अब हरियाणा के अनाथाश्रमों में भी मिली भारी गड़बड़ियां।। हरियाणा महिला आयोग ने की जांच

म्हारा हरियाणा सोनीपत
 
सोनीपत, 9 अगस्त।
 
बिहार और उत्तरपद्रेश में अनाथ आश्रमों या शेल्टर होम में बच्चियों के यौन-शोषण की दिल दहला देने वाली खबरों के बाद जब हरियाणा में महिला आयोग ने बच्चियों को अनाथाश्रमों और शेल्टर होम में रखने वाली संस्थाओं की जांच की तो यहां भी सनसनीखेज मामले सामने आए हैं। नूहं के तावडू के बाद बुधवार को सोनीपत जिले के गन्नौर के बड़ी स्थित अनाथाश्रम में छापे के दौरान महिला आयोग को भारी अनियमितताएं मिलीं। बच्चियां कैदियों जैसी जिंदगी बसर करने को मजबूर हैं। देशभर में चर्चित हुए रोहतक के ‘अपना घर‘ कांड से भी हरियाणा सरकार ने सबक नहीं लिया, इससे साफ पता लगता है कि हरियाणा का सिस्टम कितना व्यस्त है। बिहार और उत्तरप्रदेश के अनाथालयों में सामने आई गड़बड़ियों के बाद हरियाणा महिला आयोग ने भी संज्ञान लिया है। महिला आयोग की सदस्य सोनिया अग्रवाल ने बुधवार को गन्नौर के बड़ी गांव स्थित ललिता ज्योति अनाथाश्रम का दौरा किया। इस दौरान सोनिया अग्रवाल ने आश्रम की व्यवस्था का निरीक्षण करते हुए आश्रम में रह रही बच्चियों से उनका हाल-चाल जाना। आश्रम की कई बच्चियों ने आयोग सदस्य को अपनी व्यथा बताई। बच्चियों ने कहा कि उन्हें यहां बंदियों की तरह रखा जा रहा है। किसी भी चीज की आजादी नहीं है। इतना ही नहीं वे अपना दुखड़ा आश्रम में आने वाले सभी अधिकारियों के समक्ष रखती हैं, लेकिन उनकी कहीं कोई सुनवाई नहीं हो रही है।
 
आश्रम बना बेसहरा बच्चियों के लिए मुसीबत, हालत दयनीय
 
गन्नौर का आश्रम यहां रहने वाली बेसहरा बच्चियों के लिए मुसीबत बन गया है। आश्रम में रहने वाली बच्चियों की हालत दयनीय है। 
इस दौरान आश्रम में रह रही 21 वर्षीय लड़की ने महिला आयोग की सदस्य सोनिया अग्रवाल को बताया कि वह 12वीं की परीक्षा दे चुकी है। लेकिन आश्रम की तरफ से उसे आगे कोई कोर्स नहीं करवाया जा रहा है। वह आश्रम से निकल कर अपने पैरों पर खड़ा होना चाहती है, लेकिन उसे आश्रम से बाहर जाने नहीं दिया जा रहा है। लड़की ने बताया कि वह अपनी यह मांग आश्रम में आने वाले हर अधिकारियों के समक्ष रखती है, लेकिन उसकी कहीं कोई सुनवाई नहीं हो रही है। लड़की ने महिला आयोग की सदस्य सोनिया अग्रवाल को लिखित में शिकायत देकर उसे आश्रम से बाहर निकलवाने की गुहार लगाई। इस पर सोनिया अग्रवाल ने कहा कि वह हरियाणा महिला एवं बाल विकास मंत्री कविता जैन और उपायुक्त विनय सिंह से इस बारे में बातचीत करेंगी और कोई न कोई हल निकलवाएंगी। 
 
