इंसानियत शर्मसार : कुत्‍ता बार-बार भौंका तो शराबियों ने जिंदा जला दिया

crime म्हारा हरियाणा हिसार

 

इंसानियत शर्मसार : कुत्‍ता बार-बार भौंका तो शराबियों ने जिंदा जला दिया

 

 

इंसान नशे में हैवानियत की किसी भी हद को पार कर सकता है। रोहतक में इंसानियत को शर्मसार करने वाला एक ऐसा ही मामला सामने आया है। जहां शहर की अमृत कालोनी में शराब के नशे में धुत चार-पांच युवकों ने पहले कुत्ते को बंधक बनाकर पीटा और फिर उसे पर ज्वलनशील पदार्थ डालकर आग लगा दी। कालोनी की तीन महिलाओं ने बामुश्किल कुत्ते पर पानी डालकर आग को बुझाया, लेकिन तब तक कुत्ता काफी झुलस चुका था। सूचना मिलने पर पुलिस भी मौके पर पहुंच गई थी। रविवार की देर रात से ही क्षेत्र में तनाव बना हुआ है।

बता दें कि अमृत कालोनी में एक मकान में लोहे की फैक्टरी संचालित हैं, जिसमें लोहे और तांबे का काम होता है। फैक्टरी में बाहरी मजदूर काम करते हैं। मुहल्लेवासियों का कहना है कि रविवार देर रात फैक्टरी के अंदर से कुत्ते के रोने की आवाज आई। इससे पहले कि मुहल्ले के लोग कुछ समझ पाते, फैक्टरी के अंदर से आग से जलता हुआ एक कुत्ता बाहर की तरफ भागकर आया। जो खुद की आग बुझाने के लिए जमीन पर बार-बार लेट रहा था।

ओलंपिक क्‍वालीफाई हॉकी कैंप में देश की 22 महिला खिलाडिय़ों में 11 हरियाणा से, तीन हिसार की

तभी कालोनी की रहने वाली संतोष, अंजू और इंदू ने उस पर पानी डाला और आग को बुझाया। इसके बाद मौके पर भारी भीड़ जमा हो गई। इसी दौरान कुत्ता भी झुलसी हालत में वहां से अंधेरे में कहीं निकल गया। इस घटना के बाद मुहल्ले के लोगों में रोष व्याप्त है। मुहल्लेवासियों ने तुरंत शिवाजी कालोनी थाना पुलिस को सूचना दी। जिसके बाद पुलिस भी मौके पर पहुंच गई थी। बताया जा रहा है कि कुत्ता बार-बार भौंक रहा था।

नहीं देखी इतनी निर्दयता : प्रत्यक्षदर्शी

 

 

आग बुझाने वाली संतोष, अंजू और इंदू का कहना है कि इतनी निर्दयता उन्होंने पहले कभी नहीं देखी। कुत्ते को इस तरीके से आग लगाई गई थी, जैसे किसी व्यक्ति के ऊपर पेट्रोल डालकर जलाने का प्रयास किया जाता और वह जान बचाने के लिए इधर-उधर भागता है। आरोप है कि पहले भी मजदूर कई बार नशे में धुत होकर अभद्र बर्ताव कर चुके हैं, लेकिन रविवार रात उन्होंने निर्दयता की सारी हदें ही पार कर दीं।

दीपेंद्र पर गढ़ बचाने की जिम्मेदारी, भूपेंद्र हुड्डा लड़ रहे वजूद की लड़ाई, जानें इस चुनाव के मायने

आग की चपेट में आने से गाड़ी बाल-बाल बची

अशोक कुमार, रामनिवास, अरुण, दिनेश, कृष्ण और नितिन का कहना है कि कुत्ता कालोनी में खड़ी एक कार के नीचे भी घुस गया था, जिससे उसके शरीर में लगी आग बुझ सके। ऐसे में कार भी आग की चपेट में आने से बाल-बाल बच गया। अन्यथा बड़ा नुकसान हो सकता था।

पिछले साल भी मार दिए थे पिल्ले

शहर में इस तरह की यह पहली घटना है, जिसमें कुत्ते को जिंदा जलाने का प्रयास किया गया। पिछले साल शहर में एक व्यक्ति ने कई पिल्ले मार दिए थे। जिस पर केस भी दर्ज हुआ था। शहर में कुत्तों की संख्या पर नजर डालें तो एक निजी एजेंसी के सर्वे के मुताबिक करीब 22 हजार कुत्ते हैं।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *