यमुना में 6 लाख क्यूसिक पानी छोड़ने पर भी जिला सुरक्षित ।। प्रेसवार्ता में किया डीसी सुमेधा ने दावा 

पानीपत म्हारा हरियाणा विशेष स्टोरी सामाजिक
पानीपत, 31 जुलाई।

लघु सचिवालय के कांफ्रैंस हॉल में आयोजित जिला स्तरीय प्रेसवार्ता की अध्यक्षता करते हुए उपायुक्त सुमेधा कटारिया ने कहा कि यह हमारे लिए सौभाग्य की बात है कि ताजे वाले बांध से छह लाख क्यूसिक पानी छोड़ दिए जाने पर भी हमारे जिला में कहीं भी कोई अप्रिय घटना नहीं हुई। हांसी बुटाना नहर के टूट जाने से जिला के तीन गांवों में पानी घुस गया था, लेकिन अधिकारियों व ग्रामीणों की सूझबूझ के कारण नारा माइनर में कट लगाया गया, जिससे अधिकतर पानी नारा माइनर के माध्यम से गन्ना बहूल क्षेत्र में चला गया। गन्ना एक ऐसी फसल है जो अधिक पानी को भी सहन कर लेती है। इसके अलावा यमुना के निकट के तामशाबाद से राकसेड़ा तक के अनेक संवेदनशील गांवों में सिंचाई विभाग, राजस्व विभाग,जन स्वास्थ्य विभाग व लोक निर्माण विभाग, स्वास्थ्य विभाग, जिला विकास एवं पंचायत विभाग और पंचायती राज संस्थाओं के सदस्यों के द्वारा दिए गए सुझावों और दिन-रात किए गए प्रयासों के कारण यमुना नदी के जो तटबंद्ध क्षतिग्रस्त हो गए थे, उन्हें ठीक करने के मामले में हम सफल हो पाए हैं।

साक्षरता में इसराना खंड को मिला प्रदेश में प्रथम स्थान 

पानीपत एक ऐतिहासिक, धार्मिक और व्यावसायिक शहर है। यहां अनेक युद्ध भले ही हुए हो, लेकिन पानीपत के बुनकरों व कवियों और शायरों ने भी इस शहर को ऐतिहासिक बनाने में कोई कोर कसर बाकी नहीं छोड़ी है, लेकिन यह आश्चर्य का विषय है कि पानीपत में कुरूक्षेत्र गीता जयंती की तरह कोई उत्सव अथवा बड़ा मेला नहीं लगता। इसके लिए जिला प्रशासन व प्रदेश सरकार से निरन्तर तालमेल बनाए हुए है ताकि निकट भविष्य में भी पानीपत में भी मेरा पानीपत नामक किसी वार्षिक उत्सव का शुभारम्भ किया जा सके। उन्होंने कहा कि पानीपत का मीडिया व पानीपत की जनता का वे इस बात के लिए आभार व्यक्त करना चाहते हैं कि इन सभी के प्रयासों के कारण पानीपत राहगिरी कार्यक्रम ने हरियाणा में प्रथम स्थान प्राप्त किया है। इसके लिए प्रदेश सरकार पूरे राज्य को शिक्षा के मामले में सक्षम बनाने के सभी प्रयास कर रही है और इस मामले में भी पानीपत का इसराना खंड प्रदेश में प्रथम स्थान पर आया है।

पानीपत का सरकारी अस्पताल में सभी आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध 

उन्होंने कहा कि बढ़ता प्रदूषण और कृषि अवशेष प्रबंधन को लेकर जिला स्तरीय कृषि अवशेष प्रबंधन मेला लगाया गया। इस मेले के माध्यम से कृृषि अवशेष प्रबंधन यंत्रों के विशेषज्ञों ने किसानों को इन आठ प्रकार की मशीनों के प्रयोग के बारे में विस्तार से समझाया। जिला के 50 सीएचसी केन्द्रों के माध्यम से 80 प्रतिशत के अनुदान पर तथा सीधे किसानों को 50 प्रतिशत के अनुदान पर ये कृषि यंत्र दिए जाएंगे। उन्होंने कहा कि दिल्ली-अम्बाला जीटी रोड पर पानीपत का सरकारी अस्पताल ऐसा अस्पताल होगा, जिसमें सभी आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध होंगी। 300 बिस्तर के इस अस्पताल में तीन के स्थान पर 10 काउंटरों पर पर्चियां बनाई जाएंगी तथा चिकित्सकों व रोग विशेषज्ञों के कक्ष के बाहर कुर्सियां डलवाई जाएंगी और टोकन के माध्यम से मरीजों का इलाज होगा। अस्पताल में आने वाले प्रत्येक नागरिक को अपनी बारी के बारे में मालूम होता रहेगा। इसके अलावा अस्पताल में चिकित्सकों की संख्या भी बढ़ाई जाएगी। उन्होंने पत्रकारों के एक सवाल के जवाब में बताया कि यमुना के साथ लगते गांव में यमुना में ठोकरों की संख्या बढ़ाने के लिए सरकार को लिखा गया है, जो बजट प्राप्ति के अनुसार समय समय पर बनवाई जाएंगी। उन्होंने कहा कि पानीपत में 79 ऐसी अवैध कालोनियां हैं, जो बिना सिस्टम के बनाई गई हैं। इनके गंदे पानी की निकासी का कार्य तेजी से चल रहा है। इनमें से 29 कालोनियां सरकार ने नियमित कर दी गई हैं।

