Haryana Assembly Election 2019: दिन में धुआंधार रैलियां और रोड-शो, शाम को थम जाएगा प्रचार

म्हारा हरियाणा राजनीति

 

Haryana Assembly Election 2019: दिन में धुआंधार रैलियां और रोड-शो, शाम को थम जाएगा

प्रचार

 

Haryana Assembly Election 2019 में आज शाम चुनाव प्रचार को शोर थम जाएगा। दिनभर रैलियों और रोड शो के बाद शाम छह बजे थम जाएगा। प्रचार के अंतिम दिन शक्ति प्रदर्शन के लिए भाजपा और कांग्रेस के साथ ही जजपा, इनेलो और आम आदमी पार्टी ने पूरे प्रदेश में सुबह से ताबड़तोड़ रैलियां व जनसभाएं कर रहे हैं। राज्‍य के विधानसभा चुनाव सबसे अधिक 25 प्रत्‍याशी हांसी सीट से मैदान में हैं। अंबाला कैंट और कुरुक्षेत्र के शाहबाद हलके में सिर्फ छह-छह उम्मीदवार चुनाव लड़ रहे हैं।

शाम छह बजते ही बाहर के मंत्री, सांसद-विधायकों और नेताओं को छोडऩा पड़ेगा हलका

चुनाव प्रचार की समय सीमा खत्म होने के बाद कोई राजनीतिक दल या उम्मीदवार किसी भी प्रकार की बैठक या जनसभाएं नहीं कर सकेंगे। चुनाव एजेंट को छोड़ कर पार्टी से जुड़े तमाम मंत्रियों, सांसद- विधायकों, कार्यकर्ताओं, नेताओं और प्रचारक, जो संबंधित निर्वाचन क्षेत्र के मतदाता नहीं हैं, को हलका छोड़कर जाना होगा। इसके बाद लाउडस्पीकर पर प्रतिबंध रहेगा और किसी भी तरह की चुनावी सामग्री को सिनेमाटॉग्राफी, टीवी, म्यूजिक कंसर्ट, थियेटर प्रोग्राम या अन्य मनोरंजक कार्यक्रम में नहीं परोसा जा सकेगा।

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पुरस्कर्ता
प्रचार के अंतिम दिन भाजपा ने झोंकी ताकत, कांग्रेस-इनेलो-जजपा व आप भी नहीं पीछे

पोलिंग बूथ के 100 मीटर के दायरे में प्रचार करने पर दो साल तक की सजा और जुर्माने हो सकता है। भारतीय चुनाव आयोग ने जिला प्रशासन और पुलिस को सभी सामुदायिक केंद्र, गेस्ट हाउस और सरायों में छापामारी का निर्देश दिया है ताकि हलके से बाहर का कोई भी राजनीतिक व्यक्ति यहां न ठहर सके।

ऐलनाबाद और रेवाड़ी में पीएम मोदी की रैलियां

प्रचार के आखिरी दिन आक्रामक रणनीति पर चलते हुए भाजपा ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ऐलनाबाद और रेवाड़ी में रैलियां रखी हैं। केंद्रीय मंत्री नरेंद्र तोमर रेवाड़ी में जनसभा करेंगे, जबकि मुख्यमंत्री मनोहर लाल सोनीपत और करनाल में रोड-शो व नारनौंद में जनसभा करेंगे। मतदाताओं को लुभाने के लिए भाजपा ने बॉलीवुड कलाकारों की करीब एक दर्जन जनसभाएं रखी हैं।

 

 

बॉलीवुड स्टार और सांसद हेमामालिनी पानीपत, सफीदों, नरवाना, साढ़ौरा और पंचकूला, सांसद सन्नी देयोल बादली, उचाना कलां और दादरी तथा मनोज तिवारी जींद में रोड-शो व जनसभाएं करेंगे। कांग्रेस ने राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत सहित पार्टी के दूसरे राष्ट्रीय नेताओं को प्रचार के लिए बुलाया है।

