जींद उपचुनाव मे अच्छों अच्छों का टूटेगा भ्रम  कौन हो सकते हैं सम्भावित उम्मीदवार

पानीपत म्हारा हरियाणा

जींद उपचुनाव मे अच्छों अच्छों का टूटेगा भ्रम  कौन हो सकते हैं सम्भावित उम्मीदवार

जींद उपचुनाव की घोषणा होते ही सम्भावित उम्मीदवारों के नामो पर चर्चा गर्म होती जा रही है। ज्ञात रहे कि इनेलो विधायक हरी चंद मिड्ढा के निधन से यह सीट रिक्त हो गई थी। बाद मे उनके पुत्र कृष्ण मिड्ढा पर भाजपा डोरे डालने मे सफल रही ओर उन्हे भाजपा मे शामिल करवा लिया गया। गौरतलब है कि स्व. हरीचन्द के मुकाबले भाजपा ने 2014 मे सुरेन्द्र बरवाला पुर्व सांसद को इनेलो से तोडकर उम्मीदवार बनाया था। क्षेत्र मे सुरेन्द्र बरवाला परिवार की बहुत अच्छी छवि मानी जाती है। ओर छत्तीस बिरादरी मे सुरेन्द्र परिवार के निजी रसूख हैं यही कारण है कि बरवाला ने बतौर भाजपा उम्मीदवार कडी टक्कर दी थी ओर 2100 वोटो के मामूली अंतर से बरवाला इनेलो उम्मीदवार से हार गये थे। अब क्यों कि कृष्ण मिड्ढ़ा को भाजपा टिकट देने जा रही है ऐसे मे सुरेन्द्र बरवाला का राजनैतिक चैप्टर क्लोज ना हो जाए इसके लिए बरवाला नए सिरे से मंथन कर सकते हैं। कयास लगाए जा रहे हैं कि इनेलो भी सुरेन्द्र बरवाला की घर वापिसी करा कर चुनाव लडा सकती है। यदि बरवाला ने इनेलो टिकट पर चुनाव लडा तो भाजपा के सारे समीकरण फंस सकते हैं।

उधर अशोक तंवर गुट से पुर्व प्रत्याशी प्रमोद सिहाग और बालमुकन्द शर्मा के नामो पर चर्चा की जा रही है। हुड्डा ग्रुप से अलबत्ता सत्तू संगतपुरा का नाम उछाला जा रहा है।
उधर जे जे पी पार्टी से पूर्व वित्तमन्त्री मांगे राम गुप्ता के पुत्र महावीर गुप्ता के नाम पर गम्भीरता से विचार हो चुका है लेकिन अंतिम फैसला मांगे राम गुप्ता ही लेंगे। वंही युवा विंग के पुर्व प्रदेश अध्यक्ष प्रदीप गिल भी जींद उपचुनाव से अपनी किस्मत आजमाना चाहते हैं। जबकि जजपा समर्थक चाहते हैं कि दिग्विजय को मैदान मे उतारा जाए। क्यों कि जजपा धमाकेदार एन्ट्री मारना चाहते हैं। लेकिन दिग्विजय को लेकर कोई सियासी जोखिम भी नही लेना चाहेंगे।

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