बसर कर रहे है। राजनी के पिता ने बताया की उन्हें आज अपनी बेटी पर नाज है। कई बार ऐसा हुआ है की उसकी बेटी रात की बची हुई बसी रोटी खाकर भी अभ्यास करने चली जाती थी। घर में पैसे की कमी होने के चलते उसकी मांगे भी पूरी नही कर पाता था। पैसे कही से उधार लाकर बेटी रजनी को सर्बिया भेजा था। आज उनकी बेटी ने गोल्ड मैडल जित कर देश का नाम रोशन किया है। मुझे अपनी बेटी पर गर्व है।

विजेता खिलाड़ी राजनी ने बताया

की उसके लिए गाँव से सर्बिया रूस तक का सफर आसान नही था। परिवार और कोच सुरेन्द्र मलिक को बहुत उमीदे थी। सबकी उमीदो पर खरा उतरना और गोल्ड जितना किसी सपने से कम नही था। जब मेरी जित की वजह से भारत का तिरंगा ऊपर लहराया तो खुद पर बहुत गर्व हुआ। मेरी जित का पूरा श्रेय मैं अपने कोच सुरेन्द्र मलिक व अपने माता पिता को देना चाहूंगी। जिन्होंने मुझ पर भरोसा दिखाया। मेरा एक ही लक्ष्य है ओलम्पिक में देश के लिए गोल्ड मेडल हासिल करूँ। इसके लिए दिन रात मेहनत करूंगी। कभी मुड़ के पीछे नही देखूँगी। इस मोके पर आयोजित विजय झलुस में डीएसओ पानीपत अनिल कुमार, कोच सुरेंद्र मलिक, कपूर पहलवान, वेद वशिष्ठ, ललित, राजेश कुमार, कृष्ण कुमार, बिजेंद्र सिंह, पप्पू, राजेश कुमार, दिनेश कुमार व राजपाल प्रधान भी उपस्थित थे।
इसराना- बुआना लाखु में सर्बिया से गोल्ड मैडल विजेता खिलाड़ी का स्वागत करते ग्रामीण।


by

प्रदीप रेढू
सिटी तहलका

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