पानीपत में हुआ दर्दनाक हादसा, लीकेज सिलेंडर से घर में भड़की आग में मासूम बेटा और भतीजा जिंदा जले, मां बना रही थी बच्चों के लिए चाय

पानीपत म्हारा हरियाणा विशेष स्टोरी

पानीपत के मॉडल टाउन क्षेत्र स्थित आठ मरला कालोनी में वीरवार शाम करीब साढे़ पांच बजे एक घर में दर्दनाक हादसा हुआ। सिलेंडर लीक होने से अचानक घर में आग भड़क गई। इसमें घर के अंदर सो रहे दो मासूम जिंदा जल गए। हादसा उस समय हुआ जब बच्चों की मां उनके लिए चाय बना रही थी। आग इतनी तेज भड़की कि उसे बच्चों को अंदर से निकालने का वक्त भी नहीं मिला और दम घुटने और पूरी झुलसने से उनकी मौत हो गई। महिला खुद भी आग की चेपट में आने से बाल-बाल बच गई। शोर मचने पर आसपास के लोग घटना स्थल पर पहुंच गए और उन्होंने आग बुझाने की काफी कोशिश की, लेकिन जब तक आग बुझ पाई तब तक बच्चों की मौत हो चुकी थी। घटना के बाद हर कोई गमगीन था। वहीं मां का रो-रोकर बुरा हाल था। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर बच्चों के शव को कब्जे में लेकर घटना की जांच शुरू कर दी।

ऐसे हुआ हादसा 

सिटी तहलका ने घटना स्थल पर पहुंचकर पूरे हादसे की जानकारी ली। बताया गया कि मॉडल टाउन स्थित आठ मरला कालोनी के एक क्वार्टर में बिहार के दरभंगा निवासी उत्तम सिंह अपनी पत्नी रेनू और साढे़ चार साल के बेटे अनमोल के साथ रहता है। उत्तम काम पर गया हुआ था। शाम साढ़े पांच बजे के करीब उसका बेटा अनमोल और 11 साल का भतीजा सुमित घर के अंदर कमरे में सो रहे थे। उत्तम की पत्नी रेनू ने बच्चों के उठने का समय देखकर गैस पर चाय बनाने रख दी। इसी दौरान सिलेंडर लीक हो गया और उसने भयंकर आग पकड़ ली।

रेनू ने आग बुझाने का काफी प्रयास किया, लेकिन वह यह भूल गई कि अंदर बच्चे भी सो रहे हैं। अचानक आग ने विकराल रूप ले लिया और पूरे कमरे में फैल गई। आग ने सोते हुए दोनों बच्चों को भी अपनी चपेट में ले लिया। इससे पहले कि रेनू बच्चों को बाहर निकाल पाती उनका दम घुट चुका था और वे पूरी तरह झुलसकर उनकी मौत हो चुकी थी। रेनू खुद भी आग की चपेट आने से बाल-बाल बच गई। उसके शोर मचाने पर आसपास के लोग भी वहां पहुंच गए, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी। हालांकि लोगों ने आग पर काबू पाने काफी प्रयास किया, लेकिन वे कामयाब नहीं हो पाए। उस समय तक दोनों मासूमों की मौत हो चुकी थी।

लोगों ने बच्चों को बचाने की दीवार तोड़कर भी कोशिश, कई के हाथ भी झुलसे

सिलेंडर से भड़की आग की खबर पूरे क्षेत्र में फैल गई। आनन-फानन में लोगों की भीड़ मौके पर इकट्ठा हो गई। सूचना मिलते ही आठ मरला पुलिस भी मौके पर पहुंची। लोगों ने दीवार को तोड़कर भी बच्चों को निकालने की कोशिश की। इस दौरान कई के हाथ भी झुलस गए, लेकिन जब तक अनमोल और सुमित तक लोग पहुंचे, तब तक दोनों मासूम बुरी तरह से झुलस कर दम तोड़ चुके थे। हादसे में रेनू का हाथ भी जल गया। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए सामान्य अस्पताल के शवगृह में रखवा दिए। पुलिस अब मामले की जांच कर रही है, आखिर हादसे की वजह क्या है। वहां मौजूद लोग तो मकान मालिक पर भी सवाल उठाते देखे गए, उनका कहना था कि इतनी कम जगह में 27 कमरे बना कर उसके द्वारा किराया वसूला जा रहा था। न उन कमरों में कोई खिड़की है ना ही कोई रोशनदान। अगर खिड़की या रोशनदान होता तो बच्चों का दम नहीं घुटता। पुलिस की इस पर भी नजर है। बहरहाल इस दर्दनाक हादसे बाद वहां मौजूद हर व्यक्ति की आंखों में आंसू थे और हर कोई गमगीन था।


by
प्रदीप रेढ़ू
सिटी तहलका

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