गो तस्कर आरोपियों से धाराएं हटाने पर गोभक्तों में रोष, एसपी से मिल कड़ी कार्रवाई की मांग, मुख्यमंत्री को भेजा ज्ञापन  

go tashkar aropiyon se dharayen hatane
पानीपत विशेष स्टोरी

पानीपत गो-रक्षा समिति के पदाधिकारियों ने गो-संरक्षण एवं संवर्धन एक्ट 2015 और बीफ की जांच व्यवस्था उचित ढंग से लागू न कराने को लेकर मंगलवार को पुलिस अधीक्षक संगीता कालिया से मिलने पहुंचे। गौ रक्षा दल के सदस्यों ने आरोप लगाते हुए कहा कि जिन व्यक्तियों को उस वक्त मौके पर अमित के साथ पकड़ा गया था, उन व्यक्तियों पर से पुलिस द्वारा कई धाराएं हटा दी गई हैं। गो भक्तों ने का दावा था कि जो मीट पकड़ा गया था, वह गाय का था, हालांकि पुलिस और मीट का सैंपल लेने वाले डॉक्टर यह क्लियर कर चुके हैं कि वह मोटा मास था। वहीं, गो भक्तों का दावा है कि वह गाय का मांस था और मांस को पुलिस द्वारा बाहर लेबोट्री में चेक करवाना चाहिए था।

गौरक्षकों ने पुलिस पर आरोप लगाते हुए कहा कि पुलिस मीट के व्यापारियों के साथ मिली हुई है, इसलिए मौके पर पकड़े गए आरोपियों पर से धाराएं हटा दी गई हैं। गो रक्षा दल का कहना है कि बीजेपी सरकार में जब गाय की यह हालात है, वह गाय की तस्करी रोक नहीं पा रही तो दूसरी सरकारों से क्या उम्मीद की जा सकती है। गो रक्षा दल के सदस्यों ने मंगलवार को एसपी से मिलकर गो तस्करी पर लगाम कसने और पकड़े गए गो तस्करों पर कड़ी कार्रवाई करने की मांग की है। इस संबध में उन्होंने एसपी को ज्ञापन दिया ही, साथ ही उपायुक्त सुमेधा कटारिया के माध्यम से मुख्यमंत्री के नाम भी ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन की प्रतिलिपि पशु पालन मंत्री और गो सेवा आयोग को भी पे्रषित की गई है।

ये हैं मामले 

goa taskerज्ञापन में ये भी कहा गया है कि पानीपत के सनौली थाने में 2 जून को गो वध का मामला दर्ज है, जिसमें गो हत्या की धारा नहीं लगाई गई है। जबकि दूसरा मामला 3 जून को चांदनी बाग थाना में बीफ का मामला दर्ज किया गया था। इस मामले में शिकायतकर्ता पर अनावश्यक रूप से दवाब बनाया जा रहा है। पशु क्रूरता निवारण समितियों के राज्य प्रतिनिधि व एसएडब्ल्यूबी में भा.जी.ज. कल्याण बोर्ड के प्रतिनिधि के कहने पर भी कोई संतोषजनक कार्रवाई नहीं हुई। एसपीसीए जिला पानीपत भी इन मामलों में कोई उचित कार्रवाई नहीं कर रही। ज्ञापन में कहा गया कि बीफ जांच के लिए कोई सैंपल ही नहीं लिया गया। वहीं जो धाराएं लगानी जानी चाहिए थीं, वे लगाई ही गईं।

ज्ञापन में सीएम से भी अपील की गई है कि इन मामलों में उचित कार्रवाई कराई जाए और दोषीगण के खिलाफ कड़ी कारवाई की जाए। कहा गया है कि उचित कार्रवाई न होने के कारण गोकशी करने वालों के हौसले लगातार बुलंद होते जा रहे हैं। यदि ऐसा ही रहा तो कोई बड़ी घटना से भी इंकार नहीं किया जा सकता। समिति के प्रतिनिधियों ने ज्ञापन की प्रतिलिपि ज्ञापन देने वालों में हरिओम तायल, सुशील आर्य आदि शामिल थे।


by
प्रदीप रेढ़ू
सिटी तहलका 

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *