आकाश इंस्टीट्यूट में आधा घंटा बेहोश पड़ी रही छात्रा।। नहीं ली संस्थान के स्टाफ ने कोई सुध

पानीपत विशेष स्टोरी
पानीपत, 14 अगस्त।

पानीपत के आकाश इंस्टीट्यूट नामक संस्थान में एक बड़ी लापरवाही सामने आई है। यह लापरवाही उस समय देख गई जब संस्थान की एक छात्रा तीसरी मंजिल पर अचानक बेहोश होकर संस्थान में करीब आधा घंटे तक बेहोश पड़ी रही और उसकी स्टाफ के किसी भी सदस्य ने कोई सुध नहीं ली। संस्थान की एक अन्य छात्रा ने इसकी जानकारी छात्रा के परिजनों को दी। परिजनों ने तत्काल संस्थान पहुंचकर बेहोश छात्रा को अस्पताल में भर्ती कराया। वहीं परिजनों ने संस्थान स्टाफ को भी जमकर खरी-खोटी सुनाई। उन्होंने संस्थान पर आरोप लगाया कि विद्यार्थियों से प्रतिवर्ष लाखों रुपए लेने के बाद भी संस्थान में किसी तरह की कोई सुविधा नहीं है। बेहोश छात्रा के परिजनों को सूचना देना भी संस्थान के स्टाफ ने अपनी जिम्मेदारी नहीं समझी।

सूचना मिलते ही छात्रा अपर्णा के पिता विजय वशिष्ठ ने मौके पर पहुंचकर इंस्टीट्यूट की तीसरी मंजिल पर बेहोश पड़ी अपनी बेटी को नीचे उतारा
सूचना मिलते ही छात्रा अपर्णा के पिता विजय वशिष्ठ ने मौके पर पहुंचकर इंस्टीट्यूट की तीसरी मंजिल पर बेहोश पड़ी अपनी बेटी को नीचे उतारा और एक निजी हॉस्पिटल में दाखिल करवाया।

जानकारी के अनुसार पानीपत के माॅडल टाउन स्थित आकाश इंस्टीट्यूट में शिक्षा ग्रहण कर रही भारत नगर की छात्रा अपर्णा मंगलवार को अचानक बेहोश होकर संस्थान की तीसरी मंजिल पर गिर गई। वह लगभग आधे घंटे तक वहीं बेहोश पड़ी रही, मगर इंस्टीट्यूट के स्टाफ के किसी भी सदस्य ने उसकी कोई सुध नहीं ली। इसी दौरान वहां से गुजर रही एक अन्य छात्रा ने उसके बेहोश होने की जानकारी उसके परिजनों को दी। सूचना मिलते ही छात्रा अपर्णा के पिता विजय वशिष्ठ ने मौके पर पहुंचकर इंस्टीट्यूट की तीसरी मंजिल पर बेहोश पड़ी अपनी बेटी को नीचे उतारा और पानीपत के एक निजी हॉस्पिटल में दाखिल करवाया।

इंस्टीट्यूट में नहीं विद्यार्थियों के कोई सुविधा

जब इस बारे में छात्रा से बात की गई तो उसने बताया कि इंस्टीट्यूट में किसी भी प्रकार की कोई सुविधा नहीं है। सब जगह है गंदगी और मच्छरों का आतंक है, जिसकी जानकारी इंस्टीट्यूट के स्टाफ को दी गई, मगर समस्या की ओर कोई ध्यान नहीं दिया गया। वहीं छात्रा के पिता ने बताया की उसकी बेटी सुबह ठीक-ठाक घर से इंस्टीट्यूट आई थी। यहां पहुंचने के बाद वह आधे घंटे तक इंस्टीट्यूट में बेहोश पड़ी रही, मगर परिवार को इसकी जानकारी देना इंस्टीट्यूट के किसी भी सदस्य ने अपनी जिम्मेदारी नहीं समझी। उन्होंने बताया कि यहां पर विद्यार्थियों से प्रतिवर्ष लाखों रुपए ले लिए जाते हैं, मगर यहां किसी भी प्रकार की कोई सुविधा नहीं है।


by

नवीन कुमार
सिटी तहलका

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