बीमार बहन को पलभर की ख़ुशी देकर आजीवन आखों में अश्रुधार भर गया दीपक -आर्मी में सिंग्नल आपरेटर था दीपक, छुटटी लेकर बीमार बहन की खबर लेने आया था दीपक, आज लौटना था वापस, रात को

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आर्मी से छुटटी लेकर अपनी बीमार बहन को देखने आए दीपक को क्या पता था कि वह
उससे आखिरी बार मिल रहा है. दीपक के घर आने पर उसका परिवार ही नहीं, बहन भी काफी खुश थी. लेकिन होनी को
कुछ और ही मंजूर था. पलभर में घर वालों और बीमार बहन की खुशी मातम में बदल गईं, किसी दवा के सेवन के बाद
दीपक की तबियत बिगडी और कुछ ही समय में उसकी मौत हो गई. उसकी मौत के बाद घर वालों का रो.रोकर बुरा हाल
है. बता दें कि पानीपत के गांव डाडौला निवासी दीपक पु़त्र कृष्ण आर्मी में सिंग्नल आॅपरेटर की पोस्ट जम्मू में कार्यरत था.
वह पांच दिन की छुटटी लेकर अपनी बीमार बहन का हालचाल लेने के लिए घर पहुंचा था. यहां पहुंचकर बहन की खराब
तबियत के मददेनजर दीपक ने 15 दिन की छुटटी और बढवा ली थी. छुटटी भी समाप्त हाने के कारण आज उसे वापस
डयूटी पर लौटना था. बताया जाता है कि शुक्रवार रात उसने किसी दवा का सेवन कर लिया, जिससे उसकी तबियत बिगड
गई. परिवार वालों ने उसे सिविल हास्पिटल में भर्ती कराया, लेकिन डाॅक्टरों ने चैकअप के उसे मृत घोषित कर दिया.
दीपक की मौत के बाद उसके घर वाले फूट.फूटकर रोने लगे. उसके पिता का कहना था कि मेरे जीने का सहारा चला
गया. उसे क्या पता था कि उसके परिवार को रोशन करने वाला दीपक आज उन्हें अंधेरे में छोडकर हमेशा के लिए परलोकवासी
हो जाएगा. बता दें कि दीपक के तीन भाइ.बहन और हैं; सबसे बडा भाई कर्मवीर मजदूरी करता है, बडी बहन की शादी कर
दी थी, जबकि छोटा भाई सुरेश भी आर्मी में जाने की तैयारी कर रहा है.पिता कृष्ण भी मजदूरी परिवार का पालन.पोषण
कर रहे हैं. दीपक की अभी शादी नहीं हुई थी. दीपक की आकस्मिक मौत के बाद पूरा गांव शोक में डूब गया है. बापौली
थाने के आईओ राजेंद्र सिंह ने मृतक दीपक के छोटे भाई सुरेश के बयान पर सीआईपीसी की धारा 174 के तहत मामला
दर्ज कर पोस्टमार्टम के बाद दीपक के शव को परिजनों को सौंप दिया.

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