गंडा सिंह ने इतिहास को तोड़-मरोड़कर लिखा था बाबा का नाम वीर बंदा सिंह बहादुर।। बैरागी समाज ने किया दावा  

पानीपत राजनीति विशेष स्टोरी

बैरागी प्रदेश सभा ने शनिवार को मीडिया सेंटर में प्रेसवाता कर बाबा बंदा सिंह बहादुर को एक बार फिर बाबा बंदा सिंह बैरागी बताया है। सभा के प्रदेशस्तरीय पदाधिकारियों का कहना है कि हरियाणा सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी ने बैरागी समाज को चेतावनी दी थी कि 24 घंटे के अंदर बैरागी समाज माफी मांग ले, वरना बैरागी समाज के खिलाफ एफआईआर दर्ज करा दी जाएगी। बैरागी सभा के प्रदेश अध्यक्ष नरेंद्र कुमार बैरागी ने कहा कि माफी की कोई बात नहीं है, सिख समाज एफआईआर दर्ज करा सकता है, लेकिन फिर भी बैरागी समाज बाबा बंदा सिंह बैरागी वह हर वर्ष शहादत दिवस इसी तरह से मनाएंगे।

 

बैरागी सभा के प्रदेश अध्यक्ष नरेंद्र कुमार बैरागी ने कहा कि वीर बंदा सिंह बहादुर नहीं बल्कि बाबा बंदा सिंह बैरागी ही थे। उन्होंने कुछ तथ्यों का हवाला देते हुए कहा कि 1935 में सिख इतिहासकार गंडा सिंह ने उन्हें वीर बंदा सिंह बहादुर लिख दिया था। उन्हीं द्वारा इतिहास को तोडा-मरोड़ा गया था। नरेंद्र कुमार बैरागी ने कहा कि बाबा बंदा सिंह के जन्म से लेकर 300 वर्षों तक कभी सिख समाज ने बाबा बंदा सिंह के नाम पर शहादत दिवस नहीं बनाया था।

 
बैरागी समाज के कार्यक्रम से सिख समाज हो गया था नाराज 

ज्ञात रहे कि हरियाणा प्रदेश बैरागी सभा द्वारा बाबा बंदा सिंह बैरागी का कुछ दिन पहले ही पानीपत की अनाज मंडी में शहादत दिवस मनाया था। शहादत दिवस समारोह में मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर मुख्य अतिथि के तौर पर पहुंचे थे और बैरागी समाज के लिए कुछ घोषणाएं भी करके गए थे। वहीं दूसरी ओर सिख समाज इस कार्यक्रम के बाद प्रदेश के बैरागी समाज से पूरी तरह नाराज नजर आया था। सिख समाज का आरोप था कि बैरागी समाज ने वीर बंदा सिंह बहादुर का नाम बाबा बंदा सिंह बैरागी रखकर गलत कार्य किया है। इसके लिए प्रदेश में सिखों की संस्था हरियाणा सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी ने बैरागी समाज को चेतावनी दी थी कि 24 घंटे के अंदर बैरागी समाज माफी मांग ले, वरना बैरागी समाज के खिलाफ एफआईआर दर्ज करा दी जाएगी।

 
इस मसले को लेकर बैरागी समाज ने लिया जल्द सीएम से मिलने का निर्णय 
 

प्रदेश अध्यक्ष नरेंद्र कुमार बैरागी ने कहा कि इस मसले को लेकर जल्द ही दोबारा वे सीएमसी मनोहर लाल से मिलेंगे। हाल ही में प्रदेश की सिखों की संस्था एचएसजीचीसी ने बैरागी समाज को चेतावनी दी थी कि 24 घंटे के अंदर बैरागी समाज माफी मांग ले, वरना बैरागी समाज के खिलाफ एफआईआर दर्ज करा दी जाएगी। उनकी चेतावनी पर प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि माफी की कोई बात नहीं है, सिख समाज एफआईआर दर्ज करा सकता है, लेकिन फिर भी बैरागी समाज बाबा बंदा सिंह बैरागी वह हर वर्ष शहादत दिवस इसी तरह से मनाएंगे।

मुख्यमंत्री से मिल जताया था सिख समाजे के लोगों ने एतराज

ज्ञात रहे कि एचएसजीपीसी युवा विंग के महासचिव अंग्रेज सिंह पन्नू व सिख नेता गुरदीप सिंह सहित कई सिख नेताओं ने अनाज मंडी में कार्यक्रम के अगले दिन प्रेस कॉन्फ्रेंस की थी। इस दौरान उन्होंने बताया था कि इस संबंध में सिख समाज के लोग कार्यक्रम के बाद मुख्यमंत्री से भी मिले थे और उन्होंने उनके समक्ष अपना एतराज भी दर्ज कराया था। उनका कहना था कि बैरागी सभा द्वारा वीर बंदा सिंह बहादुर को अपनी जाति का बताकर बंदा बहादुर के 302वें बलिदान दिवस के उपलक्ष्य में कार्यक्रम करना सिखों के लिए गंभीर मामला है। बैरागी सभा इस संबंध में दस्तावेज उपलब्ध कराए कि बंदा बहादुर बैरागी समाज से थे। इससे सिख समाज की भावनाएं आहत हुई हैं और इस बारे में कानूनी कार्रवाई तो करेंगे। साथ इसके विरोध में बड़ा आंदोलन भी करेंगे।


by
 
प्रदीप रेढ़ू
सिटी तहलका

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