मेयर के बेबाक बोल, महिलाओं के लिए राजनीति कठिन, मेरे बैकग्राउंड की बदौलत मिला टिकट

पानीपत म्हारा हरियाणा राजनीति

 

मेयर के बेबाक बोल, महिलाओं के लिए राजनीति कठिन, मेरे बैकग्राउंड की बदौलत मिला टिकट

 

महिलाओं के लिए राजनीति की राह बहुत कठिन है। मेरे पिता भूपेंद्र सिंह पहले से राजनीति में हैं, इसलिए मेयर का टिकट भाजपा से मांगना नहीं पड़ा था। हालांकि, पार्टी ने मेरा और पति परविंद्र चावला का बैकग्राउंड खंगाला था। विधानसभा चुनाव के शोर में मेयर अवनीत कौर से चर्चा हुई तो उन्होंने चुनौतियों और जिम्मेदारी पर बेबाकी से बात की।

अवनीत कौर ने बताया कि घर का माहौल पूरी तरह से राजनीतिक था, इस रंग में रंगने में दिक्कत नहीं हुई। शहर की मेयर होने के नाते जनता के प्रति मेरी जिम्मेदारियां है। अपराह्न ढाई-तीन बजे तक नगर निगम से जुड़े कार्यों को निपटाती हूं, इसके बाद पूरा समय घर-परिवार को देती हूं। कुछ शाम के कार्यक्रम होते हैं, उनमें जाना पड़ता है।

उन्होंने कहा कि मायका और ससुराल पक्ष का पूरा सहयोग मिल रहा है,इसलिए अधिक दिक्कत नहीं आयी है। चार साल का बेटा इकनूर है, वह बहुत मिस करता है। निकाय चुनाव प्रचार के दौरान उसे बिल्कुल भी समय नहीं दे सकी थी, उसका वजन भी घट गया था।

करीब एक साल के राजनीतिक करियर में क्या खोया-क्या पाया?

 

 

अवनीत कौर ने कहा कि मैं इस क्षेत्र में कुछ पाने के लिए नहीं आई हूं। शहर-शहरवासियों की उम्मीदों पर खरी उतरी तो अपना कुछ खोने का कभी गम नहीं होगा।

नगर निगम में भ्रष्टाचार बहुत है, आप कितनी सहमत हैं?

अवनीत कौर ने कहा कि यह सच है। करीब 70 करोड़ के कार्यों को रुकवाया गया है। एक सड़क का निर्माण चार ठेकेदार कर रहे थे। सरकार मेयर की शक्तियों में इजाफा करे तो भ्रष्टाचार पर अंकुश लगना आसान हो जाएगा।

क्या रोहिता रेवड़ी का टिकट कटने का दुख है?

महिला होने के नाते तो है लेकिन पार्टी बहुत सी बातों को देखती है। एक ईमानदार और जीतने वाले को प्रत्याशी बनाया गया है, इसकी खुशी ज्यादा है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *