बेटे का चेहरा देखने तक मौत मुझे छू भी नहीं पाएगी :  ऋषिपाल   

पानीपत विशेष स्टोरी
पानीपत, 2 अगस्त।

पानीपत के 48 वर्षीय इस शख्स ने पिछले 3 सालों में 25 बार मौत का सामना किया है। इस दौरान 16 बार हार्टअटैक झेले हैं, जबकि 9 स्टेंट डल चुके हैं। इस महान व्यक्तित्व का नाम है ऋषिपाल वर्मा। इतनी बार काल को मात देने वाले ऋषिपाल आज भी यही दावा करते हैं कि जब तक वे अपने लापता छोटे बेटे का चेहरा ने देख लें तब मौत उन्हें छू भी नहीं पाएगी। ऋषिपाल की तकलीफ और उसे झेलने का साहस देखकर हर कोई हैरान है। अब तो लोगों की जुबान से भी उनके लिए यही शब्द निकलने लगे हैं कि जाको राखे साईंया, मार सके ना कोय।

3 साल पहले गुम हुआ था छोटा बेटा, तभी से हैं बीमार  

ऋषिपाल की उम्र सिर्फ 48 साल है और वे अपने परिवार के साथ पानीपत के नूरवाला स्थित विजय नगर में रहते हैं। उसके तीन बेटे हैं, जिनमें सबसे छोटा 19 साल का आशु 3 साल पहले घर से संदिग्ध परिस्थितियों में गायब हो गया था। उसकी हर जगह तलाश की गई, नहरों में भी तलाश कराई कराई गई, लेकिन आज तक उसका कोई पता नहीं लगा। यार्न व्यवसायी ऋषिपाल का कहना है कि छोटे बेटे के गुम होने के बाद उसका स्वास्थ्य भी गड़बड़ा गया। उसके गुम होने के बाद पिछले 3 साल के दौरान करीब 2 दर्जन बार मौत का सामना कर चुका है। अब 16 बार हार्टअटैक आ चुका है। जिसके कारण उसके 9 बार स्टेंट डल चुके हैं। उसने इस दौरान कई बार सामने से मौत देखी है। काल को चुनौती देते हुए ऋषिपाल कहते हैं कि जब तक वह अपने छोटे बेटे का चेहरा नहीं देख लेते तब तक मौत उन्हें छू भी नहीं पाएगी। उनकी इस बात से साफ लगता है कि मानो काल की ऋषिपाल से दोस्ती हो चुकी है। मौत कई बार उनके दरवाजे पर दस्तक दे चुकी है, लेकिन हर बार उन्हें छू कर बैरंग लौट जाती है।

उम्मीद पर जिंदा हैं ऋषिपाल 

इतना कुछ झेलने के बाद भी ऋषिपाल ने हिम्मत नहीं हारी और न ही जीने की उम्मीद छोड़ी। जबकि ऐसी परिस्थिति में एक ताकतवर इंसान भी उम्मीद छोड़ देता है। ऋषिपाल को पूरी उम्मीद है कि उसका खोया हुआ बेटा उसके मरने से पहले मिलेगा। उनकी उम्मीद से यही लगता है कि शायद काल भी यही चाहता है कि ऋषिपाल अपने खोए हुए बेटे चेहरा देख सके। सिटी तहलका टीम भी ऋषिपाल के लिए प्रार्थना करती है कि उनका स्वास्थ्य ठीक रहे और ईश्वर उनके बेटे को उनसे वापस मिला दे।


by

प्रदीप रेढ़ू
सिटी तहलका

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