देश की भूख मिटाने वाला किसान दिल्ली की चौखट पर लाठी क्यों खा रहा है ?

कृषि देश म्हारा हरियाणा विशेष स्टोरी

2 Oct ,Delhi

 

नई दिल्ली: राष्ट्रपिता महात्मा गांधी और देश के पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री की आज जयंती है l बापू हमेशा अहिंसा के रास्ते के पैरोकार रहे, पूरे देश में आज ‘अहिंसा पर्व’ मनाया जा रहा है lवहीं लाल बहादुर शास्त्री ने जय जवान और जय किसान का नारा दिया . अहिंसा के इस पर्व पर देश का जवान और किसान आमने सामने हैl

किसानों का कहना है कि फसल की वाजिब कीमत ना मिलने से किसान खुदकुशी को मजबूर हैं l आंदोलनकारी किसान मृतक किसानों के परिवार के लिए पुर्नवास की भी मांग कर रहे हैं l

किसानों पर आंसू गैस के गोले-वॉटर कैनन का इस्तेमाल

भारतीय किसान यूनियन के बैनर तले नौ दिन पहले हरिद्वार से शुरू हुई किसान क्रांति यात्रा लंबा सफर तय करते हुए आज दिल्ली के दरवाजे पर खड़ी है l किसान राजघाट से लेकर संसद भवन तक मार्च निकालना चाहते हैं l पुलिस ने किसानों को दिल्ली यूपी बॉर्डर पर रोक रखा है. सुरक्षाबलों की पूरी कोशिश है कि किसानों को किसी कीमत पर दिल्ली में दाखिल ना होने दिया जाए. इस कोशिश में आंसू गैस के गोले और वॉटर कैनन का इस्तेमाल भी किया गया है l प्रशासन की सख्ती के चलते कई किसानों को गंभीर चोटें भी आई हैं l

12 बजे राजनाथ सिंह से मिलेंगे किसान नेता

किसानों का एक प्रतिनिधिमंडल अपनी मांगों को लेकर गृहमंत्री राजनाथ सिंह से मिलेंगा l दोपहर दो बजे राजनाथ सिंह से मिलकर किसान अपनी मांगे रखेंगे l इससे पहले किसानों ने सीएम योगी आदित्यनाथ से भी बात की थी l सरकार ने मदद का अश्वासन दिया था l लेकिन किसानों का दावा है कि बातचीत फेल रही l इस बीच खबर है कि किसीनों और गृहमंत्री की मुलाकात से पहले यूपी के गन्ना मंत्री सुरेश राणा गृहमंत्री निवास के घर पहुंचे हैं l

क्या मांग कर रहे हैं किसान ?

-स्वामीनाथन कमेटी के फार्मूले के आधार पर किसानों की आय तय हो
-किसानों का पूरा कर्ज माफ किया जाए
-किसान क्रेडिट कार्ड योजना में बिना ब्याज के लोन मिले
-देश में किसानों के लिए पेंशन योजना लागू की जाए
-14 दिन में गन्ने का भुगतान सुनिश्चित किया जाए.
-एनसीआर में दस साल पुराने ट्रैक्टर पर प्रतिबंध के आदेश को वापस कराया जाए
-कामर्शियल इस्तेमाल में आने वाली चीनी का न्यूनतम मूल्य 40 रुपये किलो तय किया जाए

किसानों को रोकने के लिए क्या इंतजाम ?

किसानों को रोकने के लिए बड़ी संख्या में आरएएफ, पैरामिलिट्री फोर्स और दिल्ली पुलिस के जवानों को तैनात किया गया है l दंगा नियंत्रण वाहन, फायर ब्रिगेड की गाड़ियों की भी तैनाती की गई है l प्रशासन की कोशिश यही है कि किसानों को किसी भी तरीके से दिल्ली के अंदर दाखिल नहीं होने दिया जाए. प्रशासन ने किसानों को दिल्ली में प्रदर्शन की इजाजत नहीं दी है l संसद भवन और राजघाट के आसपास भी सुरक्षा व्यस्था बेहद चाकचौबंद कर दी गई है l दिल्ली पुलिस और गाजियाबाद ट्रैफिक पुलिस ने लोगों से संभलकर यात्रा करने की अपील की है l


by

नीरज कुमार

सिटी तहलका 

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