बादशाहपुर सबसे बड़ा हलका, नारनौल सबसे छोटा

विधानसभा चुनावों में गुड़गांव के बादशाहपुर हलके में सर्वाधिक तीन लाख 96 हजार 281 वोटर मतदान करेंगे। नारनौल में इसके आधे से भी कम अर्थात एक लाख 44 हजार 66 मतदाता वोट डालेंगे। पूरे प्रदेश में 252 किन्नर मतदाता हैं, जिनमें 45 फरीदाबाद में हैं। जिलावार विधानसभा क्षेत्रों की बात करें तो हिसार जिले में सात हलके हैं और फरीदाबाद व सोनीपत में छह-छह। करनाल, जींद और सिरसा में पांच-पांच, अंबाला, यमुनानगर, कुरुक्षेत्र, कैथल, पानीपत, भिवानी, रोहतक, झज्जर, महेंद्रगढ़, गुरुग्राम में चार -चार, फतेहाबाद, मेवात, रेवाड़ी और पलवल में तीन-तीन एवं पंचकूला और चरखी दादरी में दो-दो विधानसभा क्षेत्र हैं।

कर्मचारियों को नहीं मिले बैलेट पेपर, कैसे करेंगे मतदान

हरियाणा में सोमवार को 14वीं विधानसभा के लिए मतदान होना है, लेकिन अभी तक चुनाव ड्यूटी में लगे कर्मचारियों को पोस्टल बैलेट पेपर जारी नहीं हो पाए हैं। इसे मुद्दा बनाते हुए सर्व कर्मचारी संघ ने मुख्य चुनाव आयुक्त को चिट्ठी लिखी है जिसमें तत्काल प्रभाव से सभी कर्मचारियों को बैलेट पेपर व चुनाव ड्यूटी सर्टिफिकेट जारी करने की मांग की है।

सर्व कर्मचारी संघ के राज्य प्रधान सुभाष लांबा, महासचिव सतीश सेठी व प्रेस प्रवक्ता इंद्र सिंह बधाना ने कहा कि मतदान में केवल तीन दिन बचे हैं। इसके बावजूद झज्जर, पंचकूला व गुरुग्राम में अभी तक बैलेट पेपर जारी नहीं किए गए। इसी तरह सोनीपत, फरीदाबाद व अन्य कई जिलों में भी कर्मचारियों को पोस्टल बैलेट पेपर नहीं दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि जरूरी नागरिक सेवाओं में लगे विशेषकर रोडवेज कर्मचारियों को मतदान करने की सुविधा दी जाए।

उम्मीदवार और एजेंटों को सिर्फ एक गाड़ी

चुनाव लड़ रहे उम्मीदवार मतदान के दिन सिर्फ एक गाड़ी का इस्तेमाल कर सकेंगे। गाड़ी में ड्राइवर सहित पांच लोगों से ज्यादा के बैठने की अनुमति नहीं है। संयुक्त मुख्य निर्वाचन अधिकारी डॉ. इंद्रजीत ने बताया कि उम्मीदवार का चुनावी एजेंट भी एक गाड़ी का इस्तेमाल कर सकता है। हालांकि इन वाहनों में मतदाताओं को पोलिंग स्टेशन तक लाने या छोडऩे और छोडऩे का काम नहीं किया जा सकेगा।

सरकारी कार्यालयों और कंपनी-दुकानों में रहेगी छुट्टी

निजी क्षेत्रों में लगे कर्मचारियों को मतदान की सुविधा के लिए निर्वाचन आयोग ने सभी दुकानों और वाणिज्यिक प्रतिष्ठानों में 21 अक्टूबर को क्लोज डे (वेतन सहित अवकाश) घोषित किया है। इसी तरह सभी सरकारी विभागों, बोर्ड-निगमों के कार्यालयों, शैक्षणिक तथा अन्य संस्थानों में इस दिन सार्वजनिक अवकाश रहेगा।

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