फंड संबंधित दस्तावेज भी नहीं मिले पूरे
 
सोनिया अग्रवाल ने आश्रम के सभी कमरों, रसोई घर, प्रांगण आदि का भी बारीकी से निरीक्षण किया। आश्रम में मक्खियों के प्रकोप के चलते उन्होंने आश्रम प्रबंधक को समय-समय पर कीटनाशक दवा का छिड़काव करवाने के निर्देश दिए। सोनिया अग्रवाल ने आश्रम के खातों में आने में वाले फंड के बारे में भी जानकारी ली, लेकिन पूरे दस्तावेज न होने की वजह से उन्हें एक सप्ताह के भीतर सभी दस्तावेज अपने मुख्य कार्यालय से मंगवाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि वे अगले सप्ताह फिर से आश्रम का दौरा कर व्यवस्थाओं का जायजा लेंगी।
 
सीटीएम ने उपायुक्त को सौंपी जांच रिपोर्ट
 
कुछ माह पहले सोनीपत की सीटीएम श्वेता सुहाग ने भी जिला उपायुक्त विनय सिंह के निर्देशानुसार ललिता ज्योति अनाथाश्रम का दौरा किया था। इस दौरान उन्हें भी आश्रम में काफी खामियां मिलीं थीं। सीटीएम को 31 में से दो लड़कियां वहां नहीं मिलीं। इस पर सीटीएम ने आश्रम संचालकों को कड़ी फटकार लगाई। जिसके बाद दोनों लड़कियों को सामने लाया गया। लड़कियों ने बताया कि उनके साथ मारपीट की जाती है। इस पर श्वेता सुहाग ने मंगलवार को आश्रम की रिपोर्ट उपायुक्त को प्रस्तुत करते हुए आश्रम के खिलाफ कार्रवाई करने की सिफारिश की है। वहीं, हरियाणा महिला आयोग की सदस्य सोनिया अग्रवाल ने बताया कि आश्रम में बच्चियों की सही ढंग से परवरिश नहीं हो रही लड़कियों को किसी चीज की आजादी नहीं दी गई है। एक लड़की ने उन्हें लिखित में शिकायत भी दी है। वे इस मामले को महिला एवं बाल विकास मंत्री कविता जैन व उपायुक्त विनय सिंह के संज्ञान में भी लाएंगी। इसके अलावा आश्रम को अपनी व्यवस्थाएं सुधारने का एक सप्ताह का समय दिया गया है। यदि एक सप्ताह बाद भी कोई सुधार नहीं हुई तो सरकार से कार्रवाई की सिफारिश की जाएगी।
 
अधिकारियों और आयोग सदस्यों का ने माना, आश्रम की हालत खराब 
 

इस बारे में जब सिटी तहलका संवादतदाता ने उपायुक्त विनय सिंह ने बताया कि उन्हें आश्रम के खिलाफ शिकायत मिली है। आश्रम से लड़कियां गायब नहीं थीं, बल्कि आश्रम में ही थीं। फिर भी खामियां उनके सामने आई हैं। उस पर निश्चित तौर पर कार्रवाई की जाएगी। वहीं, जब हरियाणा महिला आयोग की सदस्य सोनिया अग्रवाल से बात की गई तो उन्होंने बताया कि आश्रम में रह रही 21 वर्षीय लड़की दीक्षा ने बताया कि आश्रम में उन्हें बंदियों की तरह रखा जा रहा है। उन्हें किसी भी चीज की आजादी नहीं है। वह 12वीं कक्षा की परीक्षा दे चुकी है। लेकिन आश्रम की तरफ से उसे आगे कोई कोर्स नहीं करवाया जा रहा है। वह आश्रम से निकल कर अपने पैरों पर खड़ा होना चाहती है, लेकिन उसे आश्रम से बाहर जाने नहीं दिया जा रहा है। सरकार से भी आश्रम से बाहर निकलवाने के लिए लिखित में शिकायत दी है, लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है।


BY

कविता किट्टू
सिटी तहलका

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