पालीवाल परिवार का थाने में  VIP ट्रीटमेंट, जनार्दन द्विवेदी की पुत्री व अभिजात पालीवाल की पत्नी ने कराया था मामला दर्ज 

पानीपत राजनीति विशेष स्टोरी

पानीपत के प्रसिद्ध निर्यातक और शहर के चंद धनाढ्य लोगों मे शुमार पालीवाल परिवार कल दिन भर चर्चा में रहा। धोखाधड़ी के दर्ज मामले में अजय पालीवाल के बेटे अभिजात को चांदनी बाग पुलिस ने जिस VIP ट्रीटमेंट के साथ गिरफ्तार, पूछताछ व रिहा किया उसने एक नई बहस को जन्म दे दिया है कि क्या इस देश में अमीर के लिए कोई अलग कानून है और आम जनसाधारण के लिए अलग! अपनी अनोखी कार्यशैली व व्यवहार के लिए चर्चित हरियाणा पुलिस कुछ अलग अंदाज में नजर आई। कल पालीवाल परिवार के केस को पानीपत पुलिस ने यूरोपियन पुलिस स्टाइल में सौम्यता से हैंडल  किया।

चांदनी बाग थाने में दर्ज धोखाधड़ी केस में पुलिस ने बुधवार को अजय पालीवाल के बेटे अभिजात पालीवाल को गोहाना रोड मोड़ से गिरफ्तार कर पूछताछ के लिए चांदनी बाग थाने ले गई। करीब पौने सात घंटे तक बंद कमरे में उनसे पूछताछ की गई। धोखाधड़ी का यह केस अभिजात की पत्नी अस्मिता ने 14 नवंबर 2017 को दर्ज कराया था। अस्मिता कांग्रेस के राष्ट्रीय महामंत्री जनार्दन द्विवेदी की बेटी है। रात 12 बजे एक लाख रुपए के मुचलके पर पुलिस ने अभिजात को छोड़ दिया।

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लेकिन इस केस में गिरफ्तारी, पूछताछ व थाने में जमानत देने के मामले में पानीपत पुलिस पर कई प्रश्नचिन्ह खड़े कर दिए हैं। अब जनसाधारण में यह प्रश्न घर कर रहा है कि यही मामला यदि पालीवाल परिवार के अलावा किसी अन्य साधरण व्यक्ति का होता तो क्या चांदनी बाग पुलिस उसको भी इसी तरह VIP ट्रीटमेंट देकर निपटाती। इस अवसर शहरी विधायक के ससुर इंद्र सिंह रंगीला समेत शहर के अन्य कई गणमान्य व्यक्तियों का थाने में उपस्तिथ रहना भी कई प्रश्न खड़े करता है। क्या मौजदा विधायक ससुर के सामने पुलिस बिना दबाव के जांच कर पाई होगी ?

paliwal, parivaar, thane, vip, इस मामले में जंहा मीडिया से दूरी बनाए रखने में पूरी सतर्कता बरती गई, वहीं थाना प्रभारी सुरेश सैनी द्वारा इस सारे मामले में वीआईवी ट्रीटमेंट देना व खुद के कमरे में न बैठकर आरोपी पक्ष के लोगो के साथ अन्य कमरे में कई गई गुफ्तगू भी मीडिया की सुर्खियां बन रही है। यंहा ये बात भी उल्लेखनीय है कि सुरेश सैनी अपने राजनीतिक रसूख के चलते लम्बे समय से पानीपत के विभिन्न थानों में एसएचओ के पद पर चलते आ रहे हैं। वे भाजपा के बागी सांसद राजकुमार सैनी के रिश्तेदारी में दामाद है। उनकी शहर में भी सत्तारूढ़ पार्टी के नेता के परिवार में भी दूर की रिश्तेदारी बताई जाती है।

जुलाई और नवंबर में गुरुग्राम व पानीपत में कराया था केस दर्ज: अभिजात और अस्मिता की शादी 10 मई 2006 को हुई थी। घरेलू विवाद के चलते अस्मिता ने एक जुलाई 2017 को गुरूग्राम के महिला थाने में पति अभिजात, सास विजय लक्ष्मी पालीवाल और ससुर अजय पालीवाल पर दहेज प्रताड़ना, जान से मारने की धमकी देने (498ए, 406, 506, 34 आईपीसी) के तहत केस दर्ज कराया था। उसके बाद 14 नवंबर 2017 को अस्मिता ने चांदनी बाग थाने में पति, ससुर और सम्बित ग्रोवर निवासी डिवेलपमेंट एरिया नई दिल्ली के खिलाफ धोखाधड़ी (403, 405, 409, 415, 418, 420, 463, 465, 471 व 120बी आईपीसी) के तहत केस दर्ज कराया था।

हाईवोल्टेज ड्रामा:  लगता है कि पूछताछ ,गिरफ्तारी व रिहाई की स्क्रिप्ट पहले ही लिखी गई थी पुलिस के अनुसार अभिजात दोपहर करीब 3 बजे घर से खाना खाकर फैक्ट्री लौट रहा था, तभी रास्ते से रोक कर पुलिस उसे थाने ले आई। अजय पालीवाल और सीए सम्बित को भी पुलिस ने नोटिस दे रखा है। दोनों से बाद में पूछताछ होगी, लेकिन जिस प्रकार से आरोपी को थाने में लग्जरी गाड़ी में लाया गया व एसएचओ के कमरे में खाना खिलाया गया, वह सब कुछ अपने आप ही बयान कर रहा है। देर रात 12ः 30 बजे एक लाख रुपए के मुचलके पर पुलिस ने छोड़ दिया। इसके बाद देर रात अंधेरे में परिजन अभिजात को घेर कर कार में बिठाकर घर ले गए।

पूछताछ के दौरान पांच घंटे तक थाने में छाया रहा अंधेरा: पुलिस अभिजात पालीवाल को दिन में करीब साढे़ तीन बजे चांदनी बाग थाना ले गई। इसके बाद एक बंद कमरे में उनसे पूछताछ शुरू हुई। शाम साढ़े सात बजे के बाद अंधेरा होने पर सभी जगह रोशनी कर दी जाती है, लेकिन थाना चांदनी बाग में रोशनी नहीं की गई। थाने में एक छोटी लाइट के अलावा कोई और बल्व नहीं जलाया गया। एसएचओ के साथ बंद कमरे में अभिजात व एक दो और लोग थे। करीब पांच घंटे तक थाने में पूरी तरह अंधेरा रखा गया। वहीं बार-बार खाने का सामान भी मंगाया गया । थाने के बहार इलेक्टाॅनिक्स और प्रिंट मीडिया पांच से छह घंटे तक एसएचओ और पालीवाल के निकलने का इंजतार करते रहे। लेकिन असमंजस ये है कि पुलिस ने अभिजात से इतने घंटे तक अंधरे में क्यों पूछताछ की। जब कि सभी लोगों से ज्यादातर उजाले में पूछताछ होती है। ये भी पुलिस पर प्रश्नचिन्ह लगाता है।


by
नीरज कुमार
सिटी तहलका

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