गुरुग्राम में फिर मिला तेंदुए का शव, चोट के निशान देख जताई हत्या की आशंका

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गुरुग्राम के गैरतपुर बास गांव में मंगलवार को एक तेंदुए का शव मिलने पर हड़कंप मच गया। तेंदुए के शरीर पर चोट के निशान देख लोगों ने उसकी हत्या की आशंका जताई है। हत्या की संभावना को लेकर पुलिस ने मौके पर पहुंचकर तेंदुए को पोस्ट मार्टम के लिए भेज दिया। पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही पता चल पाएगा कि उसकी हत्या की गई है या वह खुद मरा है। बता दें कि गुरुग्राम जिले के विभिन्न गांवों में अब तक कई बार तेंदुए देखे गए और कई को ग्रामीणों ने मारा भी है। कुछ तेंदुओं की हाइवे पर पहुंचने के बाद गाड़ियों से टकराकर मौत हो चुकी है।

जानकारी के अनुसार, मंगलवार सुबह वन्य जीव विभाग को गैरतपुर गांव में मंदिर के तालाब के पास एक तेंदुए का शव पड़ा होने की सूचना मिली थी। सूचना मिलतीे ही पुलिस और वन्य जीव विभाग की टीम ने मौके पर पहुंचकर सूचना को सही पाया। वहां एक तेंदुआ मृत पड़ा मिला। गौर से देखने पर टीम ने तेंदुए के शरीर पर चोट के निशान भी लगे पाए। पुलिस ने उसकी हत्या किए जाने की संभावना के मद्देनहर तेंदुए के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। वहां के जिला वन्यजीव अधिकारी (डीडब्ल्यूएलओ) श्याम सुंदर का कहना था कि फिलहाल तेंदुए का पोस्टमार्टम कराया जा रहा है। रिपोर्ट के बाद ही पूरी स्थिति साफ हो पाएगी।

एक राष्ट्रीय दैनिक के अनुसार, गुरुग्राम जिले में तेंदुए के घुसने की यह पहली घटना नहीं है, बल्कि पिछले साल अप्रैल माह में भी एक तेंदुआ सोहना की दुर्गा कॉलोनी में घुस आया था। वहीं एक तेंदुआ वर्ष 2017 के अक्टूबर में मानेसर स्थित मारुति प्लांट में भी घुस गया था। जिससे प्लांट में हड़कंप भी मच गया था। इसके बाद तेंदुआ वहां 36 घंटे तक बंद रहा था। इसके अलावा सितंबर, 2008 में भी एक तेंदुए की हाईवे पर मौत हो गई थी। फरवरी, 2009 में हाईवे पर ही एक तेंदुआ बस से घायल हो गया था। जुलाई, 2010 में एक मादा तेंदुआ सोहना में फार्म हाउस से बरामद हुई थी। मार्च, 2012 में एक तेंदुआ टिकली गांव में मारा गया था। अप्रैल, 2014 आईसीटी गोल्फ में तेंदुआ मृत मिला था। 24 नवंबर, 2016 में मंडावर में तेंदुए को गांव वालों ने मार दिया था। 29 नवंबर, 2016 मंडवार में मादा तेंदुआ अपने बच्चों के साथ दिखाई दी थी। वहीं, 4 दिसंबर, 2016 को मंडावर गांव में तेंदुआ एक बकरी को उठा ले गया था। 14 दिसंबर, 2016 को ही बादशाहपुर में तेंदुआ देखा गया था। इसके बाद 29 दिसंबर, 2016 को तावडू में मालका में तेंदुआ पकड़ा गया था। उसके बाद 19 मार्च, 2017 को फिर मंडावर गांव से तेंदुआ एक बकरी उठा ले गया था। वहीं पिछले साल 23 मार्च को भी सोहना में एक तेंदुआ देखा गया था।

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BY
जितेंद्र शर्मा
 
सिटी तहलका 

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