भारत बना नेट एक्सपोर्ट कंट्री, पानीपत में आयोजित बुद्धिजीवी सम्मेलन में बोले इस्पात मंत्री चौ. विरेंद्र सिंह 

पानीपत राजनीति विशेष स्टोरी

ch. virender singh dumerkha panipat smlian

पानीपत के एसडीवीएम, जूनियर विंग स्कूल के सभागार में जिला स्तरीय बुद्धिजीवी सम्मेलन व प्रेस वार्ता का आयोजन किया गया। प्रैस वार्ता को केन्द्रीय इस्पात मंत्री चौ. विरेंद्र सिंह ने संबोधित किया। पत्रकारों के सवालों का जवाब देते हुए केन्द्रीय मंत्री ने कहा कि भारत का व्यापार निरंतर बढ़ रहा है। भारत ने ऐसी नीति बनाई है, जिससे हमें आयात कम करना पड़े और निर्यात अधिक हो सके। इस समय भारत नेट एक्सपोर्ट कंट्री बन गया है, जिससे व्यापार करने में पूरी पारदर्शिता आ गई है। उन्होंने कहा कि अधिकतर योजनाओं में केन्द्र सरकार प्रदेश सरकारों को धनराशि व अनुदान राशि प्रदान करती है और प्रदेश सरकारें अपने-अपने प्रदेशों की परिस्थितियों के अनुसार योजनाएं बनाती है, लेकिन इन सभी योजनाओं पर केन्द्र सरकार की भी निगरानी रहती है। अब जो भी निर्माण कार्य होता है, उसमें उच्चकोटि की सामग्री लगाई जाती है। उन्होंने सम्मेलन में बतौर मुख्यअतिथि शिरकत की। इस दौरान सम्मेलन में आए बुद्धिजीवियों ने उनसे अनेक सवाल किए।

इससे पहल कार्यक्रम में पंहुचने पर परिवहन मंत्री कृष्णलाल पंवार, विधायक महिपाल ढांडा, रोहिता रेवड़ी, जिला बीजेपी अध्यक्ष प्रमोद विज, प्राचार्य जगदीश गुप्ता, डाॅ. हेमा रमन, देवेंद्र दत्ता, गजेंद्र सलूजा और धर्मपाल जागलान ने मुख्यअतिथि का स्वागत किया। कार्यक्रम का शुभारम्भ मां भारती, पं. दीनदयाल उपाध्याय व श्यामा प्रसाद मुखर्जी के चित्र के समक्ष दीप प्रज्जवलित कर व पुष्प अर्पित कर किया गया। बुद्धिजीवी प्रकोष्ठ के अध्यक्ष व बुद्धिजीवी सम्मेलन के संयोजक प्राचार्य जगदीश गुप्ता ने सभी का स्वागत किया और इस कार्यक्रम के बारे में विस्तार से जानकारी दी।

ch. virender singh dumerkha panipat smlian

सम्मेलन को संबोधित करते हुए केंद्रीय इस्पात मंत्री चौ. विरेंद्र सिंह ने कहा कि कुश्ती आमने-सामने की होती है, लेकिन जब सभी विपक्षी पार्टियां गठबंधन करें तो समझ लेना चाहिए कि सत्ताधारी पार्टी मजबूत स्थिति में है। जिसके कारण विपक्षी गठबंधन कर रहे हैं। उन्होंने एक सवाल के जवाब में कहा कि इस्पात मंत्री होने के नाते उनका यह मानना है कि देश में अब बड़े ब्रिज भी स्टील के बनाए जाने चाहिए। स्टील के ब्रिज की आयु 130 साल से अधिक होती है, जबकि सीमेंट के पुल की आयु 50 साल मानी जाती है। उन्होंने कहा कि जीएसटी लागू होने के बाद व्यापारियों और सरकार दोनों को लाभ हुआ है। नई योजना लागू करने में थोड़ी रूकावट आती है, लेकिन अब जीएसटी को व्यापारी भी लाभकारी मान रहे हैं और स्वेच्छा से कर दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि वर्ष 2018 की खरीफ की फसल की लागत पर 50 प्रतिशत लाभ देने की घोषणा प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने की है। जिससे 20 लाख करोड़ रूपया गांव में जाएगा और गांव के विकास का मार्ग प्रशस्त होगा।

केन्द्रीय इस्पात मंत्री ने कहा कि भारत विश्व का सबसे बड़ा लोकतंत्र है। भारतीय लोकतंत्र में जो पार्टी राष्ट्र धर्म और राजधर्म के आलोक में कार्य करती है वही सफल सरकार दे सकती है। भाजपा की केन्द्र सरकार ने अपने चार साल के कार्यकाल में इतने विकास कार्य करवाए हैं जितने विकास कार्य इतने समय में पूर्व की कोई भी सरकार नही करवा पाई। सम्मेलन में आए सभी बुद्धिजीवियों को यह विचार तुलना करनी चाहिए कि एक तरफ 48 साल का समय और दूसरी तरफ 48 महीने का वह समय है, जिसमें केन्द्र सरकार ने अनेक उल्लेखनीय कार्य किए हैं। कुछ कार्य तो ऐसे भी हैं, जिन पर पूर्व की सरकारों ने एक बार भी नजर नही दौड़ाई।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री की कूटनीति के कारण आज भारत को विश्व में जो सम्मानित स्थान मिला है, वह पहले कभी नही मिला। उन्होंने 45 साल की अवधि के दौरान अनेक सरकारों को देखा है, लेकिन जो कार्यशैली प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की है, वह पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी को छोड़कर किसी भी प्रधानमंत्री की नही रही है। प्रधानमंत्री मोदी ने 48 महीनों के दौरान 80 देशों का दौरा करके भारत को विश्व स्तर पर सम्मानित स्थान दिलवाया है। आज हमारे देश के सभी देशों से अच्छे सम्बंध है। उन्होंने कहा कि भारत में 562 छोटी-बड़ी रियासते थीं, लेकिन सरदार पटेल के फौलादी इरादों के कारण भारत का यह मानचित्र बन पाया है। सरदार पटेल के बाद प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ही ऐसे नेता हैं, जो राष्ट्र को एकता के सूत्र में बांधते हुए देश को एक विकसित राष्ट्र बना सकते हैं। उन्होंने कहा कि राष्ट्र को विकसित राष्ट्र बनाने के लिए प्रदेशों की आर्थिक विसमता को भी समाप्त करना होगा। इसलिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने नोट बंदी व कैसलेस जैसी अनेक योजनाएं बनाई हैं।


by
अजय राजपूत
सिटी तहलका

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *