भाजपा वाले तो जून की गर्मियों में भी पहनते हैं जैकेट, पूर्व स्पीकर व इनेलो नेता सतबीर सिंह कादियान का भाजपा के खिलाफ अजीब बयान

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हरियाणा विधान सभा के पूर्व स्पीकर एवं इनेलो के वरिष्ठ नेता सतबीर सिंह कादियान ने भाजपा और कांग्रेस नेताओं द्वारा इनेलो-बसपा गठबंधन पर किए गए कटाक्ष पर अजीब सा बयान देते हुए कहा कि भाजपा वाले तो जून की गर्मियों में भी जैकेट पहनते हैं। कहा-गठबंधन हमारा हुआ है, कांग्रेस और भाजपा खामखा परेशान हैं। ऐसा लगता है, आने वाले चुनाव के मद्देनजर शायद इस गठबंधन से दोनों पार्टियों के नेताओं की अभी से चूलें हिल गईं हैं। उनके बयान पर भाजपा के युवा मोर्चा के प्रदेश उपाध्यक्ष लोकेश नागरू और कांग्रेस से पूर्व मंत्री बिजेंद्र सिंह कादियान ने भी इंडियन नेशनल लोकदल और बहुजन समाज पार्टी के गठबंधन की जमकर खिल्ली उड़ाई।

पूर्व मंत्री बिजेंद्र सिंह कादियान ने इसका बखूबी जवाब देते हुए कहा कि उनकी पार्टी को गठबंधन से कोई परेशानी नहीं। उन्हें तो ये कहना है कि जब इनेलो-बसपा की पहली ही बैठक में खुद इनेलो नेताओं ने ही इस गठबंधन को शेर और बकरी का मिलन बताकर दलितों का अपमान कर दिया गया था। तो ये गठबंधन कितने दिन चलेगा ये सभी जानते हैं। वहीं भाजपा नेता लोकेश नागरू ने दोनों पर चुटकी ली। उन्होंने कहा कि दोनों दल पहले दलितों का अपमान करते हैं, फिर उन्हें सत्ता के लिए पुचकारते हैं। भाजपा के राज में दलाली बंद होने से कांग्रेस और इनेलो को दिक्कत हो रही है। रही बात इनेलो-बसपा गठबंधन की तो यह गठबंधन तो आया-गया राम है। चुनाव से पहले ही दोनों दलों की यह गांठ खुद-ब-खुद खुलकर बिखर जाएगी। वहीं, वरिष्ठ पत्रकार वीरेंद्र सोनी ने इसका विश्लेषण कर कहा, करीब दो दशक बाद इनेलो का बसपा से दोबारा गठबंधन हुआ है। पिछले गठबंधन के परिणामों के मद्देनजर उन्हें नहीं लगता, ये गठबंधन भी ज्यादा दिनों तक चले।

 

मौका था इनेलो-बसपा गठबंधन पर आयोजित तहलका बर्निंग डिबेट का। आयोजन सिटी तहलका द्वारा पानीपत में अपने स्टूडियो में किया गया। डिबेट के लिए भाजपा, कांग्रेस और इनेलो के कद्दावर नेताओं को आमंत्रित किया गया। इनेलो की ओर से अपनी बात रखी पार्टी के वरिष्ठ नेता एवं हरियाणा विधानसभा के पूर्व स्पीकर सतबीर सिंह कादियान ने। कांग्रेस का पक्ष रखा पूर्व मंत्री बिजेंद्र सिंह कादियान उर्फ बिल्लू ने। जबकि भाजयुमो के प्रदेश उपाध्यक्ष लोकेश नागरू ने भाजपा को डिफेंड किया। वहीं इन सभी की बहस पर पैनी नजर डाल जबरदस्त विश्लेषण वरिष्ठ पत्रकार एवं राजनीतिक विश्लेषक वीरेंद्र सोनी ने किया।

पूरी बहस को देखने के लिए नीचे क्लिक करें।

 

 https://youtu.be/9CbHVjUQr_8

गठबंधन तोड़ने का श्रेय भाजपा ने ही लिया:  भाजपा से गठबंधन टूटने के सवाल पर पूर्व स्पीकर सतबीर सिंह कादियान ने कहा कि जब भी इनेलो का भाजपा से गठबंधन हुआ, यह गठबंधन तोड़ने का श्रेय भाजपा ने ही लिया। उसी ने पहल की। भाजपा ही किनारा कर जाए तो इसमें इनेलो क्या कर सकती है। हमारी पाटी तोड़ने पर नहीं बल्कि जोड़ने पर विश्वास करती है। उन्होंने कहा कि अच्छी फसल देखकर तो पड़ोसी भी नाराज हो जाता है। उस समय भाजपा नेता कृष्णपाल गुर्जर भी हमेशा इनेलो के खिलाफ बोलते थे। लेकिन फिर भी इनेलो को बुरा नहीं लगा। उन्होंने कहा कि इनेलो सत्ता में रहे या विपक्ष में उसके तेवर हमेशा एक जैसे ही रहते हैं।

