हाईकोर्ट का हरियाणा के हजारों कर्मचारियों को जोरदार झटका, हुड्डा सरकार की रेगुलराइजेशन पॉलिसियां की रद्द  

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चंडीगढ़ से खबर है कि हाईकोर्ट ने हुड्डा सरकार के कार्यकाल में बनाई गई 3 व 10 साल की रेगुलराइजेशन पॉलिसियों को को रद्द कर दिया है। इसके साथ ही इन पॉलिसियों के तहत रेगुलर हुए कर्मचारियों का रेगुलराइजेशन भी कर दिया गया है। हाईकोर्ट ने अब 6 महीने में रेगुलर भर्ती करने के आदेश दिए हैं। कच्चे कर्मचारियों को आयु में छूट देने का भी विकल्प दिया गया है।

ज्ञात रहे कि कानून के विशेषज्ञ पहले ही इन पॉलिसियों को गैर-कानूनी व सुप्रीम कोर्ट के 5 जजों की संवैधानिक बेंच द्वारा उमा देवी मामले में दिए फैसले के खिलाफ बता रहे थे। इन पॉलिसियों को योगेश त्यागी व अंकुर छाबड़ा ने अधिवक्ता अनुराग गोयल के माध्यम से हाईकोर्ट में चुनौती दी थी, जिस पर आज हाईकोर्ट ने अपना सुरक्षित फैसला सुनाया।

जो पक्के थे. वो दोबारा बन जाएंगे कच्चे या हो जाएगी सेवा समाप्त

ज्ञात रहे कि पंजाब व हरियाणा हाईकोर्ट ने हुड्डा सरकार द्वारा कच्चे कर्मचारियों को रेगुलर करने के लिए वर्ष 2014 में बनाई गई सभी रेगुलराइजेशन पॉलिसियों को रद्द किया गया है। हाई कोर्ट के इस आदेश से वो सभी कर्मचारी प्रभावित होंगे जो इस नीति के तहत पक्के किए गए थे। अब सरकार किसी भी कच्चे कर्मचारी को पक्का भी नहीं कर पाएगी। जो इस नीति के तहत पक्के हुए थे वो दोबारा कच्चे कर्मचारी बन जाएंगे या उनकी सेवा समाप्त हो जाएगी। हाईकोर्ट ने छह महीने के भीतर नियमित भर्ती करने का आदेश दिया।


by
सिटी तहलका

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