एक शाम अटल के नाम रहा मुशायरा || मुख्यमंत्री ने भी पढ़ी अटल कविता |

पानीपत विशेष स्टोरी सामाजिक

पानीपत, 17 सितम्बर।

 

मुख्यमंत्री मनोहरलाल ने गत रविवार देर सांय पानीपत के आर्य महाविद्यालय के सभागार में हरियाणा उर्दू अकादमी की ओर से आयोजित मुशायरे, ” एक शाम अटल के नाम” में बतौर मुख्य अतिथि बोलते हुए कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री स्व0 अटल बिहारी जी वाजपेयी द्वारा रचित कविताएं हमेशा के लिए प्रेरणादायी रहेंगी। वे देशभक्ति से ओतप्रोत एक ऐसे राजनेता, प्रखर विचारक और अजातशत्रु थे जिन्हें हर पार्टी के हर विचारधारा के लोग याद करते हैं।उन्होंने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री श्री अटल बिहारी वाजपेयी चाहे देश के प्रधानमंत्री के पद पर रहे हो या विपक्ष में रहे हों, उन्होंने देश के भीतर और बाहर देश का मान बढ़ाया है। यह हम सभी के लिए गौरव की बात है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि 

मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि वे ऐसे व्यक्तित्व के धनी थे, जो हमेशा निडरता में जिये। वे मृत्यु से भी नहीं डरे। उन्होंने पूर्व श्री अटल बिहारी वाजपेयी के जीवन से जुड़ी घटना का जिक्र करते हुए कहा कि वे एक कार्यक्रम में शिरकत करने के लिए गए हुए थे, तब लोगों ने उन्हें फूलों के हार भेंट करने चाहे, तो उन्होंने कहा कि मैं हार लेने नहीं, जीत लेने आया हूॅं। उनकी बातों में गहरे अर्थ छिपे हुए होते थे। सन् 1998 में अमेरिका में अपने घुटने का ईलाज करवाने के लिए गए, तब उस वक्त उन्होंने निर्भय होकर कविता लिखी थी कि- ठन गई मौत से ठन गई, मौत की उम्र क्या है- दो पल भी नहीं, जिंदगी सिलसिला आजकल की नहीं,मैं जी भरकर जिया-मैं मन से क्यों मरू, मैं लौटकर आऊंगा कूच से क्यों डरू। मुख्यमंत्री ने इन्हीं पक्तियों को उपस्थित श्रोताओं के समक्ष रखा और कार्यक्रम में पधारे सभी कवियों और शायरों से आहवान किया कि वे अपनी प्रबुद्ध कलम से समाज का सही मार्गदर्शन करते रहें।

मुख्यमंत्री ने पूर्व अटल बिहारी वाजपेयी को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि ऐसे मुशायरों के आयोजन से नई पीढ़ी उनके आदर्शों और सिद्धान्तों को अपनाती रहेगी। उन्होंने इस मुशायरे के आयोजन के लिए हरियाणा उर्दू अकादमी की भूरी भूरी प्रशंसा की। हरियाणा उर्दू अकादमी के निदेशक डॉ0 नरेन्द्र कुमार उपमन्यु ने अकादमी का विस्तृत ब्यौरा रखते हुए कहा कि यह कार्यक्रम हरियाणा उर्दू अकादमी के 32वें स्थापना दिवस के उपलक्ष्य में आयोजित करवाया जा रहा है। यह 13 वां कार्यक्रम है। पूरे साल में कुल 32 कार्यक्रम आयोजित करवाए जाएंगे। उन्होंने मुख्यमंत्री के इस कार्यक्रम में भाग लेने पर अकादमी की ओर से धन्यवाद भी किया और अपने मासिक वेतन में से मुख्यमंत्री राहत कोष के लिए करीब एक लाख चौदह हजार रूपये का चैक मुख्यमंत्री मनोहर लाल को भेंट किया। कार्यक्रम का शुभारम्भ दीप प्रज्जवलित कर किया गया। इस मौके पर परिवहन एवं आवास मंत्री कृष्णलाल पंवार, विधायक महीपाल ढांडा, विधायक रोहिता रेवड़ी, भाजपा जिला अध्यक्ष प्रमोद विज, जिला परिषद की चेयरपर्सन आशु शेरा, पूर्व जिलाध्यक्ष गजेन्द्र सलूजा, भाजपा जिला उपाध्यक्ष सुनील सोनी, जिला महामंत्री देवेन्द्र दत्ता भी उपस्थित थे। हरियाणा उर्दू अकादमी के निदेशक डॉ0 नरेन्द्र उपमन्यु ने मुख्यमंत्री मनोहरलाल सहित सभी अतिथियों का बुके व स्मृति चिन्ह देकर स्वागत किया। कार्यक्रम में प्रसिद्ध शायर नवाज देव बंदी ने एक आंखों के पास है, एक आंखों से दूर, बेटा हीरा होता है, बेटी कोहिनूर जैसी शायरी के माध्यम से समाज पर कटाक्ष किया और दर्शकों को समाज के प्रति सोचने पर मजबूर किया। हास्य कवि योगेन्द्र मुददगिल ने अपनी कविताओं के माध्यम से लोगों को खूब हंसाया और उन्होंने धारा 377 और समलैंगिकता पर कटाक्ष किया। पानीपत के हर गोबिन्द ने अपनी कविता से पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी को श्रद्धांजलि दी और प्रेरक कविताएं कही। महाबीर गुडडू ने भी अपनी कविताओं और चुटकलों से समा बांधा और श्रोताओं को मंत्र मुग्ध किया। मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम में पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के जीवन पर आधारित ब्राउसर का विमोचन भी किया।

 


by

नीरज कुमार 

सिटी तहलका 

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