90 में 80 सीट जीतेगी कांग्रेस:  कांग्रेस नेता बिजेंद्र सिंह कादियान ने कहा कि अव्वल तो इस समय प्रदेश में कांग्रेस ही सबसे ज्यादा मजबूत पार्टी है। उन्होंने दावा किया कि अभी चुनाव हो जाएं तो कांग्रेस 90 में से कम से कम 80 सीटों पर जीत दर्ज करेगी। उन्होंने ये भी कहा कि छोटे-मोटे गठबंधन ज्यादा दिनों तक ठहरा नहीं करते। जब खुद लड़ने की ताकत नहीं होती तब कोई दल निचले स्तर के दल से गठबंधन करता है।

बोलना आसान, करके दिखाना मुश्किल:  इनेलो नेता कुछ भी बोल सकते हैं, इसकी उन्हें छूट है, लेकिन बोलने से सबकुछ नहीं होता, उसके लिए करके दिखाना पड़ता है। दोनों दलों ने प्रदेश के लिए कुछ किया ही नहीं तो जनता ने उन्हें नकार दिया। अब वे किसी से कितना ही गठबंधन कर लें, लेकिन अब जनता उन्हें स्वीकार नहीं करेगी। इस बार भी लोकसभा और विधानसभा चुनाव भाजपा ही जीतेगी।

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विश्लेषण:  इस पर विश्लेषक वीरेंद्र सोनी ने कहा कि शायद इनेलो को खुद पर विश्वास नहीं था, इसलिए उसने यह गठबंधन किया। कहीं फिर से गठबंधन का 1998 वाला हाल तो नहीं हो जाएगा। गठबंधन तो हो गया, लेकिन अभी तक ये तय तक नहीं हो पाया कि कितनी सीट किसकी होगी। कोई भी दल गठबंधन धर्म ठीक से नहीं निभाता।

यूपी में किसके साथ करना है गठबंधन हाईकमान ही जाने:  कांग्रेस नेता बिजेंद्र कादियान से पूछा गया कि यूपी में लोकसभा चुनाव के मद्देनजर कांग्रेस और बसपा में कहीं अंदर खाते गठबंधन का खेल तो नहीं चल रहा। इस पर वे पहले तो चुप्पी साध गए। बाद में बस इतना कहा कि फिलहाल इसके लिए पार्टी का कोई इरादा नहीं, फिर भी ये हाईकमान का मामला है। इस बारे में वे कुछ नहीं बोल सकते। इनकी इस बात पर पूर्व स्पीकर कादियान ने तपाक से कहा, यूपी में बसपा चाह रही है, लेकिन बेचारे कांग्रेस वाले ही पीछे हट रहे हैं। यदि कांग्रेस की यही स्थिति रही तो अगले चुनाव में देख लेना देश से ही साफ हो जाएगी कांग्रेस। पूर्व स्पीकर के इस इस दावे पर कांग्रेस नेता बिजेंद्र कादियान कहा कि इनेलो पिछले पंद्रह साल से वेंटीलेटर पर थी, अपनी डूबती नैया को सहारा देने के लिए गठबंधन किया है। भाजपा के साथ गठबंधन किया वो भी टूट गया। वहीं, इनेलो नेता सतबीर सिंह कादियान ने कहा कि इनेलो कमेरों की पार्टी है, लुटेरों की नहीं।

कांग्रेस और इनेलो को प्रदेश जनता ने नकार दिया:  पूर्व स्पीकर सतबीर कादियान की बात का जवाब देते हुए भाजपा नेता लोकेश नागरू ने कटाक्ष किया कि कांग्रेस दलालों की पार्टी है तो इनेलो को प्रदेश की जनता भलीभांति जानती है। हाथी और चश्मे का कोई मेल नहीं होता। हाथी जब चाहेगा चश्मे को कुचल देगा।

इस पर पूर्व स्पीकर कादियान ने कहा कि जो लोग जून माह में जैकेट पहनकर झुलसने की तैयारी कर रहे हैं, वो लोग इनेलो के बारे में ऐसा कह रहे हैं। इस विश्लेषक वीरेंद्र सोनी ने कहा कि इनेलो पहली वाली इनेलो नहीं रही। चौ. देवीलाल के समय में पार्टी की अलग ही बात थी। कांग्रेस के कैप्टन अजय यादव और भाजपा के कृष्णपाल गुर्जर भी तो इनेलो से ही निकले हैं।


by

सिटी तहलका 
अजय राजपूत

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