एसआइएमएच की धरनारत छात्राओं ने लगाया अधिकारियों पर आरोपित का बचाव करने का आरोप

म्हारा हरियाणा रोहतक विशेष स्टोरी सामाजिक

 

एसआइएमएच की धरनारत छात्राओं ने लगाया अधिकारियों पर आरोपित का बचाव करने का आरोप

 

 

हेल्थ यूनिवर्सिटी के स्टेट इंस्टीट्यूट ऑफ मेंटल साइंस की छात्राओं का धरना तीसरे दिन भी जारी रही। सोमवार को भी धरनारत आठों छात्राओं ने श्याम पार्क में बैठकर अधिकारियों की कार्यशैली पर रोष जताया। सोमवार को संस्थान के निदेशक डा. राजीव गुप्ता ने छात्राओं से बातचीत कर समझाने का प्रयास किया, लेकिन छात्राएं आरोपित चिकित्सक को सस्पेंड कराने समेत अन्य मांगों को पूरा करने पर अड़ी रहीं। इसके बाद छात्राओं ने वीसी से भी मुलाकात की, लेकिन समस्या का कोई भी समाधान नहीं निकल सका।

पिछले सप्ताह एसआइएमएच की छात्राओं ने विभाग के ही एक चिकित्सक पर शोषण करने का आरोप लगाया था। तीन दिन पहले आरोपित चिकित्सक के खिलाफ कार्रवाई न होने से नाराज आठ छात्राएं धरने पर बैठ गई थी। छात्राओं की मांग है कि आरोपित चिकित्सक को सस्पेंड करने समेत स्टाइपेंड और अन्य मांगों को पूरा किया जाए। सोमवार को भी छात्राओं की मांगों को पूरा नहीं किया जा सका, जिसके चलते उनकी हड़ताल अभी भी जारी है। धरनारत छात्राओं ने बताया कि सोमवार को निदेशक डा. राजीव गुप्ता ने छात्राओं से बात की, लेकिन कोई सफलता नहीं मिल सकी। इसके बाद छात्राओं ने वीसी डा. ओपी कालरा से मुलाकात की।

 

 

छात्राओं का आरोप है कि वीसी समेत अन्य अधिकारियों ने भी आरोपित चिकित्सक के खिलाफ कार्रवाई से इनकार कर दिया। साथ ही कार्रवाई की मांग पर अड़े रहने की दशा में उनके थीसिस को पास न करने की भी बात कही। बताया जा रहा है कि थीसिस पर असिस्टेंट प्रोफेसर के हस्ताक्षर होने अति आवश्यक हैं, लेकिन आरोपित चिकित्सक के बाद थीसिस पर हस्ताक्षर करने के लिए कोई असिस्टेंट प्रोफेसर नहीं है। ऐसे में छात्राओं की थीसिस अटक सकती हैं। धरनारत छात्राओं का कहना है कि अफसर जानबूझकर धरना समाप्त कराने के लिए और आरोपित को बचाने के लिए प्रयास कर रहे हैं। जब तक मांगें पूरी नहीं की जाती हैं तब तक उनका धरना जारी रहेगा।

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