पानीपत में ममता फिर हुई शर्मसार, 8 माह की मासूम नाले में मिली मृत

navjat bachhi ka ki muat panipat
पानीपत विशेष स्टोरी सामाजिक

पानीपत की धरती बेटियों के लिए लगातार कब्रगाह बनती जा रही है। हर रोज कोई न कोई मासूम बेटी होने की कीमत चुका रही है। कभी यहां कोई बेटी पार्क में लावारिश पड़ी मिलती है तो कभी नन्हीं मासूमों को मारकर नालों और कुओं में फेंक दिया जाता है। शनिवार को भी करीब 8 माह की एक मासूम का शव स्काईलार्क के पास से गुजर रहे गंदे नाले से बरामद हुआ। इससे एक बार फिर शहर में सनसनी मच गई। देखते ही देखते वहां लोगों की भीड़ लग गई। हर कोई बच्ची के शव को देख उस परिवार को कोस रहा था, जिसने इस मासूम को यहां फेंका। शव को देखने से लगता है कि किसी ने बच्ची को मारकर गंदे नाले में फेंका था। इससे पानीपत में मां की ममता एक बार फिर शर्मसार हुई।

जानकारी के अनुसार पीडब्ल्यूडी में चैकीदार का काम करने वाले एक व्यक्ति की नजर स्काईलार्क के पास से गुजरने वाले गंदे नाले में पड़ी। उसे नाले में कोई बच्चा पड़ा दिखाई दिया। गौर से देखा तो उसक शव सही निकला। उसने लोगों को इस बारे में बताया तो वहां काफी भीड़ एकत्र हो गई। इसी सूचना पुलिस को दी गई। सूचना मिलते ही पुलिस वहां पहुंची और नाले से बच्चे का शव निकलवाया। पुलिस समेत सभी लोग उस वक्त हैरान रह गए जब उन्होंने देखा कि वह भी एक बेटी का ही शव था। जिसका मुंह पूरी तरह से जानवर खा चुके थे।

बड़े ही अफसोस और शर्म की बात है, बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ का नारा पानीपत में उल्टा साबित हो रहा है। यहां बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ नहीं बल्कि बेटी पैदा करो और नाले में फेंक दो या किसी पार्क में लावारिश अवस्था में छोड़कर भाग जाओ की कार्य ज्यादा तेज गति से हो रहा है। जो शहर कभी उद्योगों की वजह से अपनी पहचान रखता था। आज उस ऐतिहासिक नगरी की धरती मासूम बच्चियों के खून से रंगी जा रही है। सवाल यह उठता है, आखिर कब तक पानीपत की धरती पर बच्चियों को लोग इसी तरह मारते रहेंगे। क्या इसकी ओर सरकार कोई कड़ा कदम नहीं उठाना चाहिए।


by
प्रदीप रेढ़ू
सिटी तहलका

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