बैंक ही नहीं, 22  उद्यमियों को भी लगाया गुगलानी ने 6 करोड़ का चूना।। परिवार के 6 लोगों के खिलाफ केस दर्ज

पानीपत विशेष स्टोरी
पानीपत, 31 जुलाई।

पानीपत का एक्सपोर्टर व कथित सामाजिक कार्यकर्ता सतीश गुगलानी द्वारा सिर्फ बैंक का 15 करोड़ रुपए का लोन ही नहीं बल्कि शहर के करीब दो दर्जन उद्योगपतियों को भी लगभग 6 करोड़ रूपये का चूना लगाकर चंपत होने का मामला प्रकाश में आया है। बताया जाता है कि गुगलानी पूरी तरह कर्ज के बोझ में दबा हुआ था। खाने-पीने का भी सभी सामान वह उधार ही ले रहा था। बताया जाता है कि शहर के बहुत से लोगों खासकर उद्योगपतियों से भी उसने करोड़ों का उधार ले रखा था। पीड़ित उद्यमियों ने एकजुट होकर इस बारे में एसपी से गुहार लगाते हुए कहा कि गुगलानी के परिवार को विदेश भागने से पहले उनके पैसे की रिकवरी कराई जाए। उन्होंने गुगलानी के खिलाफ मामला दर्ज करने की मांग भी की।

एसपी ने शिकायत के बाद चांदनी बाग थाना को सूचित किया। इसके बाद चांदनी बाग थाना पुलिस द्वारा गुगलानी के परिवार के 2 बच्चों को छोड़कर बाकी 6 सदस्यों सतीश गुगलानी, बेटे साहिल गुगलानी व सुशांत गुगलानी, साहिल की पत्नी श्रुति गुगलानी, सुशांत की पत्नी अशुंल गुगलानी और सतीश की पत्नी संजू गुगलानी के खिलाफ आईपीसी की धारा 420, 406 व 120बी के तहत केस दर्ज किया गया है। मॉडल टाउन निवासी ये सभी सवोय क्रिएशंस और सवोय कंसेप्ट कंपनी के मालिक और पार्टनर हैं। एसपी को दी शिकायत में यार्न डीलर्स एसोसिएशन के सचिव संजय कालड़ा ने आरोप लगाया है कि गुगलानी परिवार सहित एक प्लानिंग के तहत शहर से चंपत हुआ है। साथ ही उसने अपने परिवार के सदस्यों के पासपोर्ट भी अलग-अलग समय पर बनवाए हैं।

प्रधान डाकघर पहुंचकर पुलिस ने रूकवाया एक बच्चे का पासपोर्ट 

शिकायत के तत्काल बाद पुलिस ने सोमवार को ही असंध पुल के पास प्रधान डाकघर पहुंकर तत्काल बने परिवार के एक बच्चे स्पिथ के पासपोर्ट को रोकने के लिए पत्र दिया। पुलिस को डाकघर में बताया गया कि इस बच्चे का पासपोर्ट भी 26 जुलाई को ही बनकर पहुंचा है। इस बारे में मॉडल टाउन चौकी प्रभारी ने डाक अधीक्षक को पत्र देकर बच्चे का पासपोर्ट डिलीवर होने से रोकने को कहा है। साथ ही पासपोर्ट को लेने आने वाले किसी भी व्यक्ति की सूचना तत्काल पुलिस को देने को भी कहा है। वही, दूसरी ओर गुगलानी की फर्माें में काम करने वाले श्रमिक भी असमंजस में हैं कि अब उन्हें वेतन कहां से मिलेगा। इसको लेकर श्रमिकों और फर्माें के कुछ अधिकारियों ने भी एसपी के पास पहुंच बताया कि कई कर्मचारियों और अधिकारियों को तो लगभग 5 माह से वेतन ही नहीं दिया गया था। मैनेजर दिलावर वर्मा का कहना था कि उनके कंपनी पर 1.25 लाख, सैंपलिंग अधिकारी सुरेंद्र सहगल के करीब 1 लाख, सैंपलिंग मैनेजर कर्ण मदान लगभग 65 हजार, बाथमेट इंचार्ज राजेश रोहिला के करीब 1 लाख के अलावा अन्य कर्मचारियों और इंचार्जों के भी करीब 2 लाख रूपये कंपनी पर बकाया हैं।

उद्यमियों ने एसपी को सौंपी गुगलानी द्वारा चूना लगाने वाली फर्मों की सूची

शहर की जिन फर्मों को गुगलानी ने करीब 6 करोड़ का चूना लगाया है, उनमें अन्नपूर्णा यार्न, लवकुश एंटरप्राइजेज, फलक जानवी एंटरप्राइजेज, धीरज एंटरप्राइजेज, एनके एंटरप्राइजेज, कुमार टेक्सटाइल मिल्स, एचआर यार्न ट्रेडर्स, एचआर ओवरसीज, शिव शक्ति लूमटैक्स, कुमार एंड कंपनी, झनकार हैंडल, रेवड़ी ट्रेडिंग कंपनी, लूमटैक्स इंडिया, के. इंजीनियर, राज पैकेजिंग, प्लेनोरा कंटेनर, कृष्णा ट्रेडिंग, गोपी कोपी, सुरेंद्र गोयल, एचयूएफ, एके हैंडलूम, प्रिंट एंड पैक ग्राफिक, इंडिया पॉलीथिन इंडस्ट्री आदि शामिल हैं।

इन कबाड़ियों को बेचा माल

एसपी को दी शिकायत में यार्न एसोसिएशन के सदस्यों द्वारा ये भी बताया गया कि गुगलानी ने यहां से चंपत होने से पहले पानीपत की गोहाना रोड पर शीला कबाड़ी और शास्त्री कॉलोनी के कबाड़ी सोमनाथ को करीब 50 लाख का माल बेचा था। कारोबार चलाने के नाम पर उसने भागने से पहले कबाड़ियों को सभी माल नगद में बेचा था। उन्होंने ये भी बताया कि गुगलानी की पुत्रवधु अपने मां-बाप की फैक्ट्री ही नहीं बल्कि घर को भी बैंक में गिरवी रखकर गई है।बता दें कि सतीश गुगलानी की बहू और साहिल गुगलानी की पत्नी श्रुति मॉडल टाउन के बोसा राम  चौक पर रहने वाले अशोक भाटिया की बेटी है।


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सिटी तहलका डेस्क

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