पानीपत को स्वच्छ व सुन्दर शहर बनाने में सहयोग दें

उन्होंने बताया कि वे स्वयं सभी धार्मिक स्थलों पर जाकर लोगों से अनुरोध करेंगे कि वे स्वच्छता और पवित्रता को अपनी धार्मिक गतिविधियों में शामिल करें और पानीपत को स्वच्छ व सुन्दर शहर बनाने में सहयोग दें। उन्होंने 30 जुलाई को देवी मंदिर से इस कार्यक्रम का शुभारम्भ कर दिया है। यही नहीं, जिला प्रशासन ने नगर निगम को कड़े निर्देश दिए हैं कि पानीपत को 30 सितम्बर तक पोलिथीन मुक्त बनाने के लिए, 15 अगस्त तक दो कैम्पों का आयेाजन भी किया जाएगा, जिसमें जनता को जागृत किया जाएगा। सभी प्रयास किए जाएं। पोलिथीन ही जल निकासी के मार्ग में सबसे बड़ी रूकावट है। उन्होंने बिजली विभाग के अधिकारियों को कड़े निर्देश दिए कि वे तहसील कैम्प में बिजली के बिल समय पर उपलब्ध करवाएं। उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन की ओर से शहर के विभिन्न स्थानों पर झुग्गी-झोपडियों मे रहने वाले विमुक्त-घूमन्तु जातियों के 300 आधार कार्ड बनाकर उन्हें मुख्य धारा में लाने के प्रयास किए गए हैं। शहर की ट्रैफिक व्यवस्था को सुचारू रूप से चलाने के लिए आरटीए एवं पुलिस विभाग के सहयोग से अनेक कदम उठाए गए हैं। उन्होंने कहा कि हरियाणा सरकार ने सनौली रोड के टोल प्लाजा को शीघ्र हटाने का निर्देश दिया है।

छात्राओं को आत्मरक्षक बनाने को समालखा के स्कूलों से प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू  

उन्होंने कहा कि पानीपत जिले में कक्षा छह से बाहरवीं तक की कुल 22 हजार छात्राएं हैं। इन छात्राओं को आत्म सुरक्षा का प्रशिक्षण देने के लिए समालखा विकास खंड के स्कूलों से एक प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारम्भ किया गया है। श्री सीमेंट उद्योग के सहयोग से समालखा क्षेत्र की 2397 छात्राओं को प्रशिक्षण दिया जा रहा है। इसके अलावा जिले के 50 स्कूलों में ई-समर्थ विद्यालय कार्यक्रम के तहत छात्रों को कम्पयूटर शिक्षा दी जाएगी। इसके अलावा खुखराना गांव के स्थानान्तरण की सभी औपचारिकताएं पूरी कर ली गई हैं। अब 7 अगस्त को प्लाटों का ड्रा किया जाएगा।

अवैध वाहनों पर शिकंजा कसने की तैयारी की जाएगी: एसपी 

पुलिस अधीक्षक मनबीर सिंह ने कहा कि शीघ्र अवैध वाहनों पर शिकंजा कसने की तैयारी की जाएगी और इसके लिए आरटीए के साथ मिलकर संयुक्त रूप से विशेष अभियान चलाया जाएगा। इस अवसर पर अतिरिक्त उपायुक्त सुजान सिंह ने कहा कि केन्द्र सरकार की ओर से अगस्त माह में स्वच्छता सर्वेक्षण का कार्य आरम्भ कर दिया गया है। इसके तहत हरियाणा के प्रत्येक जिले के 10-10 गांवों में जांच टीम औचक निरीक्षण करके वर्ष 2014 से चलाए जा रहे स्वच्छता कार्यक्रम की समीक्षा करेंगी और स्वच्छता के आधार पर अंक देंगी। जिससे इस अभियान की सफलता के बारे में पूरी जानकारी मिल सकेगी। उपायुक्त ने सभी से अनुरोध किया कि वे सभी पानीपत को एक विकसित जिला और सुन्दर शहर बनाने में अपना भरपूर सहयोग दें। की। इस अवसर पर जिला पुलिस अधीक्षक मनबीर सिंह, अतिरिक्त उपायुक्त सुजान सिंह यादव के अलावा सभी विभागों के विभागाध्यक्ष मुख्य रूप से मौजूद रहे।


by

जितेंद्र अहलावत
सिटी तहलका

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