सीडी कांड में फंसे कांग्रेस के पांचों पूर्व विधायकों को हाईकोर्ट से बड़ी राहत, अगले आदेश तक गिरफ्तारी पर लगी रोक

पानीपत म्हारा हरियाणा राजनीति विशेष स्टोरी

30 , अगस्त , चंडीगढ़।

चंडीगढ़। सीएलयू सीडी कांड में फंसे कांग्रेस के पांच पूर्व विधायकों को बड़ी राहत मिली है।पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने उनकी गिरफ्तारी पर रोक लगा दी है। हाई कोर्ट ने हरियाणा सरकार को 6 सप्ताह के भीतर जांच की स्टेटस रिपोर्ट दाखिल करने के आदेश दिए हैं।इस मामले में था गिरफ्तारी का डर बता दें कि इनेलो ने कांग्रेस के 5 पूर्व विधायकों की सीएलयू के बदले पैसे मांगते हुए दिखाने वाली सीडी जारी की थी।यह मामला जब लोकायुक्त के पास पहुंचा तो लोकायुक्त ने पांचों पूर्व विधायकों राव नरेंदर, विनोद भयाना, नरेश सेलवाल, जरनैल सिंह, रामनिवास घोड़ेला के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने के आदेश जारी किए थे। इस आदेश को चुनौती देते हुए हाई कोर्ट में याचिका दाखिल की गई थी। हाईकोर्ट की सिंगल बेंच ने पांचों को राहत देते हुए उनपर एफआईआर दर्ज करने पर रोक लगा दी थी।
सिंगल बेंच के इस फैसले को चुनौती देते हुए हरियाणा सरकार ने डबल बेंच के सामने याचिका दाखिल की थी।

डबल बेंच ने हरियाणा सरकार की याचिका पर सुनवाई करते हुए सिंगल बेंच के आदेशों पर रोक लगा दी थी, जिससे एफआईआर का रास्ता साफ हो गया था।डबल बेंच से राहत मिलते ही हरियाणा सरकार ने पांचों पूर्व विधायकों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली थी। पांचों ने सिंगल बेंच के आदेश पर लगी रोक हटाने की अपील की थी।इस पर जस्टिस सूर्यकांत की खंडपीठ ने 21 जनवरी और 25 जनवरी के उन आदेश को समाप्त कर दिया गया, जिनके तहत पांचों विधायकों पर एफआईआर दर्ज करने की अनुमति दी गई थी। पुलिस जांच के नाम पर बार-बार बुलाती हैआदेश के चलते दर्ज हुई एफआईआर पर चल रही जांच की फाईनल रिपोर्ट फिलहाल दाखिल नहीं करने के भी आदेश जारी कर दिए। मामला सिंगल बेंच को सुनवाई के लिए रेफर कर दिया गया था। अब इस मामले में अर्जी दाखिल करते हुए पांचों ने बताया कि उन्हें बार-बार जांच के नाम पर बुलाया जाता है और उन्हें आशंका है कि पुलिस उन्हें गिरफ्तार कर सकती है।विधायकों की अर्जी पर हाईकोर्ट ने दिए आदेशविधायकों की इस अर्जी पर हाईकोर्ट ने हरियाणा सरकार से जांच की स्टेटस रिपोर्ट 6 सप्ताह के भीतर दाखिल करने के आदेश दिए हैं, साथ ही अगली सुनवाई तक पांचों पूर्व विधायकों राव नरेंदर, विनोद भयाना, नरेश सेलवाल, जरनैल सिंह और रामनिवास घोड़ेला की गिरफ्तारी पर रोक लगा दी है।

एमपीएचडब्ल्यू कर्मचारियों पर चला सरकारी हंटर, हड़तालियों पर लगा एस्मा

अंबाला। लंबे वक्त से मांगों को लेकर हरियाणा के एमपीएचडब्ल्यू यानि मल्टी पर्पज हेल्थ वर्कर विंग के कर्मचारी धरने पर बैठे हैं। कर्मचारी स्वास्थ्य विभाग के खिलाफ जमकर भड़ास भी निकाल रहे हैं, ऐसे में अब सरकार ने इन कर्मचारियों की हड़ताल बंद करने के लिए सरकारी हंटर चला दिया है। स्वास्थ्य विभाग की तरफ से एस्मा लगा दिया गया है। सरकार ने मलेरिया और डेंगू बुखार के सीजन का हवाला देते हुए धरने पर बैठे इन कर्मचारियों पर एस्मा यानि एसेंशियल सर्विसेज मेंटेनेंस एक्ट लगाने का ऐलान कर दिया है। जिसकी जानकारी खुद सूबे के स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज ने अंबाला में दी।अंबाला में पत्रकारों से बातचीत के दौरान अनिल विज ने कहा कि ये लोग धरने पर बेवजह बैठे हुए हैं। सरकार ने इनकी सारी मांगें मान चुकी है।स्वास्थ्य विभाग और मुख्यमंत्री से अप्रूवल के बाद इनका मामला फाइनेंस विभाग में जा चुका है। वहां पर कुछ समय लगता है। इन्हें समझाया भी गया है पर ये मान नहीं रहे। मलेरिया और डेंगू का सीजन है और हम किसी भी हाल में स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित नहीं होने देंगे इसलिए सरकार एस्मा लगाने जा रही है।

ये है एस्मा

एस्मा यानी एसेंशियल सर्विसेज मैनेजमेंट एक्ट, गंभीर स्थिति में सेवा अनुरक्षण कानून (एस्‍मा) हड़ताल को रोकने के लिये लगाया जाता है। एस्मा लागू करने से पहले इससे प्रभावित होने वाले कर्मचारियों को किसी माध्यम से सूचित करना जरूरी है। एस्मा ज्यादातर छह महीने के लिये लगाया जा सकता है और इसके लागू होने के बाद अगर कोई कर्मचारी हड़ताल पर जाता है तो वह अवैध और दंडनीय है।

इसलिए लगाया जाता है एस्मा

कोई भी सरकार एस्मा इसलिए लगाती है क्योंकि हड़ताल की वजह से आम जनता पर बुरा प्रभाव पड़ता है। सरकार के पास एस्मा ऐसा हथियार है जिसे लगाने के बाद कर्मचारियों के आंदोलन के खत्म किया जा सकता है। एस्मा केंद्रीय कानून है जिसे 1968 में लागू किया गया था। राज्य सरकारें इस कानून को लागू करने के लिए हमेशा स्वतंत्र हैं।

मंत्री पंवार की बिगड़ी सेहत, फोर्टिस हॉस्पिटल भर्ती

चंडीगढ़। हरियाणा के परिवहन मंत्री कृष्ण लाल पंवार का गुरुवार को अचानक स्वास्थ्य बिगड़ गया. जिसके बाद उन्हें मोहाली के फोर्टिस अस्पताल में भर्ती कराया गया है। बताया जाता है कि खट्टर सरकार में परिवहन मंत्री कृष्ण लाल पंवार को गुरुवार सुबह पेट में इंफेक्शन की शिकायत हुई. जिसके बाद उन्हें आनन-फानन में फोर्टिस हॉस्पीटल में एडमिट कराया गया। आपको बता दें कि गुरुवार को परिवहन मंत्री कृष्ण लाल पंवार को अंबाला में ग्रीवेंस मीटिंग में शामिल होना था। इस बैठक में डीसी अंबाला भी शामिल होंगी। लेकिन सेहत खराब होने के चलते अब पंवार इस मीटिंग में शामिल नहीं हो पाएंगे

 


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 सिटी तहलका  डेस्क 

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