गर्भ से बचाया तो अब बाहर समाज मे असुरक्षित बेटियां

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देश पानीपत विशेष स्टोरी सामाजिक

पानीपत के माॅडल टाउन स्थित एक पार्क में एक दो दिन की नवजात लावारिश अवस्था में मिलने से शहर में सनसनी फैल गई। सूचना मिलते ही वहां आसपास के लोगों की भीड़ एकत्र हो गई। उन्होंने तत्काल इसकी सूचना भाजपा के प्रदेश महामंत्री एवं पार्षद लोकेश नागरू को दी। वे तत्काल वहां पहुंचे। इसके बाद पता लगते ही सामाजिक संस्थाओं के पदाधिकारी भी पहुंच गए। सभी ने मिलकर तत्काल बच्ची को सिविल अस्पताल में भर्ती कराया। सिटी तहलका ने जब लोगों से बात की तो उनका कहना था कि इतने अभियान चलाने के बावजूद गर्भ के बाहर भी सुरक्षित नहीं हैं बेटियां। हर बार ऐसी घटनाओं पर लिखा जाता है कि एक कलयुगी मां ने ऐसा किया। लेकिन सिटी तहलका का जनता से एक सवाल है कि क्या ऐसा करने में केवल मां का हाथ ही होता है, लेकिन इसको लेकर जनता के जहन में यह बात तो जरूर कौंधेगी कि आखिर इस नवजात का क्या कुसूर था।

 model town, sadananad, park, lawarish, halat, mili, 2 din, navjaat, garbh,अस्पताल प्रशासन भी लगा बच्ची की सेवा में:  नवजात बच्ची की लावारिस अवस्था में पार्क में मिलने की सूचना मिलते ही बेटी बचाओ बेटी-पढ़ाओ टीम ने मौके पर पहुंचकर बच्ची को पुलिस टीम की मौजूदगी में सिविल हॉस्पिटल के आईसीयू में भर्ती कराया। जहां पर बच्ची सुरक्षित है। बेटी बचाओ टीम में अशोक छाबड़ा, विजय कौशिक, गीता गाबा, शिवकुमार गोयल, सुमन भल्ला व अन्य पदाधिकारी मौजूद थे। सिविल अस्पताल में भर्ती होते ही इस नवजात की सेवा में अस्पताल का स्टाफ भी लग गया। पानीपत में ऐसी घटना पहली बार नहीं हुई, बल्कि कई बार हो चुकी हैं। हर बार ऐसी बच्च्यिां यहां आती हैं और स्टाफ की नर्सें उनकी सेवा में लग जाती हैं। लेकिन सवाल ये उठता है कि ऐसा घिनौना कार्य लोग कब तक करते रहेंगे। इसका कौन जिम्मेदार है। समाज में फैली अशिक्षा, बेरोजगारी, गरीबी या कोई और कारण। इससे साफ जाहिर हो जाता है गर्भ तो दूर बच्चियां गर्भ के बाहर भी सुरक्षित नहीं हैं।

सिर्फ मां ही जिम्मेदार नहीं:  ऐसी घटनाओं के लिए हर बार सिर्फ मां को ही कुसूरवार ठहराया जाता है, लेकिन कारण जो भी हो इसके लिए मां ही नहीं अपितु पूरा परिवार जिम्मेदार है। क्योंकि ऐसा करने में केवल मां का हाथ नहीं हो सकता। इसके लिए परिवार के अन्य सदस्य भी उतने ही कसूरवार हैं। इस घटना के बाद सिटी तहलका की महिलाओं से अपील है कि अगर बेटी पैदा होने पर परिवार के लोग मुंह सिकोड़ते हैं या आपको परेशान करते हैं तो तत्काल वे या तो सामाजिक संस्थाओं का सहारा लें, या पुलिस को सूचना दें ताकि ऐसा घिनौना कार्य करने वालों की सोच बदली जा सके।


by
पंकज चावला
सिटी तहलका

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